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योजनाएं कागज के हवाले, यमुना में गिर रहे तीस से भी ज्यादा नाले

Wed, 09 Jan 2019 12:36 AM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Wed, 09 Jan 2019 12:36 AM IST
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योजनाएं कागज के हवाले, यमुना में गिर रहे तीस से भी ज्यादा नाले
मथुरा। मोदी जी मथुरा में यमुना में गिरने वाले नालों के कारण कई जगह जल आचमन लायक भी नहीं रह गया है। प्रशासनिक रिपोर्ट की मानें तो नालों का 12 एमएलडी पानी सीधे यमुना में पहुंच रहा है। मथुरा और वृंदावन में ऐसे 37 नाले हैं जिनका पानी यमुना में जा रहा है। शासन से लेकर प्रशासन तक सब जानते हैं लेकिन खामोश हैं। अब नमामि गंगे योजना में यमुना को शामिल किया गया तो सफाई की उम्मीद जग रही है।
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मथुरा में कागजों में ही यमुना की सफाई होती रही। कभी हरियाणा से आने वाला जहरीला पानी तो कभी सीधे यमुना में गिरने वाला पानी, इसके जल को प्रदूषित करता रहा है। पिछले दिनों लाखों मछलियां मर गईं थीं। जांच में पाया गया था कि पानी इतना जहरीला हो गया जो जलीय जीवों के लिए खतरा बन रहा है।
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यमुना के नाम शासन स्तर से बजट भी जारी होता रहा लेकिन हालात नहीं सुधरे। 2002 में यमुना कार्ययोजना बनाई गई थी। 32 करोड़ का खर्च हुआ। तीन एसटीपी और आठ एसपीएस लगाए गए थे। लेकिन अब इनका संचालन ही नहीं हो पा रहा है। नालों का गंदा पानी सीधे ही यमुना में जा रहा है। अब यमुना को साफ करने के लिए नमामि गंगे योजना में शामिल किया गया है। 406 करोड़ का प्रोजेक्ट है।
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इस पर काम भी शुरू हो गया है लेकिन काम अभी दिख नहीं रहा है। यमुना के घाट भी सुधारे जाने हैं लेकिन वह भी अभी तक दावों तक ही सिमटे हैं। घाटों के सौंदर्यीकरण का काम भी बहुत सुस्ती के साथ चल रहा है।

वृंदावन में यहां गिर रहे हैं नाले
-विहारघाट, गोविंद घाट, चीरघाट, भवराघाट, कोसी ड्रेन, राजपुर नाला, अक्रूर गांव नाला।

मथुरा में गिरने वाले नाले
मसानी नाला, अंबाखार नाला, किशनगंगा घाट नाला, गऊघाट नाला, चिंताहरण पर नाला, बंगालीघाट के समीप नाला घुरवघाट के निकट नाला
चमेलदेवी कालेज के निकट नाला, बाढ़पुरा एसपीएस का ओवरफ्लो, स्वामीघाट पर ओवरफ्लो, जयसिंहपुरा का नाला व यमुना खादर में बसी 200 कालोनियों का गंदा पानी।

एनजीटी में दिया है शपथ पत्र
नगर निगम ने एनजीटी में शपथ पत्र दिया है कि 12 एमएलडी पानी यमुना में सीधे जा रहा है। निगम के पास 44 एमएलडी पानी शोधन के लिए संसाधन है। जबकि 56 एमएलडी पानी उत्सर्जित हो रहा है। हालांकि हकीकत इससे बहुत ज्यादा है।
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