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डेंगू से आशा कार्यकर्ता सहित 3 की मौत
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कासगंज के भरगैन में डेंगू से मौत का शिकार हुई फहिमा बेगम का फाइल फोटो।
- फोटो : KASGANJ
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कासगंज। जनपद में जानलेवा बुखार एवं डेंगू का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा। सोमवार को आशा कार्यकर्ता सहित 3 महिलाओं की डेंगू से मौत हो गई। इसके बाद परिवारों में कोहराम मच गया। जिले में बुखार और डेंगू से मौत का आंकड़ा 54 पर पहुंच गया है। लगातार हो रही मौतों से लोग दहशत में है।
सिढ़पुरा के ग्राम ढूढरा निवासी नीता देवी पत्नी राजेश स्वास्थ्य विभाग में आशा के पद पर कार्यरत थी। उनकी तैनाती रानामऊ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर थी। पांच दिन पहले बुखार आने पर उन्हें निजी चिकित्सक को दिखाया गया। जब फायदा नहीं मिला तो परिजन आगरा ले गए। यहां डेंगू की पुष्टि हो गई। उपचार के दौरान आगरा में उनकी मौत हो गई।
भरगैन के मोहल्ला बीच थोक नगदर निवासी फहीमा बेगम (44) पत्नी मकसूद आलम खान पिछले कई दिन से बुखार से पीड़ित थी। जांच में डेेंगू की पुष्टि हुई। काफी इलाज के बाद भी उनकी हालत में सुधार नहीं आया। उन्होंने सुबह उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। महिला की मौत होते ही परिवार में कोहराम मच गया।
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जनपद में बुखार एवं डेंगू का असर शहरी क्षेत्र से लेकर कस्बाई क्षेत्रों तक फैला हुआ है। जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, निजी चिकित्सकों के यहां प्रतिदिन ही काफी संख्या में मरीज पीड़ित होकर पहुंच रहे हैं। वहीं तमाम लोग दिल्ली, आगरा, अलीगढ़, बरेली, फर्रुखाबाद आदि क्षेत्रों में भी इलाज करा रहे हैं।
सिढ़पुरा के ग्राम डूंडरा में एक ग्रामीण की डेंगू से मौत हो गई। जिससे परिवार में कोहराम मच गया। ग्रामीण रामकिशोर (55) को तीन दिन पहले बुखार आया था। परिजनों ने निजी चिकित्सक को दिखाया, लेकिन राहत नहीं मिली। इसके बाद उसे आगरा ले गए, जहां डेंगू की पुष्टि हो गई। सोमवार को देर सांय उनकी उपचार के दौरान मौत हो गई।
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सिढ़पुरा के ग्राम ढूढरा निवासी नीता देवी पत्नी राजेश स्वास्थ्य विभाग में आशा के पद पर कार्यरत थी। उनकी तैनाती रानामऊ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर थी। पांच दिन पहले बुखार आने पर उन्हें निजी चिकित्सक को दिखाया गया। जब फायदा नहीं मिला तो परिजन आगरा ले गए। यहां डेंगू की पुष्टि हो गई। उपचार के दौरान आगरा में उनकी मौत हो गई।
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भरगैन के मोहल्ला बीच थोक नगदर निवासी फहीमा बेगम (44) पत्नी मकसूद आलम खान पिछले कई दिन से बुखार से पीड़ित थी। जांच में डेेंगू की पुष्टि हुई। काफी इलाज के बाद भी उनकी हालत में सुधार नहीं आया। उन्होंने सुबह उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। महिला की मौत होते ही परिवार में कोहराम मच गया।
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जनपद में बुखार एवं डेंगू का असर शहरी क्षेत्र से लेकर कस्बाई क्षेत्रों तक फैला हुआ है। जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, निजी चिकित्सकों के यहां प्रतिदिन ही काफी संख्या में मरीज पीड़ित होकर पहुंच रहे हैं। वहीं तमाम लोग दिल्ली, आगरा, अलीगढ़, बरेली, फर्रुखाबाद आदि क्षेत्रों में भी इलाज करा रहे हैं।
सिढ़पुरा के ग्राम डूंडरा में एक ग्रामीण की डेंगू से मौत हो गई। जिससे परिवार में कोहराम मच गया। ग्रामीण रामकिशोर (55) को तीन दिन पहले बुखार आया था। परिजनों ने निजी चिकित्सक को दिखाया, लेकिन राहत नहीं मिली। इसके बाद उसे आगरा ले गए, जहां डेंगू की पुष्टि हो गई। सोमवार को देर सांय उनकी उपचार के दौरान मौत हो गई।