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गोवर्धन परिक्रमा संरक्षण को लेकर एनजीटी में एक बार फिर सुनवाई
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मथुरा। गिरिराज जी की परिक्रमा को लेकर अगले सप्ताह एक बार फिर एनजीटी में सुनवाई होने जा रही है। इसे लेकर अभी से प्रशासनिक अफसरों में हलचल होने लगी है। गुरुवार को डीएम ने संबंधित अधिकारियों को कोर्ट के आदेश की अनुपालन रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए।
गोवर्धन परिक्रमा संरक्षण को लेकर एनजीटी में लंबित याचिका पर 17 मई को सुनवाई होने जा रही है। मार्च माह में पिछली सुनवाई के दौरान एनजीटी ने कुछ खास बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित करते हुए प्रगति रिपोर्ट मांगी थी। इसमें परिक्रमा मार्ग क्षेत्र के कुंडों का संरक्षण, वाहनों की नो एंट्री, पुराने एसटीपी का संचालन और अवैध निर्माण प्रमुख रूप से शामिल थे। अब इसकी रिपोर्ट एनजीटी में संबंधित अधिकारियों को प्रस्तुत करनी है।
इसे लेकर गुरुवार को डीएम सर्वज्ञराम मिश्र ने कलक्ट्रेट सभाकक्ष में बैठक की। इस दौरान एडीएम वित्त बृजेश कुमार भी मौजूद रहे। 9 कुंड को लेकर प्रदूषण बोर्ड द्वारा तैयार डीपीआर पर चर्चा हुई तो अवैध निर्माण पर प्राधिकरण और वन अधिकारियों ने रिपोर्ट दी। इसके अलावा परिक्रमा मार्ग में वाहनों के प्रतिबंधित प्रवेश और पुराने एसटीपी के संचालन की स्थिति को लेकर जल निगम निर्देशित किया।
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डीएम ने कहा कि सभी संबंधित अधिकारियों को अपना-अपना पक्ष एनजीटी के समक्ष प्रस्तुत करना है।
गौरतलब रहे कि एनजीटी के कड़े रुख से सभी अधिकारी सहमे हैं। पिछली सुनवाइयों के दौरान एनजीटी हिदायत तक दे चुकी है। कोर्ट कमिश्नर गोवर्धन परिक्रमा मार्ग का भ्रमण कर चुके हैं। ऐसे में अधिकारियों को वास्तविक जानकारी एनजीटी को देनी है।
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गोवर्धन परिक्रमा संरक्षण को लेकर एनजीटी में लंबित याचिका पर 17 मई को सुनवाई होने जा रही है। मार्च माह में पिछली सुनवाई के दौरान एनजीटी ने कुछ खास बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित करते हुए प्रगति रिपोर्ट मांगी थी। इसमें परिक्रमा मार्ग क्षेत्र के कुंडों का संरक्षण, वाहनों की नो एंट्री, पुराने एसटीपी का संचालन और अवैध निर्माण प्रमुख रूप से शामिल थे। अब इसकी रिपोर्ट एनजीटी में संबंधित अधिकारियों को प्रस्तुत करनी है।
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इसे लेकर गुरुवार को डीएम सर्वज्ञराम मिश्र ने कलक्ट्रेट सभाकक्ष में बैठक की। इस दौरान एडीएम वित्त बृजेश कुमार भी मौजूद रहे। 9 कुंड को लेकर प्रदूषण बोर्ड द्वारा तैयार डीपीआर पर चर्चा हुई तो अवैध निर्माण पर प्राधिकरण और वन अधिकारियों ने रिपोर्ट दी। इसके अलावा परिक्रमा मार्ग में वाहनों के प्रतिबंधित प्रवेश और पुराने एसटीपी के संचालन की स्थिति को लेकर जल निगम निर्देशित किया।
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डीएम ने कहा कि सभी संबंधित अधिकारियों को अपना-अपना पक्ष एनजीटी के समक्ष प्रस्तुत करना है।
गौरतलब रहे कि एनजीटी के कड़े रुख से सभी अधिकारी सहमे हैं। पिछली सुनवाइयों के दौरान एनजीटी हिदायत तक दे चुकी है। कोर्ट कमिश्नर गोवर्धन परिक्रमा मार्ग का भ्रमण कर चुके हैं। ऐसे में अधिकारियों को वास्तविक जानकारी एनजीटी को देनी है।