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ड्राइविंग लाइसेंस के लिए ले रहे मनमानी फीस, अफसर खामोश
Updated Tue, 24 Oct 2017 11:29 PM IST
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एआरटीओ दफ्तर की जांच, पकड़े गए दलाल
- फोटो : फाइल फोटो
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मैनपुरी। कलक्ट्रेट परिसर स्थित उप संभागीय परिवहन कार्यालय में मनमानी कायम है। दफ्तर में कई बाहरी युवक काम कर रहे हैं। वे वाहन पंजीकरण, ड्राइविंग लाइसेंस आदि के लिए आवेदकों से मनमानी फीस वसूल कर रहे हैं। अधिकारी सब कुछ जानते हुए भी खामोश बने हैं।
बता दें कि तत्कालीन जिलाधिकारी लोकेश एम की ओर से पूर्व में उप संभागीय परिवहन कार्यालय में छापा मार कर दलालों के खिलाफ कार्रवाई की गई थी। इसके बाद कई बार दलालों के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई की गईं। उक्त कार्रवाईयों के बाद कुछ दिनों तक तो दलाल सहमे रहे, लेकिन फिर से कार्यालय में दलालों की सक्रियता तेज हो गई है।
कार्यालय के बाहर सक्रिय दलालों के अलावा दफ्तर के भीतर भी कई युवक सरकारी कार्य निपटा रहे हैं। आवेदकों के फार्म लेना, फोटो खींचना, सरकारी अभिलेखों की जांच आदि काम यही बाहरी युवक करते दिखते हैं।
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यही नहीं महत्वपूर्ण सरकारी अभिलेख किस किस के हाथों से होकर गुजर रहे हैं। इसकी जानकारी शायद ही अधिकारियों को हो। कई बार लोगों ने इस मनमानी की शिकायत भी की, लेकिन जनता की सुनने के लिए न तो विभागीय अधिकारी और न ही प्रशासनिक अफसरों के पास समय है।
एआरटीओ राजेश कर्दम का कहना है कि विभाग में मौजूदा समय में छह बाबू, तीन सिपाही, पांच संविदाकर्मी और पीटीओ हैं। परिसर के बाहर दलाली आदि किए जाने की जानकारी मिली है। कार्यालय के सभी कर्मचारियों को सख्त हिदायत दी गई है। कोई भी गलत कार्य न करें विभाग किसी भी तरह से गलत कार्य करने वालों का संरक्षण नहीं करता।
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बता दें कि तत्कालीन जिलाधिकारी लोकेश एम की ओर से पूर्व में उप संभागीय परिवहन कार्यालय में छापा मार कर दलालों के खिलाफ कार्रवाई की गई थी। इसके बाद कई बार दलालों के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई की गईं। उक्त कार्रवाईयों के बाद कुछ दिनों तक तो दलाल सहमे रहे, लेकिन फिर से कार्यालय में दलालों की सक्रियता तेज हो गई है।
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कार्यालय के बाहर सक्रिय दलालों के अलावा दफ्तर के भीतर भी कई युवक सरकारी कार्य निपटा रहे हैं। आवेदकों के फार्म लेना, फोटो खींचना, सरकारी अभिलेखों की जांच आदि काम यही बाहरी युवक करते दिखते हैं।
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यही नहीं महत्वपूर्ण सरकारी अभिलेख किस किस के हाथों से होकर गुजर रहे हैं। इसकी जानकारी शायद ही अधिकारियों को हो। कई बार लोगों ने इस मनमानी की शिकायत भी की, लेकिन जनता की सुनने के लिए न तो विभागीय अधिकारी और न ही प्रशासनिक अफसरों के पास समय है।
एआरटीओ राजेश कर्दम का कहना है कि विभाग में मौजूदा समय में छह बाबू, तीन सिपाही, पांच संविदाकर्मी और पीटीओ हैं। परिसर के बाहर दलाली आदि किए जाने की जानकारी मिली है। कार्यालय के सभी कर्मचारियों को सख्त हिदायत दी गई है। कोई भी गलत कार्य न करें विभाग किसी भी तरह से गलत कार्य करने वालों का संरक्षण नहीं करता।