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स्कूलों ने छुट्टियों की भी जमा करा ली फीस
Updated Thu, 31 May 2018 08:24 PM IST
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डेमो
- फोटो : डेमो
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मथुरा। सीबीएसई, सीआईएससीई और यूपी बोर्ड के निजी विद्यालयों के प्रबंधकों ने अभिभावकों से छुट्टियों की भी फीस जमा करा ली है। इस मामले में योगी सरकार की ओर से से जारी आदेश के बाद भी अभिभावकों को राहत नहीं मिली है।
योगी सरकार ने निजी विद्यालयों पर शिकंजा कसने के लिए नया अधिनियम दो माह पहले जारी किया था। इसके तहत एडमिशन फीस सिर्फ एक बार ली जानी है। बच्चों के बस्ता में निजी प्रकाशकों की पुस्तकों को प्रतिबंधित कर दिया गया है। सिर्फ एनसीईआरटी की ही पुस्तक पढ़ाई जाएंगी। वाहन शुल्क 11 माह का देना है। यूनीफार्म भी प्रत्येक साल नहीं बदलेगी।
पुस्तकों की खरीद किसी एक दुकान से नहीं होगी। लेकिन, इन आदेशों में से किसी का भी पालन जनपद में नहीं हुआ। अधिकांश विद्यालयों में निजी प्रकाशकों की पुस्तक शामिल करा दी हैं। इनकी खरीद भी सभी विद्यालयों ने अपनी निर्धारित दुकानों से कराई है। शैक्षिक सत्र शुरू होने के दौरान प्रशासनिक और शिक्षाधिकारी इन स्थितियों पर चुप्पी साधे रहे।
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अब छुट्टियों की फीस भी जमा करा ली गई है। इतना ही नहीं, विद्यालयों द्वारा वेबसाइट के नोटिस बोर्ड पर फीस का विवरण भी जारी नहीं किया है। 25 विद्यालयों ने तो उपरोक्त विवरण जिलाविद्यालय निरीक्षक कार्यालय को उपलब्ध भी नहीं कराया है। प्रभारी डीआईओएस संतोष सारस्वत ने बताया कि अधिनियम का उल्लंघन करने के मामले में अब तक कोई शिकायत नहीं आई है। अभिभावक शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इसका निस्तारण मंडल स्तर पर गठित समिति के स्तर से किया जाएगा।
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योगी सरकार ने निजी विद्यालयों पर शिकंजा कसने के लिए नया अधिनियम दो माह पहले जारी किया था। इसके तहत एडमिशन फीस सिर्फ एक बार ली जानी है। बच्चों के बस्ता में निजी प्रकाशकों की पुस्तकों को प्रतिबंधित कर दिया गया है। सिर्फ एनसीईआरटी की ही पुस्तक पढ़ाई जाएंगी। वाहन शुल्क 11 माह का देना है। यूनीफार्म भी प्रत्येक साल नहीं बदलेगी।
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पुस्तकों की खरीद किसी एक दुकान से नहीं होगी। लेकिन, इन आदेशों में से किसी का भी पालन जनपद में नहीं हुआ। अधिकांश विद्यालयों में निजी प्रकाशकों की पुस्तक शामिल करा दी हैं। इनकी खरीद भी सभी विद्यालयों ने अपनी निर्धारित दुकानों से कराई है। शैक्षिक सत्र शुरू होने के दौरान प्रशासनिक और शिक्षाधिकारी इन स्थितियों पर चुप्पी साधे रहे।
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अब छुट्टियों की फीस भी जमा करा ली गई है। इतना ही नहीं, विद्यालयों द्वारा वेबसाइट के नोटिस बोर्ड पर फीस का विवरण भी जारी नहीं किया है। 25 विद्यालयों ने तो उपरोक्त विवरण जिलाविद्यालय निरीक्षक कार्यालय को उपलब्ध भी नहीं कराया है। प्रभारी डीआईओएस संतोष सारस्वत ने बताया कि अधिनियम का उल्लंघन करने के मामले में अब तक कोई शिकायत नहीं आई है। अभिभावक शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इसका निस्तारण मंडल स्तर पर गठित समिति के स्तर से किया जाएगा।