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शिक्षक भर्ती घोटाले में सामने आया इन लोगों का नेटवर्क, एसटीएफ की रडार पर आए सभी
पुनीत शर्मा, न्यूज डेस्क मथुरा
Updated Mon, 16 Jul 2018 07:52 AM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हुए शिक्षक भर्ती घोटाले में 280 लोगों का नेटवर्क सामने आया है। इनमें शिक्षा विभाग के कर्मचारियों से लेकर शिक्षा माफिया तक शामिल हैं। इन्होंने फर्जी सर्टिफिकेट से लेकर नियुक्ति पत्र तक जारी किए हैं। यह सभी एसटीएफ के रडार पर हैं और जांच का दायरा बढ़ा दिया गया है।
मथुरा में शिक्षक भर्ती घोटाले का खुलासा करने के बाद एसटीएफ ने अलीगढ़, फिरोजाबाद के साथ ही आगरा, मेरठ, मुरादाबाद, सहारनपुर, बरेली मंडल पर भी निगाह लगा दी है। जांच में पता चला है कि मथुरा में शिक्षक भर्ती घोटाले में जिस रैकेट का हाथ था उनके संबंध इन मंडल के शिक्षा माफिया से हैं।
एसटीएफ का मानना है कि सभी जगह एक ही तरह से फर्जी शिक्षकों की ज्वाइनिंग कराई गई है। फर्जी प्रमाण पत्र भी इन लोगों के माध्यम से ही तैयार कराए गए हैं। सारे फर्जी सर्टिफिकेट हर जिले में एक समान से ही मिल रहे हैं। तीन यूनिवर्सिटी ऐसी हैं जिनके नाम से फर्जी मार्कशीट जारी की गईं हैं।
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मथुरा में शिक्षक भर्ती घोटाले का खुलासा करने के बाद एसटीएफ ने अलीगढ़, फिरोजाबाद के साथ ही आगरा, मेरठ, मुरादाबाद, सहारनपुर, बरेली मंडल पर भी निगाह लगा दी है। जांच में पता चला है कि मथुरा में शिक्षक भर्ती घोटाले में जिस रैकेट का हाथ था उनके संबंध इन मंडल के शिक्षा माफिया से हैं।
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एसटीएफ का मानना है कि सभी जगह एक ही तरह से फर्जी शिक्षकों की ज्वाइनिंग कराई गई है। फर्जी प्रमाण पत्र भी इन लोगों के माध्यम से ही तैयार कराए गए हैं। सारे फर्जी सर्टिफिकेट हर जिले में एक समान से ही मिल रहे हैं। तीन यूनिवर्सिटी ऐसी हैं जिनके नाम से फर्जी मार्कशीट जारी की गईं हैं।
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15 लोग मास्टमाइंड
एसटीएफ के हाथ कुछ ऐसे सुराग लगे हैं जिससे बड़ा खुलासा हो सकता है। इस रैकेट में 15 लोग मास्टमाइंड माने जा रहे हैं। इनका संबंध शिक्षा विभाग के अधिकारियों से है। इनमें से कुछ के अपने कालेज भी हैं। इन लोगों ने इसी गोरखधंधे से कुछ ही दिन में छोटे से स्कूल को बड़ा कालेज बना लिया है। स्कूल के नाम पर कई बीघा जमीन भी खरीदी गई है।
एसटीएफ के एसपी आलोक प्रियदर्शी का कहना है कि जो नेटवर्क सामने आया है उसे जुड़े लोगों की तलाश की जा रही है। तीन टीमेंएक साथ काम कर रही हैं। उनका कहना है कि फर्जी शिक्षकों की भर्ती कराने वाला बड़ा रैकेट है। तीन मास्टरमाइंड तो मथुरा के ही हैं जबकि बाकी दूसरे जनपदों के हैं।
एसटीएफ के एसपी आलोक प्रियदर्शी का कहना है कि जो नेटवर्क सामने आया है उसे जुड़े लोगों की तलाश की जा रही है। तीन टीमेंएक साथ काम कर रही हैं। उनका कहना है कि फर्जी शिक्षकों की भर्ती कराने वाला बड़ा रैकेट है। तीन मास्टरमाइंड तो मथुरा के ही हैं जबकि बाकी दूसरे जनपदों के हैं।