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रेलवे भर्ती के फीस रिफंडिंग में साइबर कैफे संचालकों का घालमेल
Updated Wed, 28 Mar 2018 11:13 PM IST
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फिरोजाबाद/टूंडला।रेलवे में नौकरी के लिए रेल मंत्रालय द्वारा निकाली गई हजारों भर्तियों के आनलाइन फार्म भरे जा रहे हैं। रेलवे बोर्ड द्वारा आवेदकों को दिए जाने वाले रिफंड में साइबर कैफे संचालकों ने घालमेल शुरू कर दिया। वे फार्म भरने वाले आवेदकों के एकाउंट नंबर की बजाए अपना एकाउंट नंबर डाल कर हजारों रुपये का आवेदकों को चूना लगा रहे हैं। बुधवार को पीड़ित आवेदकों ने एसडीएम से शिकायत कर सायबर कैफे संचालकों के विरुद्घ शिकायत की तो पुलिस ने तीन संचालकों को हिरासत में ले लिया।
भर्तियों में सामान्य व ओबीसी के आवेदकों से 500 सौ रुपये और एससी-एसटी के आवेदकों से 250 रुपये बतौर शुल्क आनलाइन लिया जा रहा है। रेल मंत्रालय ने शुल्क से वापसी का प्रावधान रखा है। इसमें मंत्रालय द्वारा सामान्य व ओबीसी के आवेदकों को 100 रुपये काटकर 400 रुपये और एससी-एसटी को पूरे 250 रुपये का रिफंड दिया जाएगा ।
आनलाइन फार्म भरने के लिए आवेदकों को साइबर कैफे संचालकों के पास जाना पड़ रहा है। ऐसे आवेदकों को जिन्हें फार्म भरने एवं शुल्क के नियम आदि की जानकारी नहीं हैं उन्हें कैफे संचालक चूना लगा रहे हैं। कैफे संचालक शुल्क रिफंडिंग के लिए आवेदक के एकाउंट नंबर की जगह अपना एकाउंट नंबर डाल रहे हैं। ऐेसे में जो पैसा आवेदक के बैंक एकाउंट में आना चाहिए वह कैफे संचालकों के एकाउंट में चला जाता है।
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बुधवार को कई आवेदकों ने उपजिलाधिकारी डा. सुरेश कुमार को शिकायती पत्र देते हुए कैफे संचालकों के विरुद्घ कार्रवाई की मांग की। मामले को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम ने थाना प्रभारी को आदेश दिए। पुलिस ने स्टेशनरोड सुभाष चौराहा व आगरा रोड स्थित एक साइबर कैफे सहित तीन साइबर संचालकों को हिरासत में ले लिया। पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है।
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भर्तियों में सामान्य व ओबीसी के आवेदकों से 500 सौ रुपये और एससी-एसटी के आवेदकों से 250 रुपये बतौर शुल्क आनलाइन लिया जा रहा है। रेल मंत्रालय ने शुल्क से वापसी का प्रावधान रखा है। इसमें मंत्रालय द्वारा सामान्य व ओबीसी के आवेदकों को 100 रुपये काटकर 400 रुपये और एससी-एसटी को पूरे 250 रुपये का रिफंड दिया जाएगा ।
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आनलाइन फार्म भरने के लिए आवेदकों को साइबर कैफे संचालकों के पास जाना पड़ रहा है। ऐसे आवेदकों को जिन्हें फार्म भरने एवं शुल्क के नियम आदि की जानकारी नहीं हैं उन्हें कैफे संचालक चूना लगा रहे हैं। कैफे संचालक शुल्क रिफंडिंग के लिए आवेदक के एकाउंट नंबर की जगह अपना एकाउंट नंबर डाल रहे हैं। ऐेसे में जो पैसा आवेदक के बैंक एकाउंट में आना चाहिए वह कैफे संचालकों के एकाउंट में चला जाता है।
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बुधवार को कई आवेदकों ने उपजिलाधिकारी डा. सुरेश कुमार को शिकायती पत्र देते हुए कैफे संचालकों के विरुद्घ कार्रवाई की मांग की। मामले को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम ने थाना प्रभारी को आदेश दिए। पुलिस ने स्टेशनरोड सुभाष चौराहा व आगरा रोड स्थित एक साइबर कैफे सहित तीन साइबर संचालकों को हिरासत में ले लिया। पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है।