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व्हाट्स एप ग्रुप से जुड़े थे एटा के 36 परिचालक
Updated Sun, 07 Jan 2018 10:51 PM IST
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व्हाट्स एप
- फोटो : SOCIAL MEDIA
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एटा। रोडवेज परिचालक के व्हाट्स एप ग्रुप में एटा डिपो के 36 परिचालक जुड़े थे। वहीं अन्य 100 परिचालक प्रदेश भर की अलग-अलग डिपो से संबद्ध है। रोडवेज परिचालकों के व्हाट्सएप ग्रुप मामले में जांच अब रफ्तार पकड़ रही है। प्रबंध निदेशक के निर्देश के बाद निगम अफसरों और परिचालकों में हड़कंप है। सूत्र बताते हैं कि परिचालकों के खिलाफ कार्रवाई निगम मुख्यालय स्तर से की जाएगी।
विगत दिनों रोडवेज परिचालकों का एक व्हाट्सएप ग्रुप सामने आया था। इसमें परिचालक जांच टीम की लोकेशन एक-दूसरे को साझा करते थे। इससे परिवहन विभाग को प्रतिदिन लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा था। मामला खुलने के बाद शासन स्तर से जांच तय की गई। इस पर प्रबंध निदेशक ने मामले में आरएम और एआरएम को जांच के निर्देश दिए। जांच के दौरान साइबर सेल के माध्यम से मंगाई गई परिचालकों की सूची में 36 परिचालक एटा डिपो के सामने आए हैं। वहीं अन्य परिचालक प्रदेश की विभिन्न डिपो में कार्यरत हैं।
प्रबंध निदेशक ने ग्रुप से जुड़े सभी परिचालकों की रिपोर्ट तलब की है। उधर, प्रबंध निदेशक की सख्ती को लेकर निगम के अधिकारियों में हड़कंप है। आलम यह है कि कर्मचारी मामले से बचने के लिए अफसरों के पास पहुंच रहे हैं। सूत्र बताते हैं कि जिले के एक सत्ता पक्ष के जनप्रतिनिधि मामले में एक परिचालक की सिफारिश कर रहे हैं लेकिन शासन की सख्ती के चलते अधिकारी सिफारिशों को दरकिनार कर रहे हैं। एआरएम का कहना है कि मामले की जांच चल रही है। जल्द रिपोर्ट भेजी जाएगी।
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विगत दिनों रोडवेज परिचालकों का एक व्हाट्सएप ग्रुप सामने आया था। इसमें परिचालक जांच टीम की लोकेशन एक-दूसरे को साझा करते थे। इससे परिवहन विभाग को प्रतिदिन लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा था। मामला खुलने के बाद शासन स्तर से जांच तय की गई। इस पर प्रबंध निदेशक ने मामले में आरएम और एआरएम को जांच के निर्देश दिए। जांच के दौरान साइबर सेल के माध्यम से मंगाई गई परिचालकों की सूची में 36 परिचालक एटा डिपो के सामने आए हैं। वहीं अन्य परिचालक प्रदेश की विभिन्न डिपो में कार्यरत हैं।
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प्रबंध निदेशक ने ग्रुप से जुड़े सभी परिचालकों की रिपोर्ट तलब की है। उधर, प्रबंध निदेशक की सख्ती को लेकर निगम के अधिकारियों में हड़कंप है। आलम यह है कि कर्मचारी मामले से बचने के लिए अफसरों के पास पहुंच रहे हैं। सूत्र बताते हैं कि जिले के एक सत्ता पक्ष के जनप्रतिनिधि मामले में एक परिचालक की सिफारिश कर रहे हैं लेकिन शासन की सख्ती के चलते अधिकारी सिफारिशों को दरकिनार कर रहे हैं। एआरएम का कहना है कि मामले की जांच चल रही है। जल्द रिपोर्ट भेजी जाएगी।
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