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जिले में नवजातों को पिला दी बायोमेड कंपनी की वैक्सीन
Updated Sat, 06 Oct 2018 11:52 PM IST
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फिरोजाबाद। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने फिरोजाबाद सहित प्रदेश के सभी जिलों के सरकारी अस्पतालों में बच्चों को बायोमेड कंपनी की पोलियो की दवा पिलाने पर रोक लगा दी है। पिछले महीने गाजियाबाद की बायोमेड कंपनी की दवा में पी-2 वायरस मिलने के बाद कार्रवाई की गई है। वैक्सीन का स्टाक अलग रख दिया गया है। कंपनी के आदेश पर वापस कर दिया जाएगा।
सरकारी अस्पतालों में नवजात बच्चों को पोलियो की खुराक दी जाती है। बच्चे के जन्म से आधे घंटे से लेकर 15 दिन के बीच पहली खुराक दी जाती है। इससे बच्चे के शरीर में पोलियो वायरस से लड़ने की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। इसके बाद डेढ़ माह, ढाई माह, साढ़े तीन साल तक दवा पिलाई जाती है। पांच साल की उम्र तक बूस्टर लगाया जाता है। जिले में बच्चों की सेहत से खिलवाड़ किया गया।
जन्म के बाद या फिर 15 दिन के बीच खुराक दी जाती है, वो महिला अस्पताल में करीब 20 से 25 दिन तक बच्चों को डोज दी गई। हालांकि किसी बच्चे को नुकसान नहीं हुआ है। आदेश के बाद सीएमओ दफ्तर में वैक्सीन मंगा ली गई। जिला महिला अस्पताल की सीएमएस डा. साधना सिंह ने बताया कि वैक्सीन सीएमओ कार्यालय से आती हैं। जब तक रोक नहीं लगी थी तबतक बच्चों को लगाई जाती थी।
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आदेश के बाद बंद करा दिया गया। सीएमएस ने बताया कि बायोमेड कंपनी की वैक्सीन बंद होने से पोलियो की दवा नहीं दी जा रही है। स्वास्थ्य मंत्रालय एवं निदेशालय के इस दिशा में दिशा निर्देश नहीं आए हैं। हालांकि बच्चों को आईपीवी लगाए जा रहे हैं।
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सरकारी अस्पतालों में नवजात बच्चों को पोलियो की खुराक दी जाती है। बच्चे के जन्म से आधे घंटे से लेकर 15 दिन के बीच पहली खुराक दी जाती है। इससे बच्चे के शरीर में पोलियो वायरस से लड़ने की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। इसके बाद डेढ़ माह, ढाई माह, साढ़े तीन साल तक दवा पिलाई जाती है। पांच साल की उम्र तक बूस्टर लगाया जाता है। जिले में बच्चों की सेहत से खिलवाड़ किया गया।
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जन्म के बाद या फिर 15 दिन के बीच खुराक दी जाती है, वो महिला अस्पताल में करीब 20 से 25 दिन तक बच्चों को डोज दी गई। हालांकि किसी बच्चे को नुकसान नहीं हुआ है। आदेश के बाद सीएमओ दफ्तर में वैक्सीन मंगा ली गई। जिला महिला अस्पताल की सीएमएस डा. साधना सिंह ने बताया कि वैक्सीन सीएमओ कार्यालय से आती हैं। जब तक रोक नहीं लगी थी तबतक बच्चों को लगाई जाती थी।
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आदेश के बाद बंद करा दिया गया। सीएमएस ने बताया कि बायोमेड कंपनी की वैक्सीन बंद होने से पोलियो की दवा नहीं दी जा रही है। स्वास्थ्य मंत्रालय एवं निदेशालय के इस दिशा में दिशा निर्देश नहीं आए हैं। हालांकि बच्चों को आईपीवी लगाए जा रहे हैं।