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रेलवे ट्रैक को अतिक्रमण मुक्त कराएगी मथुरा-वृंदावन राजस्व परिषद
Updated Sat, 29 Sep 2018 08:24 PM IST
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मथुरा। मथुरा-वृंदावन रेलवे ट्रैक पर अतिक्रमण का मामला एक बार फिर जिला प्रशासन के गले की फांस बनने जा रहा है। रेलवे प्रशासन ने यह पूरा मामला उत्तर प्रदेश राजस्व परिषद को भेज दिया है। इस पर जल्द ही उच्च स्तरीय बैठक होने जा रही है। इसका संदेश मिलते ही प्रशासन में खलबली है।
गौरतलब रहे कि मथुरा-वृंदावन रेलवे लाइन को मेट्रो की शक्ल देने की योजना विचाराधीन है। कई बार इस लाइन को विकसित करने का विचार किया गया है। लेकिन इन सभी योजनाओं में सबसे बड़ी रुकावट अमरनाथ विद्यालय से थाना गोविंदनगर तक का अतिक्रमण है।
श्रीकृष्ण जन्मस्थान के निकट इस दो किलोमीटर के दायरे में लोगों ने रेलवे पटरी के किनारे की जमीन पर पूरी तरह से कब्जा कर लिया है। यहां पक्के निर्माण भी कर लिए गए हैं। करीब 20 मीटर चौड़ाई वाले इस क्षेत्र में लोगों के निवास के साथ रेल भी गुजरती है।
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रेलवे प्रशासन ने संबंधित लोगों को नोटिस भी दिए। जिला प्रशासन से अतिक्रमण हटाने में मदद भी मांगी, लेकिन कोई प्रयास सार्थक नहीं हुआ। अब रेलवे प्रशासन ने इस स्थिति की रिपोर्ट उत्तर प्रदेश राजस्व परिषद को भेज दी है, जिसे लेकर जल्द ही लखनऊ में बैठक प्रस्तावित की गई है। एडीएम वित्त रवींद्र कुमार ने बताया कि राजस्व परिषद ने इस पर रिपोर्ट मांगी है। रेलवे अधिकारियों ने अतिक्रमण हटाने के लिए राजस्व परिषद को प्रस्ताव दिया है।
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गौरतलब रहे कि मथुरा-वृंदावन रेलवे लाइन को मेट्रो की शक्ल देने की योजना विचाराधीन है। कई बार इस लाइन को विकसित करने का विचार किया गया है। लेकिन इन सभी योजनाओं में सबसे बड़ी रुकावट अमरनाथ विद्यालय से थाना गोविंदनगर तक का अतिक्रमण है।
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श्रीकृष्ण जन्मस्थान के निकट इस दो किलोमीटर के दायरे में लोगों ने रेलवे पटरी के किनारे की जमीन पर पूरी तरह से कब्जा कर लिया है। यहां पक्के निर्माण भी कर लिए गए हैं। करीब 20 मीटर चौड़ाई वाले इस क्षेत्र में लोगों के निवास के साथ रेल भी गुजरती है।
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रेलवे प्रशासन ने संबंधित लोगों को नोटिस भी दिए। जिला प्रशासन से अतिक्रमण हटाने में मदद भी मांगी, लेकिन कोई प्रयास सार्थक नहीं हुआ। अब रेलवे प्रशासन ने इस स्थिति की रिपोर्ट उत्तर प्रदेश राजस्व परिषद को भेज दी है, जिसे लेकर जल्द ही लखनऊ में बैठक प्रस्तावित की गई है। एडीएम वित्त रवींद्र कुमार ने बताया कि राजस्व परिषद ने इस पर रिपोर्ट मांगी है। रेलवे अधिकारियों ने अतिक्रमण हटाने के लिए राजस्व परिषद को प्रस्ताव दिया है।