{"_id":"5999d63b4f1c1b767e8b4907","slug":"21503254075-agra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"राष्ट्र संत तरुण सागर के कड़वे प्रवचन भाग-9 का हुआ विमोचन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
राष्ट्र संत तरुण सागर के कड़वे प्रवचन भाग-9 का हुआ विमोचन
Updated Mon, 21 Aug 2017 12:21 AM IST
विज्ञापन
जैन मुनि तरुण सागर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फिरोजाबाद। जैनाचार्य चैत्य सागर महाराज के सानिध्य में तरुणक्रांति मंच द्वारा राष्ट्र संत तरुण सागर महाराज के ‘कड़वे प्रवचन भाग-9’ पुस्तक का लोकार्पण समारोह संपन्न हुआ।
नसियाजी मंदिर में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ रवीश जैन, संतोष जैन, राजेश जैन ने चित्रानावरण कर किया। मंगलाचरण पांडेय राजेश जैन ने किया। परी जैन ने स्वागतगान की प्रस्तुति दी। जैनाचार्य चैत्यसागर महाराज ने कहा कि मीठे वचन बोलने से व्यक्ति अपना हो जाता है।
जैन संतों को मीठे प्रवचन बोलने चाहिए, ऐसा लिखा है। परंतु तरुण सागर महाराज के कड़वे प्रवचन वर्तमान में आत्म कल्याण के मानचित्र हैं। जो जीवन पथ पर चलने की प्रेरणा देता हैं। क्षुल्लिका शाश्वतमती माताजी ने कहा कि जीने की कला सिर्फ गुरुओं के पास होती है।
विज्ञापन
वरिष्ठ अधिवक्ता अनूपचंद्र जैन ने तरुण सागर महाराज के जीवन प्रवचन देते हुए आठ संस्करण सुनाए। मुख्य अतिथि विधायक मनीष असीजा ने कहा कि जैन दर्शन अहिंसा परमोधर्म के रास्ते पर चलने की प्रेरणा देता है।
जैन संत कमंडल, पिच्छीधारी संयम, उपवासी की प्रेरणा बताते हैं। संचालन संजय जैन पीआरओ ने किया। सत्येंद्र जैन साहू, रतन जैन ने मां सरस्वती की स्तुति की।
विज्ञापन
नसियाजी मंदिर में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ रवीश जैन, संतोष जैन, राजेश जैन ने चित्रानावरण कर किया। मंगलाचरण पांडेय राजेश जैन ने किया। परी जैन ने स्वागतगान की प्रस्तुति दी। जैनाचार्य चैत्यसागर महाराज ने कहा कि मीठे वचन बोलने से व्यक्ति अपना हो जाता है।
विज्ञापन
जैन संतों को मीठे प्रवचन बोलने चाहिए, ऐसा लिखा है। परंतु तरुण सागर महाराज के कड़वे प्रवचन वर्तमान में आत्म कल्याण के मानचित्र हैं। जो जीवन पथ पर चलने की प्रेरणा देता हैं। क्षुल्लिका शाश्वतमती माताजी ने कहा कि जीने की कला सिर्फ गुरुओं के पास होती है।
विज्ञापन
वरिष्ठ अधिवक्ता अनूपचंद्र जैन ने तरुण सागर महाराज के जीवन प्रवचन देते हुए आठ संस्करण सुनाए। मुख्य अतिथि विधायक मनीष असीजा ने कहा कि जैन दर्शन अहिंसा परमोधर्म के रास्ते पर चलने की प्रेरणा देता है।
जैन संत कमंडल, पिच्छीधारी संयम, उपवासी की प्रेरणा बताते हैं। संचालन संजय जैन पीआरओ ने किया। सत्येंद्र जैन साहू, रतन जैन ने मां सरस्वती की स्तुति की।