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डेंगू, मलेरिया: खतरे तमाम, इलाज के नहीं इंतजाम

Sat, 08 Jul 2017 11:30 PM IST
Updated Sat, 08 Jul 2017 11:30 PM IST
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डेंगू, मलेरिया: खतरे तमाम, इलाज के नहीं इंतजाम
Dengue
फिरोजाबाद। बरसात का मौसम शुरू हो चुका है। जलभराव से मलेरिया, डेंगू और फाल्सीफेरम जैसी बीमारियों को बढ़ावा देने के लिए काफी है। इसके बावजूद मलेरिया और स्वास्थ्य विभाग की नींद नहीं खुल रही है। फॉगिंग और दवा का छिड़काव कराना शुरू नहीं किया है। जिला अस्पताल में तो मलेरिया और डेंगू के इलाज के लिए पर्याप्त साधन हीं नहीं हैं।
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सरकारी महकमे में डेंगू के इलाज का कोई इंतजाम नहीं है। अगर किसी को प्लेटलेट्स की जरूरत पडे़ तो तीमारदारों को प्राइवेट ब्लड बैंक या आगरा के चक्कर लगाने पड़ते हैं। जिला ब्लडबैंक में प्लेटलेट्स की मशीन उपलब्ध ही नहीं है। वहीं, जिला अस्पताल में मलेरिया की जांच कार्ड से नहीं होती। दूसरी तरफ पैथालॉजी में वर्षों पुरानी तकनीक से मलेरिया की जांच की जा रही है। इससे मलेरिया के शुरुआती लक्षण भी नहीं पता चल पाते हैं।
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डेंगू का इलाज जिला अस्पताल में पर्याप्त न होने से मरीजों को प्राइवेट अस्पताल में भर्ती होना पड़ता है। जहां मरीजों की जेब ढीली करनी पड़ती है। ऐसे में गरीब मरीजों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
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जिला अस्पताल परिसर में बनी तलैया से मरीजों को और बीमार होने का खतरा मंडराता रहता है। शहर एवं देहात के कई क्षेत्रों में स्थाई जलभराव कई बार बीमारियों का कारण बना है। जलेसर रोड पर बना खत्ताघर से बीमारियां पनपने की आंशका बनी रहती है।

सामान्य तौर पर मलेरिया का संक्रमण होने के 10 दिन बाद मलेरिया के लक्षण आते हैं। ठंड लगकर बुखार आना, सिरदर्द, बदन दर्द, भूख न लगना, खून की कमी, सांस लेने में तकलीफ, हाथ-पैरो में एठन आदि मलेरिया के लक्षण हैं।

जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. अजय अग्रवाल कहते हैं कि जरूरी नहीं है कि मलेरिया, डेंगू ठंड लगने से आए। अगर बुखार ज्यादा दिन तक हो तो उसकी जांच अवश्य करा लें। झोलाछापों के चक्कर में न पडे़। साफ स्वच्छता का ध्यान रखें।

चर्मरोग विशेषज्ञ डॉ. आरए सुधाकर का कहना है कि उमस के कारण आने वाले पसीने से सबसे ज्यादा मरीज चर्म रोग के हो रहे हैं। फुंसी, फोड़े, इंफेक्शन, दाद के मरीज ज्यादा बढ़ गए हैं। स्वच्छ पानी का सेवन अधिक करें। त्वचा संबंधित बीमारी होने पर चिकित्सक से परामर्श लें।


सीएमओ डा. एसके दीक्षित कहते हैं कि मलेरिया, चिकनगुनिया, डेंगू के इलाज के लिए सभी अस्पतालों को निर्देशित किया जा चुका है। जिला अस्पताल, सभी सीएचसी, पीएचसी स्तर पर जांच कार्ड पहले से ही उपलब्ध है। जहां निशुल्क जांच और इलाज किया जाता है। जहां भी मलेरिया बढे़गा, सूचना मिलने पर स्वास्थ्य टीम क्षेत्र में तुरंत पहुंचेगी।
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