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Agra News: बारिश से 380 हेक्टेयर मूंगफली की फसल होगी बर्बाद
Sun, 30 Jun 2024 02:07 AM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Updated Sun, 30 Jun 2024 02:07 AM IST
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कासगंज। तपती गर्मी में सूख रही मूंगफली की फसल के लिए जो किसान बारिश होने का बेसब्री से इंतजार कर रहा था वही बारिश अब किसान के लिए चिंता का कारण बन गई है। बारिश से 380 हेक्टेयर फसल पर बर्बादी का संकट पैदा हो गया है। किसानों को लाखों रुपये के फटक लग सकता है।
मूंगफली की बढ़ती मांग को देखते हुए किसान का रुख फिर से इस फसल की ओर हो गया। कृषि विभाग के आंकड़ों में 980 हेक्टेयर क्षेत्रफल में मूंगफली की फसल बोई गई। इसमें 600 हेक्टेयर फसल की खुदाई की जा चुकी है। अभी 380 हेक्टेयर फसल खेतों में रह गई है। इस बार फसल काफी अच्छी मानी जा रही थी। बाजार में इस समय 6000 रुपये क्विंटल तक का भाव चल रहा है। जिससे किसान को इस फसल को बाजार में बेचने पर 4.56 करोड रुपये तक मिल जाता, लेकिन तीन दिन से लगातार हो रही बारिश ने किसान की बर्बादी की दास्तान लिख दी है।
मैने छह बीघा में मूंगफली की फसल पैदा की है। इतने क्षेत्र में 25 क्विंटल तक फसल का उत्पादन हो जाता है। इस फसल को बाजार में बेचने पर डेढ़ लाख रुपये तक मिलने का अनुमान था, लेकिन खेत में पानी भर जाने से उत्पादन पर असर पडेगा- चंद्र शेखर, किसान
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मैने चार बीघा में फसल उगाई है। खेत में पानी भर जाने से फसल को नुकसान हुआ है। फसल का रंग बदल सकता है। यदि जल्द धूप नहीं निकली तो फसल काली हो जाएगी, जिससे इस फसल का बाजार में भाव भी नही मिलेगा। फसल में फिर से किल्ला फूटने का खतरा है- रामपाल, किसान
जायद की फसल के तहत बोई गई मूंगफली की 60 प्रतिशत तक फसल की खुदाई हो चुकी है। 40 प्रतिशत फसल की खुदाई शेष रह गई है। लगातार हो रही बारिश से इस फसल को काफी नुकसान होने का अनुमान है। अवधेश मिश्र, जिला कृषि अधिकारी
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मूंगफली की बढ़ती मांग को देखते हुए किसान का रुख फिर से इस फसल की ओर हो गया। कृषि विभाग के आंकड़ों में 980 हेक्टेयर क्षेत्रफल में मूंगफली की फसल बोई गई। इसमें 600 हेक्टेयर फसल की खुदाई की जा चुकी है। अभी 380 हेक्टेयर फसल खेतों में रह गई है। इस बार फसल काफी अच्छी मानी जा रही थी। बाजार में इस समय 6000 रुपये क्विंटल तक का भाव चल रहा है। जिससे किसान को इस फसल को बाजार में बेचने पर 4.56 करोड रुपये तक मिल जाता, लेकिन तीन दिन से लगातार हो रही बारिश ने किसान की बर्बादी की दास्तान लिख दी है।
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मैने छह बीघा में मूंगफली की फसल पैदा की है। इतने क्षेत्र में 25 क्विंटल तक फसल का उत्पादन हो जाता है। इस फसल को बाजार में बेचने पर डेढ़ लाख रुपये तक मिलने का अनुमान था, लेकिन खेत में पानी भर जाने से उत्पादन पर असर पडेगा- चंद्र शेखर, किसान
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मैने चार बीघा में फसल उगाई है। खेत में पानी भर जाने से फसल को नुकसान हुआ है। फसल का रंग बदल सकता है। यदि जल्द धूप नहीं निकली तो फसल काली हो जाएगी, जिससे इस फसल का बाजार में भाव भी नही मिलेगा। फसल में फिर से किल्ला फूटने का खतरा है- रामपाल, किसान
जायद की फसल के तहत बोई गई मूंगफली की 60 प्रतिशत तक फसल की खुदाई हो चुकी है। 40 प्रतिशत फसल की खुदाई शेष रह गई है। लगातार हो रही बारिश से इस फसल को काफी नुकसान होने का अनुमान है। अवधेश मिश्र, जिला कृषि अधिकारी