फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   361 dates in 39 years, finally file filing office

Agra News: 39 साल में 361 तारीख, अंत में फाइल दाखिल दफ्तर

Sat, 27 May 2023 10:56 PM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा Updated Sat, 27 May 2023 10:56 PM IST
विज्ञापन
361 dates in 39 years, finally file filing office
मैनपुरी।
विज्ञापन

थाना कोतवाली क्षेत्र में 42 साल पहले घर से एक युवक को ले जाकर हत्या करने के मुकदमे में 361 तारीखें लग चुकी हैं। फरार नौ आरोपी पुलिसकर्मियों की अभी तक गिरफ्तार नहीं हो सकी हैं। सीजेएम ने शनिवार को उनके खिलाफ स्थायी रूप से गिरफ्तारी और कुर्की वारंट जारी करके फाइल को दाखिल दफ्तर किया है।
कोतवाली क्षेत्र में देवी रोड पर ईशन नदी पुल के पास 20 अक्तूबर 1981 को मोहल्ला सोतियाना निवासी रमाकांत पाठक का कोतवाली पुलिस ने एनकाउंटर किया था। रमाकांत के पिता रामशंकर की शिकायत पर हुई सीबीसीआईडी जांच में तत्कालीन सीओ शीलभद्र धर द्विवेदी, इंस्पेक्टर प्रमेंद्र सिंह, एसआई होतीलाल यादव, महावीर सिंह, वीरेंद्र सिंह, सतीश मोहन गोस्वामी, मोहर सिंह वर्मा, कांस्टेबल गेंदालाल, रामलाल, ध्रुव नरायन, चंद्रभान, जीप चालक राजपाल सिंह को रमाकांत को घर से ले जाकर हत्या करने का दोषी पाया गया था। सीबीसीआईडी ने जांच के बाद वर्ष 1984 में अदालत चार्जशीट दाखिल कर दी थी।
विज्ञापन

सीजेएम न्यायालय से लगातार इस मुकदमे में आरोपी पुलिस कर्मियों के वारंट जारी किए जा रहे हैं। पुलिस कर्मियों के हाजिर नहीं होने और पुलिस द्वारा नहीं पकड़े जाने पर उनके कुर्की वारंट तक जारी हो चुके हैं। तीन साल पहले तत्कालीन सीजेएम तेंद्रपाल ने आरोपी पुलिस कर्मियों को फरार घोषित करके उनकी कुर्की कराने के आदेश डीजीपी और गृह सचिव को दिए थे। लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है। सीजेएम भूलेराम ने शनिवार को नौ आरोपी पुलिस कर्मियों के स्थायी रूप से कुर्की और गिरफ्तारी वारंट जारी करके फाइल को दाखिल दफ्तर करने को कहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

------
यह था मामला सोतियाना निवासी रमाकांत पाठक को कोतवाली पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराने का दावा किया। उसके शव के पास से तमंचा बरामद करके पुलिस ने रमाकांत के खिलाफ पुलिस पर फायरिंग करने की रिपोर्ट भी दर्ज की। रमाकांत की मां ने कोतवाली पुलिस पर रमाकांत को घर से ले जाकर मारने का आरोप लगाकर मुख्यमंत्री को टेलीग्राम किया। सीबीसीआईडी ने रमाकांत के खिलाफ दर्ज किए गए फायरिंग के मामले को झूठा पाकर रमाकांत की घर से ले जाकर हत्या करने का मामला पाकर चार्जशीट दाखिल की थी। रमाकांत एनकाउंटर उस समय चर्चाओं में रहा।
------
दो आरोपियों की हो चुकी मौत
रमाकांत की हत्या करने के आरोपी तत्कालीन सीओ शीलभद्र धर द्विवेदी, इंस्पेक्टर कोतवाली प्रमेंद्र सिंह की मौत हो चुकी है। रमाकांत पाठक के माता, पिता की भी मौत हो चुकी है। लेकिन 42 साल बाद भी मुकदमा शुरू नहीं हो सका है।
---------
पुलिस को क्यों नहीं मिल रहे फरार पुलिसकर्मी
तत्कालीन सीजेएम तेंद्रपाल ने डीजीपी और गृह सचिव को लिखे पत्र में कहा था कि आरोपी पुलिसकर्मियों का पूरा ब्यौरा उनकी सर्विस बुक सहित पुलिस विभाग के अभिलेखों में भी उपलब्ध होगा। आरोपी पुलिसकर्मियों में से अधिकांश रिटायर भी हो गए होंगे। वहीं कुछ की मौत होने की भी संभावना को नकारा नहीं जा सकता है। पूरा सिस्टम आरोपियों को बचा रहा है।

-----------------
मामला बेहद चौंकाने वाला है। तीन दशक बीतने के बाद भी पुलिस आरोपी पुलिसकर्मियों का सुराग तक नहीं लगा सकी है। डीजीपी और गृह सचिव तक को पत्र लिखे गए हैं। मामले के निस्तारण के लिए पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी बहुत जरूरी है।
चतुर सिंह, पूर्व डीजीसी फौजदारी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed