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एसआईटी ने जिले में चिह्नित किए 97 फर्जी शिक्षक
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कासगंज। शिक्षकों की भर्ती में हुए फर्जीवाड़े की जांच में एसआईटी ने जिले में 97 फर्जी शिक्षक चिह्नित किए हैं। एसआईटी की भेजी गई सीडी से शिक्षा विभाग ने मिलान कर लिया है। सीडी में पूर्व में चिह्नित सभी 97 शिक्षक नई सूची में शामिल पाए गए हैं। सूची से मिलाने होने के बाद अब इन शिक्षकों पर कार्रवाई की तलवार लटक गई है। जिससे इन शिक्षकों में खलबली मच गई है।
डा. बीआर आंबेडकर विश्वविद्यालय से वर्ष 2004-05 में बीएड करने के बाद बेसिक शिक्षा परिषद में शिक्षक पद पर नियुक्त होने वाले अभ्यर्थियों की वर्ष 2017 में एसआईटी जांच के बाद शिक्षा विभाग को सूची भेजी गई थी। सूची की जांच करने पर उस समय 97 शिक्षक संदिग्ध पाए गए। विभाग ने जिसकी सूचना बेसिक शिक्षा परिषद को भेज दी। इसके बाद शिक्षा विभाग ने शासन के निर्देशों पर उनका वेतन रोक दिया। वेतन रुकने पर शिक्षक मामले को कोर्ट में ले गए। कोर्ट के आदेश पर इन शिक्षकों का वेतन जारी कर दिया गया। कोर्ट से हरी झंडी मिलने के बाद एसआईटी ने नए सिरे से सूची का परीक्षण किया। इसके बाद बेसिक शिक्षा परिषद ने फर्जी एवं टैंपर्ड अभ्यर्थियों की संशोधित सूची तैयार कराने के बाद फिर से शिक्षा विभाग को भेज दी। इस सूची का शिक्षा विभाग ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों के माध्यम से मिलान कराया।
नई सूची में सभी 97 शिक्षकों के नामों से मिलान हो गया। इन शिक्षकों के मिलान होने के बाद अब शिक्षा विभाग इनके खिलाफ कार्रवाई करने के लिए दिशा निर्देशों का इंतजार कर रहा है। शासन से जैसे ही जो भी दिशा निर्देश मिलेंगे उनके आधार पर इन शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाए जाने की पूरी संभावना है। सूची में नाम मिल जाने के बाद अब इन शिक्षकों की धड़कने भी बढ़ गई हैं। उनको भी कार्रवाई का डर सता रहा है।
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शिक्षकों के ग्रुपों पर है मामले की हलचल
कासगंज। वर्ष 2004-05 में बीआर आंबेडकर विश्वविद्यालय से बीएड करने वाले नियुक्त शिक्षकों की जांच के मामले की सोशल साइटस पर भी हलचल देखी जा रही है। व्हाट्सएप पर शिक्षकों के विभिन्न संगठनों के ग्रुप संचालित हैं। इन ग्रुपों पर शिक्षकों की तैनाती की सूचनाओं का आदान प्रदान भी किया जा रहा है।
वर्ष 2004- 05 में बीएड कर शिक्षिका की नौकरी पाने वाले अभ्यर्थियों की जो संशोधित सूची भेजी गई है उसका मिलान कर लिया गया है। पूर्व में चिह्नित सभी शिक्षकों के नाम इस सूची में शामिल पाए गए है। अभी इन शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश नहीं मिले हैं। जो भी निर्देश होंगे उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी। अंजली अग्रवाल जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी
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डा. बीआर आंबेडकर विश्वविद्यालय से वर्ष 2004-05 में बीएड करने के बाद बेसिक शिक्षा परिषद में शिक्षक पद पर नियुक्त होने वाले अभ्यर्थियों की वर्ष 2017 में एसआईटी जांच के बाद शिक्षा विभाग को सूची भेजी गई थी। सूची की जांच करने पर उस समय 97 शिक्षक संदिग्ध पाए गए। विभाग ने जिसकी सूचना बेसिक शिक्षा परिषद को भेज दी। इसके बाद शिक्षा विभाग ने शासन के निर्देशों पर उनका वेतन रोक दिया। वेतन रुकने पर शिक्षक मामले को कोर्ट में ले गए। कोर्ट के आदेश पर इन शिक्षकों का वेतन जारी कर दिया गया। कोर्ट से हरी झंडी मिलने के बाद एसआईटी ने नए सिरे से सूची का परीक्षण किया। इसके बाद बेसिक शिक्षा परिषद ने फर्जी एवं टैंपर्ड अभ्यर्थियों की संशोधित सूची तैयार कराने के बाद फिर से शिक्षा विभाग को भेज दी। इस सूची का शिक्षा विभाग ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों के माध्यम से मिलान कराया।
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नई सूची में सभी 97 शिक्षकों के नामों से मिलान हो गया। इन शिक्षकों के मिलान होने के बाद अब शिक्षा विभाग इनके खिलाफ कार्रवाई करने के लिए दिशा निर्देशों का इंतजार कर रहा है। शासन से जैसे ही जो भी दिशा निर्देश मिलेंगे उनके आधार पर इन शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाए जाने की पूरी संभावना है। सूची में नाम मिल जाने के बाद अब इन शिक्षकों की धड़कने भी बढ़ गई हैं। उनको भी कार्रवाई का डर सता रहा है।
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शिक्षकों के ग्रुपों पर है मामले की हलचल
कासगंज। वर्ष 2004-05 में बीआर आंबेडकर विश्वविद्यालय से बीएड करने वाले नियुक्त शिक्षकों की जांच के मामले की सोशल साइटस पर भी हलचल देखी जा रही है। व्हाट्सएप पर शिक्षकों के विभिन्न संगठनों के ग्रुप संचालित हैं। इन ग्रुपों पर शिक्षकों की तैनाती की सूचनाओं का आदान प्रदान भी किया जा रहा है।
वर्ष 2004- 05 में बीएड कर शिक्षिका की नौकरी पाने वाले अभ्यर्थियों की जो संशोधित सूची भेजी गई है उसका मिलान कर लिया गया है। पूर्व में चिह्नित सभी शिक्षकों के नाम इस सूची में शामिल पाए गए है। अभी इन शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश नहीं मिले हैं। जो भी निर्देश होंगे उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी। अंजली अग्रवाल जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी