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22 केंद्रों पर 5481 महिला अभ्यर्थियों ने दी टीजीटी परीक्षा
Updated Sun, 29 Jul 2018 11:05 PM IST
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फिरोजाबाद। लोकसेवा आयोग की टीजीटी परीक्षा रविवार को शहर के 22 केंद्रों में हुई। प्रशासनिक अधिकारियों के साथ स्टेटिक मजिस्ट्रेट ने परीक्षा केंद्रों का दौरा किया। परीक्षार्थी बाहरी जिलों से परीक्षा देने आए थे। सख्ती के कारण बड़ी संख्या में परीक्षार्थियों ने परीक्षा छोड़ी। 10138 अभ्यर्थी पंजीकृत थे इसमें से 5481 ने ही परीक्षा दी। कोई नकलची नहीं पकड़ा गया।
परीक्षा केंद्रों के बाहर सुबह नौ बजे से ही अभ्यर्थियों की भीड़ नजर आने लगी। सुबह 11 बजे से केंद्रों में अभ्यर्थियों को प्रवेश दिया गया। दोपहर 1.30 तक परीक्षा चली। डीआईओएस रितु गोयल ने प्रोफेसर राजेंद्र प्रसाद स्कूल, बच्चूबाबा सरस्वती विद्या मंदिर, पीके इंटर कालेज में निरीक्षण किया। सेक्टर मजिस्ट्रेट एवं स्टेटिक मजिस्ट्रेट के अलावा लोक सेवा आयोग से आए अधिकारियों ने परीक्षा केंद्र का दौरा किया।
एसपी सिटी राजेेश सिंह ने एमजी कालेज में पहुंचकर व्यवस्था का जायजा लिया। लोक सेवा आयोग परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं को डाकघर से पार्सल करना था। पुस्तिकाएं जमा करने के लिए मुख्य डाकघर खोला गया। नोडल अधिकारी की मौजूदगी में उत्तर पुस्तिकाएं जमा कराई। वहां से पुस्तिकाओं को रवाना किया। कुल 22 केंद्रों पर हुई टीजीटी परीक्षा के लिए 10138 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। 5481 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी।
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टीजीटी परीक्षा में अभ्यर्थी महिलाएं थी। ऐसे में उनके पति एवं अन्य परिवारीजन परीक्षा दिलाने साथ आए थे। पत्नी परीक्षा देने गई तो परीक्षा केंद्र के बाहर पति बच्चों को संभाले रहे। बलरामपुर, उन्नाव, लखनऊ, मुरादाबाद, राबरेली, औरेया, एटा एवं कानपुर के अभ्यर्थी परीक्षा देने आए थे।
बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन के आसपास के होटल बुक थे। होटलों में भीड़ खाना खाने वालों की रही। कई होटलों में रात 11 बजे खाना खत्म हो गया। भीड़ आने से कुछ ने दाल रोटी दोबारा तैयार कराई। मौके का फायदा उठाने के लिए दाल की रेट 30 रुपया प्लेट तक महंगी कर दी। रोटियों की कीमत बढ़ा दी। कुछ अभ्यर्थी तो अपने साथ खाना लेकर आए थे। वहीं ऑटो और रिक्शा चालकों ने परीक्षा का फायदा उठाया। बस स्टैंड से किड्स कार्नर स्कूल तक के 50 रुपया वसूले तो दाऊदयाल कालेज तक पहुंचाने के 150 रुपये मांगे।
बस स्टैंड एवं रेलवे स्टेशन पर प्रशासन की ओर से परीक्षा केंद्रों की ओर जाने वाले रास्ते का जिक्र किया गया था। इस कारण परीक्षार्थियों को काफी राहत मिली। अधिकांश अभ्यर्थी इसे देखकर कालेज रवाना हुए।
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परीक्षा केंद्रों के बाहर सुबह नौ बजे से ही अभ्यर्थियों की भीड़ नजर आने लगी। सुबह 11 बजे से केंद्रों में अभ्यर्थियों को प्रवेश दिया गया। दोपहर 1.30 तक परीक्षा चली। डीआईओएस रितु गोयल ने प्रोफेसर राजेंद्र प्रसाद स्कूल, बच्चूबाबा सरस्वती विद्या मंदिर, पीके इंटर कालेज में निरीक्षण किया। सेक्टर मजिस्ट्रेट एवं स्टेटिक मजिस्ट्रेट के अलावा लोक सेवा आयोग से आए अधिकारियों ने परीक्षा केंद्र का दौरा किया।
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एसपी सिटी राजेेश सिंह ने एमजी कालेज में पहुंचकर व्यवस्था का जायजा लिया। लोक सेवा आयोग परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं को डाकघर से पार्सल करना था। पुस्तिकाएं जमा करने के लिए मुख्य डाकघर खोला गया। नोडल अधिकारी की मौजूदगी में उत्तर पुस्तिकाएं जमा कराई। वहां से पुस्तिकाओं को रवाना किया। कुल 22 केंद्रों पर हुई टीजीटी परीक्षा के लिए 10138 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। 5481 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी।
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टीजीटी परीक्षा में अभ्यर्थी महिलाएं थी। ऐसे में उनके पति एवं अन्य परिवारीजन परीक्षा दिलाने साथ आए थे। पत्नी परीक्षा देने गई तो परीक्षा केंद्र के बाहर पति बच्चों को संभाले रहे। बलरामपुर, उन्नाव, लखनऊ, मुरादाबाद, राबरेली, औरेया, एटा एवं कानपुर के अभ्यर्थी परीक्षा देने आए थे।
बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन के आसपास के होटल बुक थे। होटलों में भीड़ खाना खाने वालों की रही। कई होटलों में रात 11 बजे खाना खत्म हो गया। भीड़ आने से कुछ ने दाल रोटी दोबारा तैयार कराई। मौके का फायदा उठाने के लिए दाल की रेट 30 रुपया प्लेट तक महंगी कर दी। रोटियों की कीमत बढ़ा दी। कुछ अभ्यर्थी तो अपने साथ खाना लेकर आए थे। वहीं ऑटो और रिक्शा चालकों ने परीक्षा का फायदा उठाया। बस स्टैंड से किड्स कार्नर स्कूल तक के 50 रुपया वसूले तो दाऊदयाल कालेज तक पहुंचाने के 150 रुपये मांगे।
बस स्टैंड एवं रेलवे स्टेशन पर प्रशासन की ओर से परीक्षा केंद्रों की ओर जाने वाले रास्ते का जिक्र किया गया था। इस कारण परीक्षार्थियों को काफी राहत मिली। अधिकांश अभ्यर्थी इसे देखकर कालेज रवाना हुए।