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15 अगस्त तक तैयार होंगे 30 तालाब, 50 की खोदाई शुरू
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आगरा। चुनिंदा तालाबों को अमृत सरोवर बनाने की कवायद जारी है। जिले में एक एकड़ क्षेत्रफल के 150 तालाबों को सरोवर बनाने का लक्ष्य है। अब तक 142 तालाब चिह्नित हो चुके हैं। पंचायत एवं मनरेगा का दावा है कि 15 अगस्त तक 30 अमृत सरोवर तैयार हो जाएंगे। जिले में चह्नित 50 तालाबों की खोदाई शुरू हो गई है।
आजादी के अमृत महोत्सव अभियान के तहत तालाबों को अमृत सरोवर के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके लिए ऐसे जलाशय चिह्नित किए जा रहें जिनका रकबा एक एकड़ यानी चार हजार वर्ग मीटर से अधिक है। पंचायत राज व मनरेगा ने ऐसे 142 तालाब चिह्नित कर लिए हैं। इनमें 50 तालाबों पर खोदाई शुरू हो गई है। मनरेगा के अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी मनीष कुमार के अनुसार जिन तालाबों को अमृत सरोवर बनाया जाएगा, उनके चारों तरफ पौधरोपण, पक्की सीढ़ियां, बेंच व झंडारोहण की व्यवस्था होगी। 15 अगस्त तक लक्ष्य के सापेक्ष 20 फीसदी यानी 30 सरोवर तैयार करने हैं। 15 ब्लॉक में 50 तालाबों की खोदाई शुरू हो चुकी है। अगले दो महीने में 30 सरोवर तैयार हो जाएंगे। अभी एक भी तालाब सरोवर के रूप में तैयार नहीं है।
जिले में 174 तालाबों पर अतिक्रमण व पक्के निर्माण हैं। इनका कुल क्षेत्रफल 93,998 वर्ग मीटर है। आगरा डार्क जोन में शामिल है। फिर भी तीन महीने से तालाबों से कब्जे हटाने में तहसील से लेकर नगर क्षेत्र में लापरवाही बरती जा रही है। तालाबों पर हुए अवैध कब्जों व निर्माणों पर बुलडोजर नहीं चला।
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राजस्व रिकॉर्ड के अनुसार छह तहसीलों में 31 दिसंबर, 2020 तक 3,747 तालाब दर्ज थे। 6 जून, 2022 तक इनकी संख्या घटकर 3,376 रह गई है। पिछले 17 महीने में प्रशासन के रिकॉर्ड से 371 तालाब गायब हुए हैं। हालांकि एडीएम प्रशासन अजय कुमार सिंह का कहना है कि तालाबों की फीडिंग की जांच कराई जा रही है।
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आजादी के अमृत महोत्सव अभियान के तहत तालाबों को अमृत सरोवर के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके लिए ऐसे जलाशय चिह्नित किए जा रहें जिनका रकबा एक एकड़ यानी चार हजार वर्ग मीटर से अधिक है। पंचायत राज व मनरेगा ने ऐसे 142 तालाब चिह्नित कर लिए हैं। इनमें 50 तालाबों पर खोदाई शुरू हो गई है। मनरेगा के अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी मनीष कुमार के अनुसार जिन तालाबों को अमृत सरोवर बनाया जाएगा, उनके चारों तरफ पौधरोपण, पक्की सीढ़ियां, बेंच व झंडारोहण की व्यवस्था होगी। 15 अगस्त तक लक्ष्य के सापेक्ष 20 फीसदी यानी 30 सरोवर तैयार करने हैं। 15 ब्लॉक में 50 तालाबों की खोदाई शुरू हो चुकी है। अगले दो महीने में 30 सरोवर तैयार हो जाएंगे। अभी एक भी तालाब सरोवर के रूप में तैयार नहीं है।
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जिले में 174 तालाबों पर अतिक्रमण व पक्के निर्माण हैं। इनका कुल क्षेत्रफल 93,998 वर्ग मीटर है। आगरा डार्क जोन में शामिल है। फिर भी तीन महीने से तालाबों से कब्जे हटाने में तहसील से लेकर नगर क्षेत्र में लापरवाही बरती जा रही है। तालाबों पर हुए अवैध कब्जों व निर्माणों पर बुलडोजर नहीं चला।
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राजस्व रिकॉर्ड के अनुसार छह तहसीलों में 31 दिसंबर, 2020 तक 3,747 तालाब दर्ज थे। 6 जून, 2022 तक इनकी संख्या घटकर 3,376 रह गई है। पिछले 17 महीने में प्रशासन के रिकॉर्ड से 371 तालाब गायब हुए हैं। हालांकि एडीएम प्रशासन अजय कुमार सिंह का कहना है कि तालाबों की फीडिंग की जांच कराई जा रही है।