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निकाय चुनाव में भाजपा की प्रतिष्ठा है दांव पर
Updated Fri, 17 Nov 2017 11:11 PM IST
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डेमो
- फोटो : डेमो
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कासगंज। निकाय चुनाव में भाजपा की प्रतिष्ठा दाव पर लगी हुई है। सांसद व जनपद की तीनों विधानसभा सीटों पर पार्टी का कब्जा है। जबकि कासगंज नगर पालिका की सीट तो लगातार दो बार से पार्टी के कब्जे में चली आ रही है। इस सीट पर हैट्रिक लगाने के साथ ही अन्य सीटों पर जीत को पार्टी पूरा जोर लगा रही है।
वर्ष 2014 के लोक सभा चुनाव से जनपद भाजपा के गढ़ के रूप में उभर कर सामने आया। इस चुनाव में भाजपा के सांसद राजवीर सिंह ने जीत हासिल की। इसके बाद 2017 में हुए विधान सभा चुनाव में भी पार्टी ने लोकसभा चुनाव के जीत को दोहराते हुए जनपद की तीनों विधानसभा सीटों पर कब्जा कर लिया। निकाय क्षेत्र के हिसाब से इस जीत का आंकलन किय जाए तो भाजपा को भरगैन को छोड़कर सभी जगह से अच्छा वोट मिला। विधान सभा चुनाव के नौ माह के भीतर ही निकाय चुनाव हो रहे हैं।
जनपद की कासगंज, सोरों, गंजडुडवारा नगर पालिका एवं सहावर, पटियाली, अमापुर, बिलराम, सिढ़पुरा, भरगैन, मोहनपुर नगर पंचायतों में भाजपा ने अपने प्रत्याशी चुनाव मैदान में उतारे हैं। यह पहला मौका है जब पार्टी सभी सीटों पर चुनाव मैदान में उतरी है। भाजपा के सामने लोकसभा एवं विधान सभा चुनाव में हुई जीत को बचाने की चुनौती है। यह चुनाव तीन साल में सांसद के कामकाज की समीक्षा तो करेंगे ही 9 माह में तीनों विधायकों की भी अग्निपरीक्षा से कम नहीं।
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कासगंज नगर पालिका में तो 2007 व 2012 के निकाय चुनाव में पार्टी से दो बार चेयरमैन रह चुके हैं। इस चुनाव में चेयरमैन के कामकाज की भी समीक्षा होगी। निकाय चुनाव में अपनी प्रतिष्ठा बचाने के लिए भाजपा ने एड़ी चोटी का जोर लगा रखा है। तीन दिन पहले पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र नाथ पांडेय सोरों में कार्यकर्ता सम्मेलन कर चुके है। उन्होंने सभी सीटों पर पार्टी प्रत्याशी की जिताने की अपील भी की। अब देखना यह है कि आने वाले चुनाव में राजनीति का ऊंट किस करवट बैठता है और लोकसभा एवं विधान सभा चुनाव की तरह इस चुनाव में कितनी कामयाबी भाजपा को मिलती है।
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वर्ष 2014 के लोक सभा चुनाव से जनपद भाजपा के गढ़ के रूप में उभर कर सामने आया। इस चुनाव में भाजपा के सांसद राजवीर सिंह ने जीत हासिल की। इसके बाद 2017 में हुए विधान सभा चुनाव में भी पार्टी ने लोकसभा चुनाव के जीत को दोहराते हुए जनपद की तीनों विधानसभा सीटों पर कब्जा कर लिया। निकाय क्षेत्र के हिसाब से इस जीत का आंकलन किय जाए तो भाजपा को भरगैन को छोड़कर सभी जगह से अच्छा वोट मिला। विधान सभा चुनाव के नौ माह के भीतर ही निकाय चुनाव हो रहे हैं।
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जनपद की कासगंज, सोरों, गंजडुडवारा नगर पालिका एवं सहावर, पटियाली, अमापुर, बिलराम, सिढ़पुरा, भरगैन, मोहनपुर नगर पंचायतों में भाजपा ने अपने प्रत्याशी चुनाव मैदान में उतारे हैं। यह पहला मौका है जब पार्टी सभी सीटों पर चुनाव मैदान में उतरी है। भाजपा के सामने लोकसभा एवं विधान सभा चुनाव में हुई जीत को बचाने की चुनौती है। यह चुनाव तीन साल में सांसद के कामकाज की समीक्षा तो करेंगे ही 9 माह में तीनों विधायकों की भी अग्निपरीक्षा से कम नहीं।
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कासगंज नगर पालिका में तो 2007 व 2012 के निकाय चुनाव में पार्टी से दो बार चेयरमैन रह चुके हैं। इस चुनाव में चेयरमैन के कामकाज की भी समीक्षा होगी। निकाय चुनाव में अपनी प्रतिष्ठा बचाने के लिए भाजपा ने एड़ी चोटी का जोर लगा रखा है। तीन दिन पहले पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र नाथ पांडेय सोरों में कार्यकर्ता सम्मेलन कर चुके है। उन्होंने सभी सीटों पर पार्टी प्रत्याशी की जिताने की अपील भी की। अब देखना यह है कि आने वाले चुनाव में राजनीति का ऊंट किस करवट बैठता है और लोकसभा एवं विधान सभा चुनाव की तरह इस चुनाव में कितनी कामयाबी भाजपा को मिलती है।