{"_id":"5c8fb396bdec22141d19dfa5","slug":"21552921494-agra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पांटून पुल के एप्रोच मार्ग के ऊपर से बह रही यमुना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पांटून पुल के एप्रोच मार्ग के ऊपर से बह रही यमुना
विज्ञापन
डैमो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वृंदावन (मथुरा)। यमुना के जलस्तर में वृद्धि होने के कारण पानी फिर से पांटून पुल के एप्रोच मार्ग से होकर गुजरने लगा है। इसके बावजूद यहां अब तक कोई सावधानी संकेतक बोर्ड नहीं है। लोग जान जोखिम में डालकर दुपहिया वाहनों और पैदल पुल पार करने को मजबूर हैं। यह पुल मांट से वृंदावन को जोड़ता है।
यमुना पर बने इस पुल से प्रतिदिन 10 से 15 हजार लोगों का आवागमन होता है। मांट क्षेत्र के दर्जनों गांव के लोग हाथरस, अलीगढ़, राया आदि जाने के लिए भी इस पुल का प्रयोग करते है। पिछले दिनों यमुना जल में हुई बढ़ोत्तरी के कारण एप्रोच मार्ग पर जलभराव हो गया।
पुल के दूसरी ओर मांट की तरफ एप्रोच मार्ग पर मिट्टी का कटान हुआ और गहरा गड्ढा बन गया। यहां अब लोग गिरकर चुटैल हो रहे हैं। न तो यहां कोई संकेतक बोर्ड है और न ही सुरक्षाकर्मी। राहगीर हाथों में जूते-चप्पल लेकर पुल पार करने को मजबूर हैं।
विज्ञापन
मामला संज्ञान में आ गया है। लोगों को रोकने के लिए बैरियर लगा दिए गए हैं, जलस्तर में कमी होने पर गड्ढे को मिट्टी से भरवाया जाएगा। मना करने के बाद भी लोग जबरदस्ती इस पुल का प्रयोग कर रहे हैं।
-एमके शर्मा, एई, पीडब्ल्यूडी
विज्ञापन
यमुना पर बने इस पुल से प्रतिदिन 10 से 15 हजार लोगों का आवागमन होता है। मांट क्षेत्र के दर्जनों गांव के लोग हाथरस, अलीगढ़, राया आदि जाने के लिए भी इस पुल का प्रयोग करते है। पिछले दिनों यमुना जल में हुई बढ़ोत्तरी के कारण एप्रोच मार्ग पर जलभराव हो गया।
विज्ञापन
पुल के दूसरी ओर मांट की तरफ एप्रोच मार्ग पर मिट्टी का कटान हुआ और गहरा गड्ढा बन गया। यहां अब लोग गिरकर चुटैल हो रहे हैं। न तो यहां कोई संकेतक बोर्ड है और न ही सुरक्षाकर्मी। राहगीर हाथों में जूते-चप्पल लेकर पुल पार करने को मजबूर हैं।
विज्ञापन
मामला संज्ञान में आ गया है। लोगों को रोकने के लिए बैरियर लगा दिए गए हैं, जलस्तर में कमी होने पर गड्ढे को मिट्टी से भरवाया जाएगा। मना करने के बाद भी लोग जबरदस्ती इस पुल का प्रयोग कर रहे हैं।
-एमके शर्मा, एई, पीडब्ल्यूडी