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दवाइयों का टोटा, टांका लगाने वाली सुई तक नहीं
Updated Thu, 05 Apr 2018 10:22 PM IST
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medicine
- फोटो : amar ujala
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मैनपुरी। जिला अस्पताल में दवाइयों का टोटा पड़ गया है। इसके चलते मरीजों तथा तीमारदारों को दिक्कतों को सामना करना पड़ रहा है। आलम यह है कि टांका लगाने वाली सुई तक नहीं है। इससे स्टाफ को भी तीमारदारों की भली बुरी सुननी पड़ रही है। जिला अस्पताल में दवाइयां कम होने लगी है। पिछले दो दिन से जिला अस्पताल में सांस और गंभीर रूप से बीमार होकर आने वाले मरीजों को भाप देने के लिए इंजेक्शन नहीं है।
इसके अतिरिक्त दुर्घटना में घायल होकर आने वाले मरीजों को यदि टांका लगाने की जरूरत पड़े तो उसके लिए स्यूटर (टांका लगाने वाली सुई) भी नहीं है। इससे मरीजों के साथ ही तीमारदारों को भी परेशानी से जूझना पड़ रहा है। हालात यह है कि जिस मरीज के साथ तीमारदार होता है उससे तो बाहर से सुई और दवाइयां लाने के लिए कह दिया जाता है। लावारिस मरीज को कपड़े सीने वाली सुई से ही टांके लगाए जा रहे हैं। पिछले कुछ दिनों से जिला अस्पताल में अचानक संक्रामक मरीजों की संख्या बढ़ी है।
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इसके अतिरिक्त दुर्घटना में घायल होकर आने वाले मरीजों को यदि टांका लगाने की जरूरत पड़े तो उसके लिए स्यूटर (टांका लगाने वाली सुई) भी नहीं है। इससे मरीजों के साथ ही तीमारदारों को भी परेशानी से जूझना पड़ रहा है। हालात यह है कि जिस मरीज के साथ तीमारदार होता है उससे तो बाहर से सुई और दवाइयां लाने के लिए कह दिया जाता है। लावारिस मरीज को कपड़े सीने वाली सुई से ही टांके लगाए जा रहे हैं। पिछले कुछ दिनों से जिला अस्पताल में अचानक संक्रामक मरीजों की संख्या बढ़ी है।
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