फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Etah News ›   एसी कमरे में बैठकर हो गया तहसील का निरीक्षण

एसी कमरे में बैठकर हो गया तहसील का निरीक्षण

Thu, 21 Sep 2017 11:48 PM IST
Updated Thu, 21 Sep 2017 11:48 PM IST
विज्ञापन
एसी कमरे में बैठकर हो गया तहसील का निरीक्षण
एसी कमरे में बैठकर हो गया तहसील का निरीक्षण - फोटो : अमर उजाला
एटा। गुरुवार को उत्तर प्रदेश मानवाधिकार आयोग के सचिव और जिले के नोडल अफसर का तहसील निरीक्षण एसी कमरे में बैठकर पूरा हो गया। साहब एक-एककर कर्मचारियों को बुलाते रहे और योजनाओं की कागजी रिपोर्ट देखकर समीक्षा करते रहे। वहीं सचिव को दुखड़ा सुनाने पहुंचे फरियादी मायूस होकर भटकते नजर आए।
विज्ञापन

दरअसल, सचिव राज्य मानवाधिकार आयोग और जिले के नोडल अफसर चंद्रकांत जिले के दो दिवसीय दौरे पर हैं। गुरुवार को सचिव को एटा तहसील का निरीक्षण करना था। सचिव के आने की सूचना पर तमाम फरियादियों का सुबह से ही तहसील में जमावड़ा लग गया। दोपहर को सचिव चंद्रकांत तहसील पहुंचे। एडीएम न्यायिक राम अरज यादव, एडीएम प्रशासन सतीश पाल और एसडीएम सदर डा. संजीव कुमार ने सचिव का बुके देकर स्वागत किया। इसके बाद सचिव ने सीधे एसडीएम कार्यालय का रुख किया। अधिकारियों के साथ सचिव ने एसी कमरे में बैठक शुरू कर दी। विभिन्न रजिस्टर और कर्मचारियों को कमरे में बुलाकर योजनाओं की हकीकत जाननी शुरू की। कर्मचारी अपने अपने कामों का ब्यौरा देने के बाद कमरे से वापस आते रहे। इधर, बाहर फ रियादी अपनी समस्या लेकर सचिव के निकलने का इंतजार करते रहे। करीब डेढ़ घंटे बाद सचिव कार्यालय से बाहर निकले और तहसीलदार कोर्ट का निरीक्षण किया। इस दौरान सब कुछ ठीक-ठाक देख वे रिकार्ड रूम की ओर बढ़ गए। यहां से निक लकर सीधे कार की ओर चल दिए। शिकायतों को लेकर पहुंचे फरियादियों ने अपना दुखड़ा सुनाना चाहा, लेकिन उन्होंने कोई खास दिलचस्पी नहीं दिखाई। ऐसे में फरियादी मायूस लौट गए।
विज्ञापन

सचिव का घेराव करने वाली महिलाओं को पुलिस ने धकेला ::
सचिव जब तहसील से अपनी गाड़ी में बैठकर बाहर निकल रहे थे। उसी दौरान गांव धनिगा की महिलाओें ने राशन डीलर की शिकायत को लेकर सचिव का घेराव करने का प्रयास किया। लेकिन पुलिस ने महिलाओं को फटकार कर हटा दिया। इसे लेकर महिलाओं में रोष नजर आया।
विज्ञापन
विज्ञापन

साढ़े तीन घंटे बाद पहुंचे तहसील
सचिव के कार्यक्रम के मुताबिक सुबह 10 बजे तहसील का निरीक्षण किया जाना था, लेकिन वे करीब साढ़े तीन घंटे बाद तहसील पहुंचे। सचिव के आगमन को लेकर सुबह से ही तहसील में फरियादियों का जमावड़ा लगा रहा।
केस नंबर-एक
गांव हिम्मतपुर निवासी सुलेखा आय और जाति प्रमाण पत्र नहीं बनाए जाने की शिकायत लेकर सचिव से मिलने पहुंची थी। काफी देर तक इंतजार करती रहीं। सचिव जैसे ही कार्यालय से निकले, तो सुलेखा ने प्रार्थना पत्र दिया। मगर सुलेखा की शिकायत पर गौर नहीं किया गया।
केस नंबर-दो
गांव नगला जट्टा निवासी श्रीकृष्ण गांव के माता मंदिर पर कब्जा होने की शिकायत लेकर पहुंचे। काफी देर तक इंतजार के बाद जब उनकी शिकायत पर गौर नहीं किया गया, तो वे मायूस होकर चले गए।

रजिस्ट्रार कानूनगो को प्रतिकूल प्रविष्टि
तहसील में निरीक्षण के दौरान सचिव चंद्रकांत ने तमाम योजनाओं के बारे में जानकारी की। उन्होंने कहा कि शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण किया जाए। दस बड़े बकायेदारों पर कोई कार्यवाही न होने पर सचिव ने नाराजगी जताई। साथ ही शिथिल, लापरवाह कर्मचारियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर निलंबित करने के निर्देश दिए। इस दौरान आरटीआई रजिस्टर मैंटेन नहीं था, साथ ही ऑडिट आपत्ति कई वर्षों से लंबित पाई गईं। प्रमाणपत्र लंबित रहने की शिकायत पर सचिव ने एसडीएम को जांच करने के निर्देश दिए। रजिस्टर आफ रजिस्टर न होने, अन्य पत्रावलियां लंबित मिलने पर सचिव ने रजिस्टार कानूनगो वीरेन्द्र सिंह को प्रतिकूल प्रविष्टि निर्गत करने के निर्देश दिए।

--------
राजमिस्त्रियों को दिलाई स्वच्छता की शपथ
सचिव और जिले के नोडल अधिकारी चन्द्रकांत, डीएम अमित किशोर ने जिला पंचायत सभागार में आयोजित विकासखण्ड शीतलपुर, सकीट, निधौलीकलां के राजमिस्त्रियों की कार्यशाला में भी प्रतिभाग किया। सचिव, डीएम ने इस दौरान स्वच्छता पर विशेष जोर दिया, साथ ही स्वच्छता की शपथ भी दिलाई।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed