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उद्योगपति के खाते से उड़ाई 24.73 लाख की रकम
Updated Mon, 06 Aug 2018 08:32 PM IST
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- फोटो : SELF
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मथुरा। स्टेट बैंक की मुख्य ब्रांच के प्रबंधक को झांसा देकर शातिरों ने महानगर की नामचीन फर्म उमा मोटर्स के बैंक खाते में सेंधमारी कर दी। शातिरों ने प्रबंधक से अपने तीन अलग-अलग बैंक खातों में 24.73 लाख रुपये की रकम ट्रांसफर करा ली। बैंक प्रबंधक ने इस मामले की रिपोर्ट कोतवाली में दर्ज कराई है।
उमा मोटर्स के स्वामी पवन चतुर्वेदी का स्टेट बैंक में खाता है। एक अगस्त को बैंक प्रबंधक राजीव कुमार राजपाल के पास किसी व्यक्ति का फोन आया जिसने अपना परिचय पवन चतुर्वेदी के रूप में देते हुए दिल्ली में होने की बात कही और कुछ रकम खाते में ट्रांसफर करने की बात कही। बैंक प्रबंधक ने बिना किसी जांच पड़ताल के रकम ट्रांसफर कर दी।
फोन करने वाले ने दो व तीन अगस्त को भी बैंक प्रबंधक को फोन कर रकम अपने तीन अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करा ली। इस दौरान बैंक प्रबंधक ने लगातार हो रहे व्यवहार की जानकारी उमा मोटर्स के स्वामी पवन चतुर्वेदी से करने का प्रयास नहीं किया। नतीजा शातिर ने रूबी, महावीर सिंह और बबलू के नाम से अलग-अलग बैंकों के खातों में 24 लाख 73 हजार 950 रुपये की रकम को ट्रांसफर करा ली। इतनी बड़ी रकम ट्रांसफर हो जाने का पता लगने के बाद पवन चतुर्वेदी ने बैंक प्रबंधक से संपर्क किया। हकीकत का पता लगने के बाद बैंक प्रबंधक ने रूबी, महावीर सिंह और बबलू के खिलाफ कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
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उमा मोटर्स के स्वामी पवन चतुर्वेदी ने बताया कि बैंक प्रबंधक ने उनसे बिना जानकारी किए रकम खातों में ट्रांसफर कर दी थी। कोतवाली प्रभारी ने बताया कि जिन खातों में रकम ट्रांसफर हुई है उन बैंकों के प्रबंधकों से जानकारी मांगी गई है। खातों में ट्रांसफर हुई रकम को एटीएम के माध्यम से निकाल लिया गया है।
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उमा मोटर्स के स्वामी पवन चतुर्वेदी का स्टेट बैंक में खाता है। एक अगस्त को बैंक प्रबंधक राजीव कुमार राजपाल के पास किसी व्यक्ति का फोन आया जिसने अपना परिचय पवन चतुर्वेदी के रूप में देते हुए दिल्ली में होने की बात कही और कुछ रकम खाते में ट्रांसफर करने की बात कही। बैंक प्रबंधक ने बिना किसी जांच पड़ताल के रकम ट्रांसफर कर दी।
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फोन करने वाले ने दो व तीन अगस्त को भी बैंक प्रबंधक को फोन कर रकम अपने तीन अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करा ली। इस दौरान बैंक प्रबंधक ने लगातार हो रहे व्यवहार की जानकारी उमा मोटर्स के स्वामी पवन चतुर्वेदी से करने का प्रयास नहीं किया। नतीजा शातिर ने रूबी, महावीर सिंह और बबलू के नाम से अलग-अलग बैंकों के खातों में 24 लाख 73 हजार 950 रुपये की रकम को ट्रांसफर करा ली। इतनी बड़ी रकम ट्रांसफर हो जाने का पता लगने के बाद पवन चतुर्वेदी ने बैंक प्रबंधक से संपर्क किया। हकीकत का पता लगने के बाद बैंक प्रबंधक ने रूबी, महावीर सिंह और बबलू के खिलाफ कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
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उमा मोटर्स के स्वामी पवन चतुर्वेदी ने बताया कि बैंक प्रबंधक ने उनसे बिना जानकारी किए रकम खातों में ट्रांसफर कर दी थी। कोतवाली प्रभारी ने बताया कि जिन खातों में रकम ट्रांसफर हुई है उन बैंकों के प्रबंधकों से जानकारी मांगी गई है। खातों में ट्रांसफर हुई रकम को एटीएम के माध्यम से निकाल लिया गया है।