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...जब अटलजी का पलट गया था तांगा
Updated Sun, 24 Dec 2017 10:45 PM IST
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एटा। आज पूरा देश भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का 93वां जन्मदिन मना रहा है। इसको लेकर जिले के भाजपाई गदगद है लेकिन यह बात बहुत कम लोगों को मालूम है कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी के प्रमुख संस्मरणों में एटा का भी संस्मरण शामिल है। इसमें भ्रमण के दौरान उनका तांगा पलट गया था। यह घटना वर्ष 60 के दशक की है।
पूर्व जिलाध्यक्ष सुरेंद्र प्रकाश गुप्ता ने बताया कि वह तत्कालीन सांसद डॉ. महादीपक सिंह शाक्य एवं उनके पुत्र अरविंद शाक्य एवं सत्यपाल सिंह राठौर (वर्तमान विधायक) के साथ 1999 में अटल जी से मिलने प्रधानमंत्री आवास गए थे। 74 वर्ष की उम्र में उनकी याददाश्त एवं जिले के लोगों के प्रति लगाव देखकर वह गदगद हो उठे थे। उन्होंने बताया कि राजनीतिक शिखर पर बैठे अटल जी ने साठ के दशक में एटा भ्रमण के दौरान की एक घटना सुनाकर रोमांचित कर दिया था।
गुप्ता ने बताया कि मुलाकात में अटल जी ने जिले के कई कार्यकर्ताओं के नाम लेकर हालचाल पूछे। इतना ही नहीं साठ के दशक की घटना को याद करते हुए पूर्व प्रधानमंत्री ने बताया कि वे मिर्ची (मिरहची) निवासी जनसंघ नेता भरोसे लाल (रामभरोसे लाल) के साथ तांगे से मारहरा जा रहे थे। तभी कंकड़ वाली सड़क पर तांगा असंतुलित होकर पलट गया था और लाला जी और अटल जी गिर गए। तांगे वाला डर गया, लेकिन किसी को खास चोट नहीं लगी
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संघ नेता के घर ठहरे थे अटल जी
दशकों पूर्व राजनीतिक गतिविधियों का केंद्र रहे परमेश सदन में अटल जी ठहर चुके हैं। प्रसिद्ध अधिवक्ता एवं संघ प्रचारक लाला परमेश्वरी दयाल जी के पौत्र यश कुमार सक्सेना ने बताया कि बाबा जी के समय में उनके घर स्वयंसेवकों का जमावड़ा रहता था। अटल जी के अलावा जनसंघ के वरिष्ठ नेता भी उनके घर रुक चुके हैं। अटल जी व्यक्तिगत रूप से बाबा साहब को जानते हैं।
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अटल जी ने थपथपाई लालू खां की पीठ
लंबे समय तक भाजपा जिलाध्यक्ष रहे सुरेंद्र गुप्ता बताते हैं कि 9 अप्रैल 1996 में जनसभा के लिए आए अटल जी को वह पुलिस लाइन स्थित हेलीपैड से सभास्थल तक अपनी कार से ले गए थे। उस समय अटल जी कार चालक की फुर्ती से इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने उससे नाम पूछा। चालक ने अपना नाम लालू खां बताया तो अटल जी ने उसकी पीठ थपथपाते हुए कहा अच्छे चालक हो। लालू जीवन पर्यंत अटल जी के स्पर्श और प्रशंसा से गदगद रहा।
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पूर्व जिलाध्यक्ष सुरेंद्र प्रकाश गुप्ता ने बताया कि वह तत्कालीन सांसद डॉ. महादीपक सिंह शाक्य एवं उनके पुत्र अरविंद शाक्य एवं सत्यपाल सिंह राठौर (वर्तमान विधायक) के साथ 1999 में अटल जी से मिलने प्रधानमंत्री आवास गए थे। 74 वर्ष की उम्र में उनकी याददाश्त एवं जिले के लोगों के प्रति लगाव देखकर वह गदगद हो उठे थे। उन्होंने बताया कि राजनीतिक शिखर पर बैठे अटल जी ने साठ के दशक में एटा भ्रमण के दौरान की एक घटना सुनाकर रोमांचित कर दिया था।
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गुप्ता ने बताया कि मुलाकात में अटल जी ने जिले के कई कार्यकर्ताओं के नाम लेकर हालचाल पूछे। इतना ही नहीं साठ के दशक की घटना को याद करते हुए पूर्व प्रधानमंत्री ने बताया कि वे मिर्ची (मिरहची) निवासी जनसंघ नेता भरोसे लाल (रामभरोसे लाल) के साथ तांगे से मारहरा जा रहे थे। तभी कंकड़ वाली सड़क पर तांगा असंतुलित होकर पलट गया था और लाला जी और अटल जी गिर गए। तांगे वाला डर गया, लेकिन किसी को खास चोट नहीं लगी
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संघ नेता के घर ठहरे थे अटल जी
दशकों पूर्व राजनीतिक गतिविधियों का केंद्र रहे परमेश सदन में अटल जी ठहर चुके हैं। प्रसिद्ध अधिवक्ता एवं संघ प्रचारक लाला परमेश्वरी दयाल जी के पौत्र यश कुमार सक्सेना ने बताया कि बाबा जी के समय में उनके घर स्वयंसेवकों का जमावड़ा रहता था। अटल जी के अलावा जनसंघ के वरिष्ठ नेता भी उनके घर रुक चुके हैं। अटल जी व्यक्तिगत रूप से बाबा साहब को जानते हैं।
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अटल जी ने थपथपाई लालू खां की पीठ
लंबे समय तक भाजपा जिलाध्यक्ष रहे सुरेंद्र गुप्ता बताते हैं कि 9 अप्रैल 1996 में जनसभा के लिए आए अटल जी को वह पुलिस लाइन स्थित हेलीपैड से सभास्थल तक अपनी कार से ले गए थे। उस समय अटल जी कार चालक की फुर्ती से इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने उससे नाम पूछा। चालक ने अपना नाम लालू खां बताया तो अटल जी ने उसकी पीठ थपथपाते हुए कहा अच्छे चालक हो। लालू जीवन पर्यंत अटल जी के स्पर्श और प्रशंसा से गदगद रहा।