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Kasganj: भंडारे का प्रसाद खाने से 32 लोग हुए बीमार, एक बालक की मौत
Sun, 05 Feb 2023 07:21 PM IST
धीरेन्द्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, कासगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, कासगंज
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Sun, 05 Feb 2023 07:21 PM IST
सार
भंडारे का प्रसाद खाने के बाद 32 लोग बीमार हो गए, सभी को निजी चिकित्सकों के यहां भर्ती कराया गया। वहीं एक बालक की उपचार के दौरान अलीगढ़ में मौत हो गई।
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बालक की मौत के बाद विलाप करते परिजन
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
कासगंज के ग्राम भिटौना में भागवत कथा के समापन के बाद आयोजित भंडारे के का प्रसाद खाने से बीमार बालक की अलीगढ़ में उपचार के दौरान मौत हो गई। जिससे गांव में खलबली मच गई। ग्रामीण निजी चिकित्सकों के यहां इलाज को पहुंचने लगे। 32 ग्रामीण प्रसाद खाने से बीमार हुए।
भागवत कथा के समापन के बाद ग्राम नगला भूड़ में शुक्रवार की देर सांय भंडारे का आयोजन किया गया। जिसमें भिटौना, नगला भूड़ एवं आसपास के बड़ी संख्या में ग्रामीण प्रसाद खाने के लिए पहुंचे। देर रात तक भंडारा चलता रहा। भंडारे का प्रसाद खाने के बाद काफी संख्या में ग्रामीण फूड प्वाइजनिंंग का शिकार हो गए। लोगों को उल्टी दस्त की शिकायत होने लगी। जब ग्रामीणों को उल्टी दस्त की शिकायत होने लगी तो पहले तो ग्रामीणों को कुछ समझ में नहीं आया, लेकिन जब बीमारों की संख्या बढ़ी तो वे चिंतित हो गए। ग्रामीणों ने जैसे तैसे रात काटी। दिन निकलने के बाद ग्रामीण इलाज कराने के लिए निजी चिकित्सकों के यहां चले गए।
बालक यश (9) पुत्र तालेवर को परिजन हालत गंभीर देखते हुए निजी चिकित्सक के यहां ले गए। चिकित्सक ने उसको भर्ती करने के बाद इलाज किया, लेकिन बालक की हालत में सुधार नहीं आया तो उसकी गंभीर हालत देखते हुए अलीगढ़ रेफर कर दिया। जहां उसने शनिवार की देर रात उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। बालक की मौत की सूचना से गांव में खलबली मच गई। परिजन उसके शव को गांव वापस ले आए।
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भागवत कथा के समापन के बाद ग्राम नगला भूड़ में शुक्रवार की देर सांय भंडारे का आयोजन किया गया। जिसमें भिटौना, नगला भूड़ एवं आसपास के बड़ी संख्या में ग्रामीण प्रसाद खाने के लिए पहुंचे। देर रात तक भंडारा चलता रहा। भंडारे का प्रसाद खाने के बाद काफी संख्या में ग्रामीण फूड प्वाइजनिंंग का शिकार हो गए। लोगों को उल्टी दस्त की शिकायत होने लगी। जब ग्रामीणों को उल्टी दस्त की शिकायत होने लगी तो पहले तो ग्रामीणों को कुछ समझ में नहीं आया, लेकिन जब बीमारों की संख्या बढ़ी तो वे चिंतित हो गए। ग्रामीणों ने जैसे तैसे रात काटी। दिन निकलने के बाद ग्रामीण इलाज कराने के लिए निजी चिकित्सकों के यहां चले गए।
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बालक यश (9) पुत्र तालेवर को परिजन हालत गंभीर देखते हुए निजी चिकित्सक के यहां ले गए। चिकित्सक ने उसको भर्ती करने के बाद इलाज किया, लेकिन बालक की हालत में सुधार नहीं आया तो उसकी गंभीर हालत देखते हुए अलीगढ़ रेफर कर दिया। जहां उसने शनिवार की देर रात उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। बालक की मौत की सूचना से गांव में खलबली मच गई। परिजन उसके शव को गांव वापस ले आए।
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