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पीले रेशमी कपड़े से तैयार हो रही 40 किलो की कमलाकृति पोशाक
Updated Sat, 25 Aug 2018 08:28 PM IST
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मथुरा। जन्माष्टमी पर तीन सितंबर को जन्म लेते ही भागवत भवन में कान्हा जो पोशाक धारण करेंगे, उसे बनाने में पश्चिम बंगाल और राजस्थान के कारीगर दिन-रात लगे हैं। कमलाकृति की यह पोशाक पीले रंग की होगी जिसका वजन करीब 40 किलो होगा। मथुरा में इसे तैयार करने का कार्य छह-सात महीने से जारी है। इसमें नीला, हरा, लाल, गुलाबी आदि रंगों का समावेश भी देखने को मिलेगा।
जन्मस्थान के सचिव कपिल शर्मा ने बताया कि पीले रंग के इस रेशमी वस्त्र पर रेशम से आकृतियां बनवाई गई है। रेशम, जरी, रत्न एवं सफेद मोती के अलावा इसमें कमल-पुष्प, पत्ती, लता-पता आदि की भी कारीगरी की गई है। तीन सितंबर को प्रात: मंगला दर्शन से पूर्व भगवान इसी पोशाक को धारण कर भक्तों को दर्शन देंगे।
पर्यावरण बचाने का होगा संकल्प
केरल में आई आपदा को लेकर जन्मस्थान पर वृक्ष लगाएं, जीवन बचाएं, पर्यावरण को सुरक्षित बनाए का संकल्प लिया जाएगा।
गोविंद नगर से होगा प्रवेश, मुख्य द्वार से होगी निकासी
देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को प्रवेश में सुगमता मिले, इसके लिए जगह-जगह बेरीकेडिंग कराई गई है। श्रद्धालुओं का प्रवेश गोविंद नगर द्वार (गेट न.-3) से तथा निकास (गेट न.-1) से होगा।
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जन्मस्थान के सचिव कपिल शर्मा ने बताया कि पीले रंग के इस रेशमी वस्त्र पर रेशम से आकृतियां बनवाई गई है। रेशम, जरी, रत्न एवं सफेद मोती के अलावा इसमें कमल-पुष्प, पत्ती, लता-पता आदि की भी कारीगरी की गई है। तीन सितंबर को प्रात: मंगला दर्शन से पूर्व भगवान इसी पोशाक को धारण कर भक्तों को दर्शन देंगे।
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