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परिषदीय स्कूलों में नहीं आईं पाठ्य पुस्तकें
Updated Sun, 10 Jun 2018 10:56 PM IST
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मैनपुरी। एक तरफ सरकार परिषदीय और राजकीय स्कूलों के छात्र-छात्राओं का कॉन्वेंट स्कूलों के साथ मुकाबला करा रही है। वहीं सुविधाओं के नाम पर उनसे कोसों दूर है। ऐसे में किस प्रकार से संभव होगा कि परिषदीय स्कूलों के छात्र-छात्राएं कॉन्वेंट स्कूलों के छात्र-छात्राओं से मुकाबला कर सकेंगे। सर्व शिक्षा अभियान के तहत बच्चों को वितरित की जाने वाली पाठ्य पुस्तकें शिक्षा सत्र को दो माह बीतने के बाद भी उपलब्ध नहीं हो सकी हैं। वहीं, कॉन्वेंट स्कूलों में एक तिहाई कोर्स तक पूरा हो चुका है।
परिषदीय स्कूलों में सर्व शिक्षा अभियान के तहत छात्र-छात्राओं को नि:शुल्क पाठ्य पुस्तकें उपलब्ध कराने की व्यवस्था है। शिक्षा सत्र के दो माह बीतने के बाद भी पाठ्य पुस्तकें उपलब्ध नहीं हो सकी हैं। इसके चलते पूरी तरह से बच्चों का कोर्स प्रभावित होने की संभावना बढ़ गई है। विभागीय सूत्रों की मानें तो अभी तक कक्षा एक से छह तक की एक भी पाठ्य पुस्तक उपलब्ध नहीं हुई है कक्षा सात और आठ में कुछ पाठ्य पुस्तकें उपलब्ध हुई हैं जो भी अभी अधूरी हैं। भले ही परिषदीय स्कूलों के छात्र-छात्राओं को अभी तक पाठ्य पुस्तकें उपलब्ध न हो सकी हों, लेकिन जुलाई में छात्र-छात्राओं की प्रथम तिमाही परीक्षा निर्धारित है। जब कोर्स शुरू ही नहीं हुआ तो आखिर छात्र-छात्राएं तिमाही परीक्षा में प्रश्नों के क्या उत्तर देंगे?।
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परिषदीय स्कूलों में सर्व शिक्षा अभियान के तहत छात्र-छात्राओं को नि:शुल्क पाठ्य पुस्तकें उपलब्ध कराने की व्यवस्था है। शिक्षा सत्र के दो माह बीतने के बाद भी पाठ्य पुस्तकें उपलब्ध नहीं हो सकी हैं। इसके चलते पूरी तरह से बच्चों का कोर्स प्रभावित होने की संभावना बढ़ गई है। विभागीय सूत्रों की मानें तो अभी तक कक्षा एक से छह तक की एक भी पाठ्य पुस्तक उपलब्ध नहीं हुई है कक्षा सात और आठ में कुछ पाठ्य पुस्तकें उपलब्ध हुई हैं जो भी अभी अधूरी हैं। भले ही परिषदीय स्कूलों के छात्र-छात्राओं को अभी तक पाठ्य पुस्तकें उपलब्ध न हो सकी हों, लेकिन जुलाई में छात्र-छात्राओं की प्रथम तिमाही परीक्षा निर्धारित है। जब कोर्स शुरू ही नहीं हुआ तो आखिर छात्र-छात्राएं तिमाही परीक्षा में प्रश्नों के क्या उत्तर देंगे?।
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