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त्याग, संयम और सत्य को आत्मसात करें: अवधेशानंद
Updated Sat, 17 Nov 2018 12:25 AM IST
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स्वामी अवधेशानंद साथ में स्वामी सत्यमित्रानंद
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फिरोजाबाद। गोपाष्टमी के अवसर पर शुक्रवार फिरोजाबाद क्लब में आए जूना पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि महाराज ने लोगों को सरल शब्दों के माध्यम से जीवन दर्शन और प्रबंधन से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें बताईं। लोगों को नियम, संयम और सत्य को जीवन में आत्मसात करने की प्रेरणा दी।
फिरोजाबाद क्लब में दिव्य जीवन निर्माण जीवन प्रबंधन विषय पर हुए कार्यक्रम में जूनापीठाधीश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरी महाराज ने कहा कि वर्तमान में लोग कामना, वासना व अनियमित जीवन शैली के कारण जीवन को कष्टकारी बना रहे हैं। जबकि जीवन दुर्लभ है। उन्होंने कहा कि लोगों की लालसा रहती है कि धन संपदा और ऐश्वर्य मिले, लेकिन ये तीनों चीजें त्याग, संयम और सत्य को आत्मसात करने पर ही मिलती हैं।
कई प्रेरक प्रसंगों के माध्यम से उन्होंने कहा कि साधु और गाय की सेवा का अवसर कभी नहीं गंवाना चाहिए। साधु की वाणी में ईश्वर की प्रति ध्वनि होती है। वहीं गाय की श्वास में सभी देवी-देवताओं का आर्शीवाद होता है। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डॉ. गोपाल कृष्ण अग्रवाल, मेयर नूतन राठौर, सुबोध गौर, एसपी सिटी राजेश कुमार सिंह व उमाशंकर गुप्ता ने जूनापीठाधीश्वर का स्वागत किया। इस दौरान जयकिशन जैनू, अमर सिंह, संजय वर्मा, आशीष वर्मा, राधा किशन वर्मा आदि मौजूद रहे।
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उन्नति के लिए समय का प्रबंध जरूरी है। पुस्तकों व स्वाध्याय के लिए समय निकालो, व्यायाम जरूरी करो, गाय की श्वास और सूर्य को अर्घ्य लक्ष्मी प्रदान करने वाले व स्वस्थ तन का द्योतक हैं। उन्होंने कहा कि वेद का अध्ययन व साधु वाणी श्रवण अवश्य करें।
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फिरोजाबाद क्लब में दिव्य जीवन निर्माण जीवन प्रबंधन विषय पर हुए कार्यक्रम में जूनापीठाधीश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरी महाराज ने कहा कि वर्तमान में लोग कामना, वासना व अनियमित जीवन शैली के कारण जीवन को कष्टकारी बना रहे हैं। जबकि जीवन दुर्लभ है। उन्होंने कहा कि लोगों की लालसा रहती है कि धन संपदा और ऐश्वर्य मिले, लेकिन ये तीनों चीजें त्याग, संयम और सत्य को आत्मसात करने पर ही मिलती हैं।
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कई प्रेरक प्रसंगों के माध्यम से उन्होंने कहा कि साधु और गाय की सेवा का अवसर कभी नहीं गंवाना चाहिए। साधु की वाणी में ईश्वर की प्रति ध्वनि होती है। वहीं गाय की श्वास में सभी देवी-देवताओं का आर्शीवाद होता है। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डॉ. गोपाल कृष्ण अग्रवाल, मेयर नूतन राठौर, सुबोध गौर, एसपी सिटी राजेश कुमार सिंह व उमाशंकर गुप्ता ने जूनापीठाधीश्वर का स्वागत किया। इस दौरान जयकिशन जैनू, अमर सिंह, संजय वर्मा, आशीष वर्मा, राधा किशन वर्मा आदि मौजूद रहे।
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उन्नति के लिए समय का प्रबंध जरूरी है। पुस्तकों व स्वाध्याय के लिए समय निकालो, व्यायाम जरूरी करो, गाय की श्वास और सूर्य को अर्घ्य लक्ष्मी प्रदान करने वाले व स्वस्थ तन का द्योतक हैं। उन्होंने कहा कि वेद का अध्ययन व साधु वाणी श्रवण अवश्य करें।