{"_id":"5c966a40bdec2275a46a0301","slug":"191553361472-agra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पक गई गेहूं की फसल, अब तक नहीं मिला बीजों का अनुदान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पक गई गेहूं की फसल, अब तक नहीं मिला बीजों का अनुदान
विज्ञापन
तेज हवा के साथ हुई बारिश से गिरी गेहूं की फसल
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कासगंज। किसानों को सस्ता और अच्छी गुणवत्ता का बीज दिलाने के लिए कृषि विभाग के द्वारा हर ब्लॉक पर बीज भंडारों से बीजों का वितरण किया जाता है। इसी के तहत गेहूं के लिए किसानों ने अनुदान का बीज बीज भंडारों से खरीदा। लेकिन उनकी फसल पक कर तैयार हैं, लेकिन अभी तक अनुदान नहीं मिला।
जिले के सभी ब्लॉकों में बीज भंडारों से किसानों ने अक्तूबर के अंत में और नवंबर के प्रारंभ में गेहूं की बोवाई की। जिन किसानों का पंजीकरण पारदर्शी किसान सेवा योजना के तहत पोर्टल पर था उन्हें अनुदान योजना का लाभ दिया गया। जनपद में करीब 4 हजार किसानों ने अनुदान का बीज खरीदा। उनकी अनुदान की धनराशि उनके खेतों में भेजे जाने के लिए उनसे खाते, बैंक का आईएफसी कोड सहित अन्य विवरण मांगा गया।
गेहूं के बीच पर कुल अनुदान - 1600 रुपये प्रति क्विंटल
केंद्र का अनुदान में अंश - 1000 रुपये प्रति क्विंटल
राज्य का अनुदान में अंश - 600 रुपये प्रति क्विंटल
अनुदान की राशि किसानों को शीघ्र दी जानी चाहिए। किसानों की लागत पहले स अधिक रहती है। अनुदान की राशि देर में मिलते से किसानों को परेशानी होती है।
खाजन सिंह, किसान
फसल के पक जाने तक बोवाई के समय लिए गए बीज का अनुदान नहीं मिला है। जबकि योजनाओं का लाभ समय से मिल जाए तो किसानों को राहत मिलती है, शीघ्र अनुदान मिलना चाहिए।
विज्ञापन
रामजीत, किसान
कॉपरेटिव बैंक की सूची काफी देरी से प्राप्त हुई। उसके बाद लगभग एक माह तक पोर्टल बंद रहा। अब फिर से पोर्टल खुल गया है। किसानों के खातों में अनुदान की राशि भेजी जा रही है। शीघ्र ही सभी के खातों में धनराशि आ जाएगी।
सुमित कुमार चौहान, जिला कृषि अधिकारी, कासगंज
विज्ञापन
जिले के सभी ब्लॉकों में बीज भंडारों से किसानों ने अक्तूबर के अंत में और नवंबर के प्रारंभ में गेहूं की बोवाई की। जिन किसानों का पंजीकरण पारदर्शी किसान सेवा योजना के तहत पोर्टल पर था उन्हें अनुदान योजना का लाभ दिया गया। जनपद में करीब 4 हजार किसानों ने अनुदान का बीज खरीदा। उनकी अनुदान की धनराशि उनके खेतों में भेजे जाने के लिए उनसे खाते, बैंक का आईएफसी कोड सहित अन्य विवरण मांगा गया।
विज्ञापन
गेहूं के बीच पर कुल अनुदान - 1600 रुपये प्रति क्विंटल
केंद्र का अनुदान में अंश - 1000 रुपये प्रति क्विंटल
राज्य का अनुदान में अंश - 600 रुपये प्रति क्विंटल
अनुदान की राशि किसानों को शीघ्र दी जानी चाहिए। किसानों की लागत पहले स अधिक रहती है। अनुदान की राशि देर में मिलते से किसानों को परेशानी होती है।
खाजन सिंह, किसान
फसल के पक जाने तक बोवाई के समय लिए गए बीज का अनुदान नहीं मिला है। जबकि योजनाओं का लाभ समय से मिल जाए तो किसानों को राहत मिलती है, शीघ्र अनुदान मिलना चाहिए।
विज्ञापन
रामजीत, किसान
कॉपरेटिव बैंक की सूची काफी देरी से प्राप्त हुई। उसके बाद लगभग एक माह तक पोर्टल बंद रहा। अब फिर से पोर्टल खुल गया है। किसानों के खातों में अनुदान की राशि भेजी जा रही है। शीघ्र ही सभी के खातों में धनराशि आ जाएगी।
सुमित कुमार चौहान, जिला कृषि अधिकारी, कासगंज