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आगरा में 400 परिवार छोड़कर चले गए कांशीराम आवास, ये है वजह

Fri, 25 May 2018 05:43 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा Updated Fri, 25 May 2018 05:43 PM IST
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400 families left houses of Kanshiram Awas Yojna
यमुनापार बने कांशीराम आवास - फोटो : अमर उजाला
आगरा में गरीबों के लिए यमुना पार के कालिंदी विहार में बने कांशीराम आवासों से लोग पलायन कर रहे हैं। यहां न तो लोगों को पानी की सुविधा मिल रही है और न ही आवासों की हालत अब रहने लायक बची है। 
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आलम यह है कि यहां छह ब्लाकों में बने लगभग 1300 आवासों में से पिछले एक साल में 400 से अधिक परिवार आवासों को खाली कर गए हैं। आवासों की हालत भी काफी जर्जर हो चुकी है।
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2007 में बसपा शासन में तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती ने कांशीराम आवास योजना की घोषणा की थी। 2008-09 में यहां आवास बनने का कार्य प्रारंभ हुआ। 2011-12 में पात्रों को मुफ्त में आवास उपलब्ध कराए गए। 
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जर्जर हुई इमारतें

उस समय गरीबों को लगा कि उनके सिर पर छत आ गई। अब तो सारी परेशानियां दूर हो जाएंगी, लेकिन थोड़े समय बाद ही लोगों का यहां से मोह भंग होने लगा। 

आवासों की हालत भी काफी खराब हो गई है। जगह-जगह से प्लास्टर झड़ने के साथ ही दीवारों में भी दरारें आ गई हैं। मगर, अब इनकी सुध लेना वाला कोई नहीं है। 

यहां रहने वाले लोगों ने बताया कि पिछले दिनों आए आंधी-तूफान के दौरान तो कुछ आवासों से प्लास्टर झड़ गया। डर के कारण लोग आवासों को खाली कर बाहर निकल गए थे। 

किराये पर उठाए आवास

कांशीराम आवासों को सरकार ने जिन गरीब लोगों को आवंटित किया था, वे तो यहां से धीरे-धीरे पलायन कर रहे हैं। मगर, कुछ लोग आवासों को किराये पर देकर चांदी भी काट रहे हैं। 

अन्य प्रदेशों से आने वाले मजदूर वर्ग को यहां सस्ती दरों में किराये पर आवास उपलब्ध करा दिए जाते हैं। वर्तमान में लगभग 250 परिवार यहां बतौर किरायेदार रह रहे हैं।

स्थानीय निवासी डॉली ने बताया कि उनका परिवार नौ साल से यहां रह रहा है, पानी और शौचालयों की विकट समस्या है। सीवर समस्या के कारण यहां आए दिन यहां लड़ाई-झगड़ा होता रहता हैं।

लक्ष्मी का कहना है कि सभी ब्लाकों के आवासों की हालत काफी जर्जर है। आंधी-तूफान आने पर लोग घरों को छोड़कर बाहर निकल जाते हैं। हमारी कोई सुनने वाला नहीं है।
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