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कॉलोनियों में छात्रावास, छात्रों का सत्यापन तक नहीं
Updated Sat, 06 Jan 2018 11:41 PM IST
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आगरा। शहर की प्रमुख कॉलोनी से लेकर मोहल्लों में आवासीय भवन में छात्रावास संचालित हो रहे हैं, इनमें रहने वाले ज्यादातर छात्र-छात्राएं बाहरी हैं। इसके बावजूद न तो संबंधित विभाग कुछ कर रहा है और न ही पुलिस विद्यार्थियों का सत्यापन कर रही है।
शहर में पर्स, चेन और मोबाइल लूट की घटनाएं आम बात है। इसके अलावा घरों में लूट और चोरी की घटनाएं हो रही हैं। कई बार पुलिस के खुलासे में सामने आया है कि दूसरे जिले से आकर बदमाशों ने वारदात को अंजाम दिया।
हाल ही में थाना हरीपर्वत पुलिस ने बाइकर्स गैंग पकड़ा था, इसमें तीन बदमाश पढ़ने वाले थे। दो आरोपी गांव से आकर शहर में किराये पर रह रहे थे। पुलिस के पास पहले से कोई रिकॉर्ड नहीं था। न्यू आगरा, सिकंदरा, हरीपर्वत, जगदीशपुरा, ताजगंज, सदर क्षेत्र की कई कॉलोनियों में आवासीय परिसर में छात्रावास बना दिए गए हैं, इनमें सैकड़ों की संख्या में छात्र बाहर से आकर रह रहे हैं।
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छात्रों के साथ उनके दोस्त और परिचित भी रुकते हैं। थाना पुलिस के पास न तो इन छात्रावासों का कोई रिकॉर्ड होता है और न ही विद्यार्थियों की कोई जानकारी। एसपी सिटी कुंवर अनुपम सिंह ने कहा कि पुलिस के पास प्रार्थनापत्र आने पर किरायेदारों का सत्यापन होता है। इसके लिए मकान मालिक को आवेदन करना होता है।
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शहर में पर्स, चेन और मोबाइल लूट की घटनाएं आम बात है। इसके अलावा घरों में लूट और चोरी की घटनाएं हो रही हैं। कई बार पुलिस के खुलासे में सामने आया है कि दूसरे जिले से आकर बदमाशों ने वारदात को अंजाम दिया।
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हाल ही में थाना हरीपर्वत पुलिस ने बाइकर्स गैंग पकड़ा था, इसमें तीन बदमाश पढ़ने वाले थे। दो आरोपी गांव से आकर शहर में किराये पर रह रहे थे। पुलिस के पास पहले से कोई रिकॉर्ड नहीं था। न्यू आगरा, सिकंदरा, हरीपर्वत, जगदीशपुरा, ताजगंज, सदर क्षेत्र की कई कॉलोनियों में आवासीय परिसर में छात्रावास बना दिए गए हैं, इनमें सैकड़ों की संख्या में छात्र बाहर से आकर रह रहे हैं।
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छात्रों के साथ उनके दोस्त और परिचित भी रुकते हैं। थाना पुलिस के पास न तो इन छात्रावासों का कोई रिकॉर्ड होता है और न ही विद्यार्थियों की कोई जानकारी। एसपी सिटी कुंवर अनुपम सिंह ने कहा कि पुलिस के पास प्रार्थनापत्र आने पर किरायेदारों का सत्यापन होता है। इसके लिए मकान मालिक को आवेदन करना होता है।