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दूधियों ने मुख्यालय पहुंच कर सीएम के नाम सौंपा ज्ञापन
Updated Mon, 18 Dec 2017 11:18 PM IST
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फिरोजाबाद। दुग्ध विक्रेताओं(दूधियों) ने गांधीपार्क से लेकर मुख्यालय तक बाइक रैली निकाली। दुकानदारों एवं डेयरी के संचालकों के खिलाफ नारेबाजी की। डीएम को संबोधित 14 सूत्रीय मांग पत्र नगर मजिस्ट्रेट शीतला प्रसाद यादव को सौंपा। उन्होंने समस्याओं का निस्तारण करने के आदेश दिए। दूधियों ने दूध की दरें 34 से बढ़ा कर 36 रुपया करने की मांग की।
दुग्ध किसान ग्रामोउद्योग सेवा समिति के अध्यक्ष नेमीचंद्र यादव के नेतृत्व में काफी संख्या में दूधिया गांधीपार्क मैदान में एकत्रित हुए। यहां से दूध की टंकियां लेकर सीधे जिला मुख्यालय पहुंचे। उन्होंने कहा कि दूधियों का उत्पीड़न लगातार हो रहा है। लेकिन कोई राहत मिलती दिखाई नहीं दे रही है। दूध के रेट वर्तमान में 34 रुपया लीटर है ये 36 रुपया प्रति लीटर किए जांए।
दूध नापने का लीटर सरकारी मुहर लगा होना चाहिए। दूध में खोआ की मात्रा 225 ग्राम होनी चाहिए। दूधियों को भुगतान माह में पांच,15 एवं 25 तारीख को किया जाए। दूध डेयरियों की दरें 34 रुपया होनी चाहिए। फैट निकालने की मशीन इंडिया मार्का होनी चाहिए और केमिकल उच्चकोटि को हो। दुग्ध से बनाने वाली सामग्री की जांच समय-समय पर हो। ताकि दुकानदार गलत सामग्री की बिक्री न कर सकें। दूध मांपने के कांटे की समय-समय पर जांच होनी चाहिए।
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जिन दुकानदारों ने दूध का भुगतान रोक लिया है उन्हें भुगतान किया जाए। दुधिया देर रात तक आते हैं। उनकी सुरक्षा का इंतजाम होना चाहिए। खाद्य निरीक्षकों के द्घारा रा दूधियों को सैंपल लेने के नाम पर जो परेशान किया जाता है उसे बंद किया जाए। दूधियों के आने वाले मार्गों को गड्ढामुक्त कर दूधियों की समस्याओं का समाधान कराया जाए। सिटी मजिस्ट्रेट ने ज्ञापन लेने के साथ समस्याओं को हल कराए जाने का भरोसा दिया।
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दुग्ध किसान ग्रामोउद्योग सेवा समिति के अध्यक्ष नेमीचंद्र यादव के नेतृत्व में काफी संख्या में दूधिया गांधीपार्क मैदान में एकत्रित हुए। यहां से दूध की टंकियां लेकर सीधे जिला मुख्यालय पहुंचे। उन्होंने कहा कि दूधियों का उत्पीड़न लगातार हो रहा है। लेकिन कोई राहत मिलती दिखाई नहीं दे रही है। दूध के रेट वर्तमान में 34 रुपया लीटर है ये 36 रुपया प्रति लीटर किए जांए।
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दूध नापने का लीटर सरकारी मुहर लगा होना चाहिए। दूध में खोआ की मात्रा 225 ग्राम होनी चाहिए। दूधियों को भुगतान माह में पांच,15 एवं 25 तारीख को किया जाए। दूध डेयरियों की दरें 34 रुपया होनी चाहिए। फैट निकालने की मशीन इंडिया मार्का होनी चाहिए और केमिकल उच्चकोटि को हो। दुग्ध से बनाने वाली सामग्री की जांच समय-समय पर हो। ताकि दुकानदार गलत सामग्री की बिक्री न कर सकें। दूध मांपने के कांटे की समय-समय पर जांच होनी चाहिए।
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जिन दुकानदारों ने दूध का भुगतान रोक लिया है उन्हें भुगतान किया जाए। दुधिया देर रात तक आते हैं। उनकी सुरक्षा का इंतजाम होना चाहिए। खाद्य निरीक्षकों के द्घारा रा दूधियों को सैंपल लेने के नाम पर जो परेशान किया जाता है उसे बंद किया जाए। दूधियों के आने वाले मार्गों को गड्ढामुक्त कर दूधियों की समस्याओं का समाधान कराया जाए। सिटी मजिस्ट्रेट ने ज्ञापन लेने के साथ समस्याओं को हल कराए जाने का भरोसा दिया।