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Agra News: बैंक खातों के फेर में फंस गए 200 किसानों के 26 करोड़ रुपये
Wed, 21 May 2025 11:15 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Updated Wed, 21 May 2025 11:15 PM IST
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मैनपुरी। दिल्ली-कानपुर जीटी रोड हाईवे के मैनपुरी के 60 किलोमीटर के हिस्से में हुए चौड़ीकरण के लिए अधिग्रहित की गई जमीन के किसानों का अभी तक पूरा भुगतान नहीं हो रहा है। बैंक खातों के सत्यापन के फेर में 200 किसानों के 26 करोड़ रुपये फंसे हुए हैं। शासन का पोर्टल इनका डाटा नहीं ले रहा है।
नवीगंज से कुरावली बॉर्डर तक 60 किमी के दायरे में जीटी रोड हाईवे के चौड़ीकरण का कार्य 2017 में हुआ था। इसके लिए 152.5885 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया गया था। 800 किसानों से यह जमीन ली गई थी। इसकी एवज में किसानों को मुआवजे का भुगतान होना था, जिन किसानों के बैंक खाते सत्यापित थे। उनको तो भुगतान हो गया। मगर, दिसंबर 2017 से अभी तक 200 किसानों को 26 करोड़ रुपये का भुगतान नहीं हो सका है। हाल में शासन स्तर पर भी यह मामला उठा है। इसके बाद फिर से इसकी कवायद शुरू की गई है। मगर, अड़चन बैंक खातों के सत्यापन की आ रही है। दरअसल, कई बैंकों का विलय हो गया। इसका कारण खाता धारकों की बैंक शाखा और आईएफएससी कोड सहित बैंक का नाम भी बदल गया। अब खाताधारक खुद से ही इन खातों को सत्यापित कराकर प्रशासन को जमा कराएं तो किसानों का भुगतान हो सकता है।
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नवीगंज से कुरावली बॉर्डर तक 60 किमी के दायरे में जीटी रोड हाईवे के चौड़ीकरण का कार्य 2017 में हुआ था। इसके लिए 152.5885 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया गया था। 800 किसानों से यह जमीन ली गई थी। इसकी एवज में किसानों को मुआवजे का भुगतान होना था, जिन किसानों के बैंक खाते सत्यापित थे। उनको तो भुगतान हो गया। मगर, दिसंबर 2017 से अभी तक 200 किसानों को 26 करोड़ रुपये का भुगतान नहीं हो सका है। हाल में शासन स्तर पर भी यह मामला उठा है। इसके बाद फिर से इसकी कवायद शुरू की गई है। मगर, अड़चन बैंक खातों के सत्यापन की आ रही है। दरअसल, कई बैंकों का विलय हो गया। इसका कारण खाता धारकों की बैंक शाखा और आईएफएससी कोड सहित बैंक का नाम भी बदल गया। अब खाताधारक खुद से ही इन खातों को सत्यापित कराकर प्रशासन को जमा कराएं तो किसानों का भुगतान हो सकता है।
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