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एटा में बेसिक शिक्षा विभाग पर बकाया पांच करोड़ रुपये बिजली का बिल
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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एटा जिले में विद्युत बिलों का भुगतान नहीं कर रहे शिक्षा विभाग पर हर वर्ष आधा करोड़ से अधिक का ब्याज बढ़ रहा है। वर्षों से बकाएदार चल रहे परिषदीय स्कूलों पर विद्युत बिल का पांच करोड़ का बकाया है। स्कूल शासन सरचार्ज माफी योजना में भी नहीं आते।
बेसिक शिक्षा विभाग बिजली विभाग के बड़े बकाएदारों में है। एक दशक पूर्व हुए विद्युतीकरण के बाद विभाग नियमित बिलों का भुगतान नहीं कर रहा। भुगतान न होने से विद्यालयों के कनेक्शन कटने के कगार पर हैं। वहीं विभाग पर हर वर्ष एक करोड़ से अधिक का ब्याज एवं बिल बढ़ रहा है। बताते चलें कि 2007 से 2010 तक विद्युतीकृत हुए जिले के परिषदीय विद्यालय पांच करोड़ से अधिक का राजस्व दबाए बैठे हैं। जिस पर हर वर्ष बिल के अलावा 18 प्रतिशत ब्याज एवं अन्य सरचार्ज की दर से पचास लाख रुपये से अधिक की वृद्धि हो रही है। बताते चलें कि शासन की एक मुश्त समाधान योजना में सरकारी स्कूल नहीं आते।
सूचनाओं एवं नोटिस के बाद भी शिक्षा विभाग विद्युत बिल की बकाया करोड़ों रुपये के राजस्व का भुगतान नहीं कर रहा। परिषद के 1500 से अधिक विद्यालय ऊर्जीकृत हैं। इस राशि पर प्रतिवर्ष आधा करोड़ से अधिक का सरचार्ज बढ़ रहा है।
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सोपाली सिंह, अधिशासी अभियंता, ग्रामीण खंड
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बेसिक शिक्षा विभाग बिजली विभाग के बड़े बकाएदारों में है। एक दशक पूर्व हुए विद्युतीकरण के बाद विभाग नियमित बिलों का भुगतान नहीं कर रहा। भुगतान न होने से विद्यालयों के कनेक्शन कटने के कगार पर हैं। वहीं विभाग पर हर वर्ष एक करोड़ से अधिक का ब्याज एवं बिल बढ़ रहा है। बताते चलें कि 2007 से 2010 तक विद्युतीकृत हुए जिले के परिषदीय विद्यालय पांच करोड़ से अधिक का राजस्व दबाए बैठे हैं। जिस पर हर वर्ष बिल के अलावा 18 प्रतिशत ब्याज एवं अन्य सरचार्ज की दर से पचास लाख रुपये से अधिक की वृद्धि हो रही है। बताते चलें कि शासन की एक मुश्त समाधान योजना में सरकारी स्कूल नहीं आते।
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सूचनाओं एवं नोटिस के बाद भी शिक्षा विभाग विद्युत बिल की बकाया करोड़ों रुपये के राजस्व का भुगतान नहीं कर रहा। परिषद के 1500 से अधिक विद्यालय ऊर्जीकृत हैं। इस राशि पर प्रतिवर्ष आधा करोड़ से अधिक का सरचार्ज बढ़ रहा है।
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सोपाली सिंह, अधिशासी अभियंता, ग्रामीण खंड