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जीएसटी के खिलाफ 30 को बंद रहेंगे बाजार
Updated Wed, 28 Jun 2017 11:13 PM IST
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जीएसटी मामले में बातचीत करते व्यापारी
- फोटो : अमर उजाला
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मैनपुरी। जीएसटी के विरोध में 30 जून के देशव्यापी बंद को स्थानीय व्यापारियों ने भी समर्थन देने की घोषणा की है। इस संबंध में उत्तर प्रदेश व्यापार मंडल के प्रदेश उपाध्यक्ष रामबाबू कुशवाह ने शुक्रवार को शहर से लेकर देहात तक सभी बाजार बंद करने की घोषणा की है। उनका सभी व्यापारियों ने साथ देने की बात कही है।
स्थानीय होटल में हुई बैठक में प्रदेश उपाध्यक्ष ने कहा कि व्यापारियों के ऊपर पहले से ही इतने कर हैं। इसके बाद जीएसटी और थोप दिया गया है। यदि केंद्र सरकार इसी प्रकार मनमानी करती रही तो व्यापारी आत्महत्या करने को मजबूर हो जाएंगे। टैक्स के नाम पर अधिकारी व्यापारियों का और शोषण करना शुरू कर देंगे। जीएसटी को व्यापारी समझ नहीं पा रहे है। ऊपर से इसके लागू होने की तिथि भी नजदीक आ गई है।
उन्होंने कहा कि सरकार को चाहिए था कि वह पहले छह माह तक जीएसटी का ट्रायल करती। उसके बाद इसे देशभर में चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाता। इसके उलट सरकार ने तुगलगी फरमान जारी कर इसे एक साथ पूरे देश में बिना तैयारियों के लागू करने की घोषणा कर दी। इसका सभी व्यापारी एक स्वर में विरोध करेंगे। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष सोम प्रकाश गुप्ता, नीरज बैजल, नीलेश जैन, राजेश गुप्ता, राजू अरोरा, राजीव कुमार आदि मौजूद रहे।
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उधर, जीएसटी लागू होने की तिथि नजदीक आने के साथ ही बाजार में व्यापारियों के बीच अफवाहों का दौर भी बढ़ता जा रहा है। इसका कारण व्यापारियों में जीएसटी के प्रति जानकारी का अभाव होना और संबंधित वकील व अधिकारियों से बातचीत न करना है। वहीं व्यापारी कंप्यूटर एवं डाटा एंट्री पर होने वाले खर्चे को लेकर भी परेशान है। यही कारण है कि जीएसटी हौव्वा व्यापारियो को हर पल डरा रहा है।
जीएसटी पर आयकर अधिवक्ता दीपक अग्रवाल का कहना है कि व्यापारियों में जीएसटी की दहशत इसलिए है क्योंकि इसके बारे में किसी को भी जानकारी नहीं है। यही नहीं व्यापारी किसी जानकार वकील या विभाग के अधिकारी से बातचीत करने के स्थान पर बाजार में उड़ रही अफवाहों पर ध्यान दे रहे हैं। यही कारण है कि बाजार में जीएसटी का हौव्वा सभी को डरा रहा है। जबकि इसके लागू होने के कुछ ही दिनों बाद सबकुछ सामान्य हो जाएगा। व्यापारियों को चाहिए कि वे जानकार वकीलों के पास जाकर जीएसकी को करीब से समझें तब उन्हें कोई परेशानी नहीं होगी।
वाणिज्यकर अधिवक्ता राजीव कुलश्रेष्ठ का कहना है कि बाजार में जीएसटी को लेकर अभी कोई भी व्यापारी तैयार नहीं है। न तो दुकानों पर कंप्यूटर हैं न नेट कनेक्शन और साफ्टवेयर की बात तो बहुत दूर की है। ऐसे में जीएसटी लागू करना हवाई बातें करने के समान हैं। ऐसे में सरकार को चाहिए कि वह जीएसटी लागू करने पहले सभी आधारभूत तैयारियां कर ले। उसके बाद उसे लागू करे। अन्यथा बाजार में अराजकता की स्थिति पैदा हो जाएगी। यही नहीं विभाग ने अभी तक व्यापारियों को खाता सख्या तक जारी नहीं की है। ऐसे में वह डाटा फीडिंग कहां करेंगे।
इसी प्रकार आयकर अधिवक्ता संदीप अग्रवाल का कहना है कि जीएसटी सही है लेकिन इसको लागू चरण बद्ध तरीके से किया जाना था।यही नहीं इससे पहले व्यापारियों के लिए जागरुकता शिविर लगाए जाते। वहीं विभाग में भी एक हेल्प डेस्क बनाई जानी चाहिए थी। ताकि व्यापारियों की दिक्कतें दूर हो जातीं।
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स्थानीय होटल में हुई बैठक में प्रदेश उपाध्यक्ष ने कहा कि व्यापारियों के ऊपर पहले से ही इतने कर हैं। इसके बाद जीएसटी और थोप दिया गया है। यदि केंद्र सरकार इसी प्रकार मनमानी करती रही तो व्यापारी आत्महत्या करने को मजबूर हो जाएंगे। टैक्स के नाम पर अधिकारी व्यापारियों का और शोषण करना शुरू कर देंगे। जीएसटी को व्यापारी समझ नहीं पा रहे है। ऊपर से इसके लागू होने की तिथि भी नजदीक आ गई है।
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उन्होंने कहा कि सरकार को चाहिए था कि वह पहले छह माह तक जीएसटी का ट्रायल करती। उसके बाद इसे देशभर में चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाता। इसके उलट सरकार ने तुगलगी फरमान जारी कर इसे एक साथ पूरे देश में बिना तैयारियों के लागू करने की घोषणा कर दी। इसका सभी व्यापारी एक स्वर में विरोध करेंगे। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष सोम प्रकाश गुप्ता, नीरज बैजल, नीलेश जैन, राजेश गुप्ता, राजू अरोरा, राजीव कुमार आदि मौजूद रहे।
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उधर, जीएसटी लागू होने की तिथि नजदीक आने के साथ ही बाजार में व्यापारियों के बीच अफवाहों का दौर भी बढ़ता जा रहा है। इसका कारण व्यापारियों में जीएसटी के प्रति जानकारी का अभाव होना और संबंधित वकील व अधिकारियों से बातचीत न करना है। वहीं व्यापारी कंप्यूटर एवं डाटा एंट्री पर होने वाले खर्चे को लेकर भी परेशान है। यही कारण है कि जीएसटी हौव्वा व्यापारियो को हर पल डरा रहा है।
जीएसटी पर आयकर अधिवक्ता दीपक अग्रवाल का कहना है कि व्यापारियों में जीएसटी की दहशत इसलिए है क्योंकि इसके बारे में किसी को भी जानकारी नहीं है। यही नहीं व्यापारी किसी जानकार वकील या विभाग के अधिकारी से बातचीत करने के स्थान पर बाजार में उड़ रही अफवाहों पर ध्यान दे रहे हैं। यही कारण है कि बाजार में जीएसटी का हौव्वा सभी को डरा रहा है। जबकि इसके लागू होने के कुछ ही दिनों बाद सबकुछ सामान्य हो जाएगा। व्यापारियों को चाहिए कि वे जानकार वकीलों के पास जाकर जीएसकी को करीब से समझें तब उन्हें कोई परेशानी नहीं होगी।
वाणिज्यकर अधिवक्ता राजीव कुलश्रेष्ठ का कहना है कि बाजार में जीएसटी को लेकर अभी कोई भी व्यापारी तैयार नहीं है। न तो दुकानों पर कंप्यूटर हैं न नेट कनेक्शन और साफ्टवेयर की बात तो बहुत दूर की है। ऐसे में जीएसटी लागू करना हवाई बातें करने के समान हैं। ऐसे में सरकार को चाहिए कि वह जीएसटी लागू करने पहले सभी आधारभूत तैयारियां कर ले। उसके बाद उसे लागू करे। अन्यथा बाजार में अराजकता की स्थिति पैदा हो जाएगी। यही नहीं विभाग ने अभी तक व्यापारियों को खाता सख्या तक जारी नहीं की है। ऐसे में वह डाटा फीडिंग कहां करेंगे।
इसी प्रकार आयकर अधिवक्ता संदीप अग्रवाल का कहना है कि जीएसटी सही है लेकिन इसको लागू चरण बद्ध तरीके से किया जाना था।यही नहीं इससे पहले व्यापारियों के लिए जागरुकता शिविर लगाए जाते। वहीं विभाग में भी एक हेल्प डेस्क बनाई जानी चाहिए थी। ताकि व्यापारियों की दिक्कतें दूर हो जातीं।