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UP SIR: आगरा के 4.70 लाख मतदाताओं पर संकट, साक्ष्य न दिए तो वोटर लिस्ट से कट जाएगा नाम
Fri, 05 Dec 2025 09:12 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Fri, 05 Dec 2025 09:12 AM IST
सार
आगरा में जैसे-जैसे एसआईआर का सर्वे आगे बढ़ रहा है। वैसे ही भारी संख्या में मृत अथवा कई स्थानों पर वोट डालने वाले मतदाताओं के नाम लिस्ट से बाहर होते जा रहे हैं।
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वोटर लिस्ट
- फोटो : Istock
विस्तार
आगरा में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच गई है। नौ विधानसभा क्षेत्रों में 36 लाख से अधिक मतदाता हैं। जिनमें करीब 4.70 लाख मतदाता ऐसे चिह्नित हुए हैं जो अनुपस्थित, मृतक, डुप्लीकेट या स्थानांतरित हो चुके हैं। इनके नाम ड्राफ्ट सूची में काटे जा रहे हैं।
सार्वजनिक स्थलों के अलावा पंचायत भवन, विद्यालय, पोलिंग बूथ व तहसील में ड्राफ्ट सूची को चस्पा किया जा रहा है। इन मतदाताओं पर अंतिम निर्णय लेने के लिए बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) और बूथ लेवल एजेंट(बीएलए) की बैठकों का दौर शुरू हो चुका है। 11 दिसंबर एसआईआर की अंतिम तिथि है। उप जिला निर्वाचन अधिकारी यमुनाधर चौहान ने बताया कि गणना प्रपत्रों के डिजिटलीकरण का कार्य भी लगभग पूर्ण हो गया है।
बाह में सबसे ज्यादा 95 प्रतिशत और छावनी क्षेत्र में सबसे कम 71 प्रतिशत मतदाताओं के गणना प्रपत्र डिजिटल हुए हैं। जिन मतदाताओं के नाम ड्रॉफ्ट सूची में शामिल नहीं होंगे, उन्हें जिला निर्वाचन कार्यालय की तरफ से नोटिस जारी किए जाएंगे। उन्हें मतदाता होने के संबंध में साक्ष्य प्रस्तुत करने पड़ेंगे। 4 नवंबर को जिले की नौ विधानसभा क्षेत्र में एसआईआर शुरू हुआ था। 3696 बीएलओ की ड्यूटी लगाई गई है।उप जिला निर्वाचन अधिकारी के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में 200 से अधिक बूथ ऐसे हैं जहां 100 प्रतिशत डिजिटलीकरण हो चुका है। जबकि शहरी क्षेत्र में 150 बूथ ऐसे हैं जहां 99 प्रतिशत मतदाताओं के गणना फॉर्म डिजिटल हो चुके हैं।
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सार्वजनिक स्थलों के अलावा पंचायत भवन, विद्यालय, पोलिंग बूथ व तहसील में ड्राफ्ट सूची को चस्पा किया जा रहा है। इन मतदाताओं पर अंतिम निर्णय लेने के लिए बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) और बूथ लेवल एजेंट(बीएलए) की बैठकों का दौर शुरू हो चुका है। 11 दिसंबर एसआईआर की अंतिम तिथि है। उप जिला निर्वाचन अधिकारी यमुनाधर चौहान ने बताया कि गणना प्रपत्रों के डिजिटलीकरण का कार्य भी लगभग पूर्ण हो गया है।
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बाह में सबसे ज्यादा 95 प्रतिशत और छावनी क्षेत्र में सबसे कम 71 प्रतिशत मतदाताओं के गणना प्रपत्र डिजिटल हुए हैं। जिन मतदाताओं के नाम ड्रॉफ्ट सूची में शामिल नहीं होंगे, उन्हें जिला निर्वाचन कार्यालय की तरफ से नोटिस जारी किए जाएंगे। उन्हें मतदाता होने के संबंध में साक्ष्य प्रस्तुत करने पड़ेंगे। 4 नवंबर को जिले की नौ विधानसभा क्षेत्र में एसआईआर शुरू हुआ था। 3696 बीएलओ की ड्यूटी लगाई गई है।उप जिला निर्वाचन अधिकारी के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में 200 से अधिक बूथ ऐसे हैं जहां 100 प्रतिशत डिजिटलीकरण हो चुका है। जबकि शहरी क्षेत्र में 150 बूथ ऐसे हैं जहां 99 प्रतिशत मतदाताओं के गणना फॉर्म डिजिटल हो चुके हैं।
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