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ऐसी होरी में लग जाय आग री, जानै कैसो चटक रंग...
Updated Sat, 03 Mar 2018 07:52 PM IST
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होली
- फोटो : डेमो
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मथुरा। ‘ऐसी होरी में लग जाए आग री, जानै कैसो चटक रंग डारौ’। प्राचीन द्वारिकाधीश मंदिर में होली के गीतों के स्वर, बरसते रंग और गुलाल ने श्रद्धालुओं को सराबोर कर दिया। होली के रंग में रंगे लोग इस चालीस दिवसीय होली उत्सव के आखिरी दिन (डोल महोत्सव) आनंदित रहे।
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मंदिर में डोल महोत्सव की प्रथम झांकी प्रात: दस बजे खुली। इस दौरान होली गीतों के स्वरों ने श्रद्धालुओं को आनंदित कर दिया। 1:30 बजे से ढाई बजे तक हुए विशेष दर्शनों में रंग और गुलाल की मार ने श्रद्धालुओं को सराबोर कर दिया।
होली गीतों के साथ ही टेसू के फूलों से बने रंग की बौछार में तरबतर होने के लिए श्रद्धालु आतुर हो गए। इस अवसर पर मंदिर के अधिकारी दीनानाथ शर्मा, राकेश तिवारी, भोले, मंदिर के मुखिया अमित चतुर्वेदी, सुरेश शर्मा, ब्रजेश चतुर्वेदी आदि उपस्थित थे।
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होली गीतों के साथ ही टेसू के फूलों से बने रंग की बौछार में तरबतर होने के लिए श्रद्धालु आतुर हो गए। इस अवसर पर मंदिर के अधिकारी दीनानाथ शर्मा, राकेश तिवारी, भोले, मंदिर के मुखिया अमित चतुर्वेदी, सुरेश शर्मा, ब्रजेश चतुर्वेदी आदि उपस्थित थे।
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