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अवैध निर्माण चिह्ति करने में गूगल गुरु करेंगे मदद
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मथुरा। मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण अवैध निर्माण की समस्या से निपटने के लिए अब गूगल मैंपिंग कराने जा रहा है। इसके लिए लखनऊ की रिमोड सेंसिंग एजेंसी की मदद मांगी गई है। एजेंसी 10 से 15 दिन के दौरान खेतों में तैयार हो रही अवैध कालोनियों सहित संपूर्ण निर्माण का मैप उपलब्ध कराएगी।
पिछले दो साल के दौरान प्राधिकरण क्षेत्र में बड़े स्तर पर अवैध निर्माण हुआ है। करीब 200 कालोनियां अवैध रूप से अमल में आ गई हैं, जबकि पूर्व से ही 300 से अधिक ऐसी कालोनियां मौजूद हैं। इसमें यमुना के खादर में किया गया निर्माण भी शामिल है।
ऐसी स्थिति में प्राधिकरण ने अवैध निर्माण को चिह्ति करने के लिए गूगल की मदद लेने का फैसला किया है। इसके लिए लखनऊ की एजेंसी रिमोड सेंसिंग की मदद मांगी है। यह एजेंसी प्राधिकरण के प्रस्ताव पर संपूर्ण क्षेत्र की गूगल मैपिंग करेगी।
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सचिव डॉ. बसंत अग्रवाल ने बताया कि एजेंसी ने 15 दिन में गूगल मैप देने पर सहमति जताई है। इसके आधार पर अवैध निर्माण को चिह्ति करते हुए ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई भी होगी।
अवैध निर्माण की बाढ़
पिछले दो साल में अवैध निर्माण की बाढ़ आ गई है। सील के बाद निर्माण कार्य पूरे किए गए हैं। श्रीकृष्ण जन्मस्थान जैसे अतिसंवेदनशील क्षेत्र में भी जमकर अवैध निर्माण हुआ है। इसके लिए प्राधिकरण के अभियंताओं ने मोटी कीमत वसूली है। प्राधिकरण के कई अभियंता इसके लिए शहर की सुर्खियों में हैं।
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पिछले दो साल के दौरान प्राधिकरण क्षेत्र में बड़े स्तर पर अवैध निर्माण हुआ है। करीब 200 कालोनियां अवैध रूप से अमल में आ गई हैं, जबकि पूर्व से ही 300 से अधिक ऐसी कालोनियां मौजूद हैं। इसमें यमुना के खादर में किया गया निर्माण भी शामिल है।
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ऐसी स्थिति में प्राधिकरण ने अवैध निर्माण को चिह्ति करने के लिए गूगल की मदद लेने का फैसला किया है। इसके लिए लखनऊ की एजेंसी रिमोड सेंसिंग की मदद मांगी है। यह एजेंसी प्राधिकरण के प्रस्ताव पर संपूर्ण क्षेत्र की गूगल मैपिंग करेगी।
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सचिव डॉ. बसंत अग्रवाल ने बताया कि एजेंसी ने 15 दिन में गूगल मैप देने पर सहमति जताई है। इसके आधार पर अवैध निर्माण को चिह्ति करते हुए ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई भी होगी।
अवैध निर्माण की बाढ़
पिछले दो साल में अवैध निर्माण की बाढ़ आ गई है। सील के बाद निर्माण कार्य पूरे किए गए हैं। श्रीकृष्ण जन्मस्थान जैसे अतिसंवेदनशील क्षेत्र में भी जमकर अवैध निर्माण हुआ है। इसके लिए प्राधिकरण के अभियंताओं ने मोटी कीमत वसूली है। प्राधिकरण के कई अभियंता इसके लिए शहर की सुर्खियों में हैं।