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बीस साल पुरानी टंकी से हो रही दूषित पानी की आपूर्ति
Updated Tue, 22 May 2018 08:13 PM IST
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डैमो
- फोटो : डैमो
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चौमुंहा (मथुरा)। कस्बे की पुरानी टंकी से 20 वर्ष से दूषित पानी की आपूर्ति हो रही है। लोग इसका पानी नहीं पी रहे हैं। कस्बावासी हैंडपंपों और कुओं से पीने का पानी ला रहे हैं। दिन निकलते ही यहां लोगों को पीने के पानी की चिंता सताने लगती है। मजबूरन टंकी के पानी को लोग कपड़े धोने और नहाने के उपयोग में ले रहे हैं। कस्बावासियों ने डीएम से नई टंकी बनवाने और जर्जर टंकी को उतरवाने की मांग की है।
साल 1975-76 में बालाजी आश्रम के निकट बनीं टंकी की सीढ़ियां 20 वर्ष पूर्व क्षतिग्रस्त हो गई थी, तब से अब तक टंकी की सफाई नहीं हुई है। कस्बा निवासी राहुल गुप्ता, मदन गोपाल सिंह, रौतान सिंह, अशोक सिसौदिया, लाखन सिंह, लाजपति सिंह, डॉ. रामहेत सिंह, विनोद कुमार आदि का कहना है टंकी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है।
इसकी सीढ़ियां, खंभे, डोम आदि सभी जर्जर हो गए हैं। टंकी का ऊपर का ढक्कन भी टूट गया है। इससे टंकी के अंदर पक्षी और बंदर आदि घुस जाते हैं। कई बार पक्षी की मौत हो जाती है। पक्षियों के पंख, सड़ा हुआ मांस आदि पानी के साथ आते रहते हैं।
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इस टंकी से दाऊद मोहल्ला, मारूफ मोहल्ला, जुझार मोहल्ला में जलापूर्ति होती है। लोग बालाजी आश्रम और देवी मंदिर पर लगे हैंडपंपों से पानी लाने को मजबूर हैं। उन्होंने डीएम से पुरानी टंकी को तुड़वा कर नई टंकी बनवाने की मांग की है।
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साल 1975-76 में बालाजी आश्रम के निकट बनीं टंकी की सीढ़ियां 20 वर्ष पूर्व क्षतिग्रस्त हो गई थी, तब से अब तक टंकी की सफाई नहीं हुई है। कस्बा निवासी राहुल गुप्ता, मदन गोपाल सिंह, रौतान सिंह, अशोक सिसौदिया, लाखन सिंह, लाजपति सिंह, डॉ. रामहेत सिंह, विनोद कुमार आदि का कहना है टंकी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है।
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इसकी सीढ़ियां, खंभे, डोम आदि सभी जर्जर हो गए हैं। टंकी का ऊपर का ढक्कन भी टूट गया है। इससे टंकी के अंदर पक्षी और बंदर आदि घुस जाते हैं। कई बार पक्षी की मौत हो जाती है। पक्षियों के पंख, सड़ा हुआ मांस आदि पानी के साथ आते रहते हैं।
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इस टंकी से दाऊद मोहल्ला, मारूफ मोहल्ला, जुझार मोहल्ला में जलापूर्ति होती है। लोग बालाजी आश्रम और देवी मंदिर पर लगे हैंडपंपों से पानी लाने को मजबूर हैं। उन्होंने डीएम से पुरानी टंकी को तुड़वा कर नई टंकी बनवाने की मांग की है।