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मुठभेड़ और अपहरण के चार आरोपी दोषी साबित, पांच साल की सजा
Updated Sun, 30 Sep 2018 11:05 PM IST
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कासगंज। अपर जिला सत्र न्यायाधीश त्वरित न्यायालय कक्ष संख्या 2 विकास गोस्वामी ने पुलिस मुठभेड़ के चार आरोपियों को दोषी मानते हुए पांच पांच साल की सजा सुनाई। न्यायालय ने साक्ष्य के अभाव में छह आरोपियों को बरी कर दिया। वहीं एक आरोपी की मुुकदमे के दौरान मौत हो गई।
बदायूं के सहसवान निवासी सोमवीर पुत्र गिरवर विगत 3 नवंबर 2009 को अपहरण हो गया। तत्कालीन थाना सहावर थाना प्रभारी चमन सिंह छाबड़ा विगत 14 नवंबर 2009 को उसकी तलाश करते हुए हुए नगरिया पहुंचे। इस दौरान सहसवान थाना प्रभारी राजपाल सिंह अपहृत की तलाश करते हुए नगरिया में मिल गए। पुलिस को मुखबिर से चंदवा गन्ना के खेत में बदमाशों की सूचना मिली।
पुलिस ने इलाके की घेराबंदी की तो बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। पुलिस ने भी जवाब फायरिंग और मुठभेड़ के बाद सोमवीर को बरामद कर लिया। पुलिस ने मौके से महेश निवासी रामनगर सोरों, अंतराम निवासी कुबेर नगरा सहावर, दानवीर निवासी वैरपुर सहसबान बदायूं, प्रेम सिंह और राजवीर निवासी रामनगर सोरों को गिरफ्तार कर लिया।
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बदमाशों के पास से पुलिस ने नाजायज असलाह और कारतूस बरामद किए। पूछताछ में बदमाशों ने पप्पू निवासी रामनगर सोरों, हरिेओम और अमर प्रसाद निवासी वैरपुर, गुड्डू निवासी सिंधोली पालीमुकीमपुर अलीगढ़, छत्रपाल और रोशन लाल निवासी कुबेर नगरा सहावर के नाम भी बताए। बाद में पुलिस का दबाव बढ़ने पर इन बदमाशों ने भी न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया।
इस मामले में पुलिस ने न्यायालय ने पत्रावली पेश कर दी। अपर जिला शासकीय अधिवक्ता अनूप कुमार वर्मा ने मामले की पैरवी की। अमर प्रसाद की मुकदमा के दौरान मौत हो गई। न्यायालय ने अंतराम, दानवीर, पप्पू, गुड्डू को अपहरण और पुलिस मुठभेड़ का दोषी माना और चारों को 5-5 साल की सजा सुनाई। इसके साथ ही सभी दोषियों पर पांच-पांच हजार का जुर्माना लगाया। इसके अतिरिक्त आर्म्स एक्ट में तीन-तीन साल की सजा और एक-एक हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
बदायूं के सहसवान निवासी सोमवीर पुत्र गिरवर विगत 3 नवंबर 2009 को अपहरण हो गया। तत्कालीन थाना सहावर थाना प्रभारी चमन सिंह छाबड़ा विगत 14 नवंबर 2009 को उसकी तलाश करते हुए हुए नगरिया पहुंचे। इस दौरान सहसवान थाना प्रभारी राजपाल सिंह अपहृत की तलाश करते हुए नगरिया में मिल गए। पुलिस को मुखबिर से चंदवा गन्ना के खेत में बदमाशों की सूचना मिली।
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पुलिस ने इलाके की घेराबंदी की तो बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। पुलिस ने भी जवाब फायरिंग और मुठभेड़ के बाद सोमवीर को बरामद कर लिया। पुलिस ने मौके से महेश निवासी रामनगर सोरों, अंतराम निवासी कुबेर नगरा सहावर, दानवीर निवासी वैरपुर सहसबान बदायूं, प्रेम सिंह और राजवीर निवासी रामनगर सोरों को गिरफ्तार कर लिया।
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बदमाशों के पास से पुलिस ने नाजायज असलाह और कारतूस बरामद किए। पूछताछ में बदमाशों ने पप्पू निवासी रामनगर सोरों, हरिेओम और अमर प्रसाद निवासी वैरपुर, गुड्डू निवासी सिंधोली पालीमुकीमपुर अलीगढ़, छत्रपाल और रोशन लाल निवासी कुबेर नगरा सहावर के नाम भी बताए। बाद में पुलिस का दबाव बढ़ने पर इन बदमाशों ने भी न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया।
इस मामले में पुलिस ने न्यायालय ने पत्रावली पेश कर दी। अपर जिला शासकीय अधिवक्ता अनूप कुमार वर्मा ने मामले की पैरवी की। अमर प्रसाद की मुकदमा के दौरान मौत हो गई। न्यायालय ने अंतराम, दानवीर, पप्पू, गुड्डू को अपहरण और पुलिस मुठभेड़ का दोषी माना और चारों को 5-5 साल की सजा सुनाई। इसके साथ ही सभी दोषियों पर पांच-पांच हजार का जुर्माना लगाया। इसके अतिरिक्त आर्म्स एक्ट में तीन-तीन साल की सजा और एक-एक हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।