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मुल्क की हिफाजत फरमा परवरदिगार-ए-आलम
Updated Fri, 16 Jun 2017 11:49 PM IST
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मैनपुरी। रमजान-उल-मुबारक के तीसरे जुमे पर मस्जिदों में रोजदारों ने नमाज अदा कर देश में अमन और चैन की दुआ मांगी।
पाक रमजान माह के तीसरे जुमे पर शहर की जामा मस्जिद, खानकाहे रशीदिया, छोटी खानकाह, खजुरिया वाली मस्जिद, ऊंची मस्जिद, कब्रिस्तान वाली मस्जिद सहित सभी मस्जिदों में जुमे की नमाज अदा की गई। जामा मस्जिद में पेश इमाम मोहम्मद शमी अहमद ने मुल्क की हिफाजत के लिए दुआ की और कहा कि कुरान में कहा गया है कि जो शख्स इस माह में नमाज और रोजे से परहेज रखते हैं वो खुदा और उसके रसूल से दूर हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि परवरदिगार-ए-आलम हमारे मुल्क की हिफाजत फरमा।
खजुरिया मस्जिद के इमाम मोहम्मद इकरार ने कहा कि इस मुबारक माह में नमाज और रोजे से जिसने परहेज किया वह सच्चा मुसलमान नहीं हो सकता। मौलाना अहमद नईमी ने कहा कि यदि कोई इस महीने में एक बार कुरान शरीफ पढ़ता है तो खुदा उसकी खिदमत के लिए दस हजार फरिश्ते भेज देता है। मस्जिद में नमाज पड़ने के बाद सभी नमाजियों ने एक दूसरे से मुसाफा किया। उधर, भोगांव, करहल, बेवर, कुरावली, घिरोर, बरनाहल, किशनी, कुसमरा आदि में भी पहले जुमे की विशेष नमाज में बड़ी संख्या में रोजेदारों ने भाग लिया।
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पाक रमजान माह के तीसरे जुमे पर शहर की जामा मस्जिद, खानकाहे रशीदिया, छोटी खानकाह, खजुरिया वाली मस्जिद, ऊंची मस्जिद, कब्रिस्तान वाली मस्जिद सहित सभी मस्जिदों में जुमे की नमाज अदा की गई। जामा मस्जिद में पेश इमाम मोहम्मद शमी अहमद ने मुल्क की हिफाजत के लिए दुआ की और कहा कि कुरान में कहा गया है कि जो शख्स इस माह में नमाज और रोजे से परहेज रखते हैं वो खुदा और उसके रसूल से दूर हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि परवरदिगार-ए-आलम हमारे मुल्क की हिफाजत फरमा।
खजुरिया मस्जिद के इमाम मोहम्मद इकरार ने कहा कि इस मुबारक माह में नमाज और रोजे से जिसने परहेज किया वह सच्चा मुसलमान नहीं हो सकता। मौलाना अहमद नईमी ने कहा कि यदि कोई इस महीने में एक बार कुरान शरीफ पढ़ता है तो खुदा उसकी खिदमत के लिए दस हजार फरिश्ते भेज देता है। मस्जिद में नमाज पड़ने के बाद सभी नमाजियों ने एक दूसरे से मुसाफा किया। उधर, भोगांव, करहल, बेवर, कुरावली, घिरोर, बरनाहल, किशनी, कुसमरा आदि में भी पहले जुमे की विशेष नमाज में बड़ी संख्या में रोजेदारों ने भाग लिया।
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