फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   आलू को मंडी में फ्री छोड़ने पर मजबूर किसान

आलू को मंडी में फ्री छोड़ने पर मजबूर किसान

Wed, 27 Sep 2017 11:14 PM IST
Updated Wed, 27 Sep 2017 11:14 PM IST
विज्ञापन
आलू को मंडी में फ्री छोड़ने पर मजबूर किसान
आलू की हुई बंपर पैदावार
एटा।
विज्ञापन

आलू की बंपर पैदावार ने किसानों का गणित बिगाड़ दिया है। आलम यह है कि किसान कोल्ड स्टोर से आलू को निकाल कर बराबरी में मंडी पर छोड़कर जा रहा है। किसी-किसी किसान को अगर कीमत सही नही मिल रही तो वह आलू की यूं ही छोड़ने को मजबूर है।
बताते चले कि वर्ष 2016-17 में 8180 हेक्टेयर में आलू की खेती हुई थी, जो गत वर्षों की तुलना में 12 प्रतिशत अधिक बताई गई है। इतना ही नहीं आलू की उत्पादन भी भारी तादात में 2.19 लाख मीट्रिक टन रहा था, जो गत वर्षों की तुलना में 49 हजार मीट्रिक टन अधिक बताई जा रही है।
विज्ञापन

- जिले में सिर्फ 18 कोल्ड स्टोर
जिले में करीब 18 कोल्ड स्टोर है, जिनमें आलू को रखने की क्षमता 16649.15 टन है, जबकि वर्तमान में भंडारन 151677.68 टन है। पैदावार के बाद जब कोल्ड स्टोरों में जगह नहीं बची तो करीब 50 हजार मैट्रिक टन आलू दूसरे जिलों के कोल्ड स्टोर में रखे जाते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

- 150 रुपये बिक रहा प्रति पैकेट
आलू की दुर्दशा का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि दूसरी फसल बोने की तैयारी हो गई है और अभी तक कोल्ड स्टोरेज में आलू भरा पड़ा है। मंडी में भी आलू की 150 रुपये प्रति पैकेट के हिसाब से बिक रहा है। जो सुगर फ्री आलू है, उसका रेट 200 रुपये प्रति पैकेट है।
बाहर नहीं हो पाई आलू की सप्लाई ::
प्रदेश सरकार जिस तरह से आलू की खरीदारी कर बाहर भेजने की बात कह रही थी। वह धरातल पर देखने को नहीं मिली। इससे किसान का आलू कोल्ड स्टोर में ही रखा हुआ है। कीमत कम होने से किसान कोल्ड स्टोर से आलू को निकाल भी नहीं रहा है। क्योंकि मंडी में भी उसे अच्छा रेट नहीं मिल रहा। 150 से 200 रुपये के बीच में ही किसान का आलू खरीदा जा रहा है।
मकबूल अहमद, मंडी आढ़ती
1. कोल्ड स्टोर का भाड़ा 135 रुपये प्रति पैकेट है, दस रुपये अतिरिक्त खर्चा आ रहा है। जबकि मंडी में 150 से 160 रुपये पैकेट के मिल रहे हैं। ऐसे में किसान को कुछ नहीं बच रहा है। जो कुछ हमारे पास था। वह भी लगा बैठे हैं। दूसरी फसल करने के लिए भी परेशान हैं।
रामनाथ, आलू किसान
2. आलू में से कोल्ड का ही खर्चा नहीं निकल रहा। इसके अलावा खाद, बीज, मेहनत तो दूर की बात है। आलू की वजह से सड़क पर आ गए हैं। समझ नहीं आ रहा कि आखिर क्या किया जाए।

मन्नालाल, आलू किसान

वर्जन
-अभी आलू की स्थिति अच्छी नहीं है। किसी तरह कोल्ड स्टोर खाली हो जाएं। हमारी यही कोशिश है। मेरा मानना है कि चालू वित्तीय वर्ष में आलू क्षेत्रफल घटेगा। कच्चा खोदने वाला आलू की भी बुवाई कम होने की आशंका है। मगर जिस तरह से पुराना रिकॉर्ड रहा है, उस लिहाज से आगामी फसल अच्छी कीमत दे सकती है।
विनोद कुमार शर्मा, जिला उद्यान अधिकारी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed