{"_id":"5b3e5d304f1c1b56238b4ae3","slug":"181530813744-agra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"ये 101 सेवा है जनाब.. गूंजती गालियां होती हंसी-मजाक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ये 101 सेवा है जनाब.. गूंजती गालियां होती हंसी-मजाक
Updated Thu, 05 Jul 2018 11:43 PM IST
विज्ञापन
शिकायत सुनता पुलिसकर्मी
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मथुरा। यह 101 नंबर है। यानी अगर कहीं आग लग जाती है तो इस नंबर पर फोन करके फायर ब्रिगेड की मदद मांगी जाती है। लेकिन आजकल इस सेवा वाले परेशान हैं। इस टोल फ्री नंबर पर लोग गंदी-गंदी गालियां बकते हैं। अश्लील बातें करते हैं।
इस हेल्पलाइन के लोग कई दफा कुछ नंबरों को ट्रेस कराने के लिए पुलिस से मदद मांग चुके हैं मगर कोई फायदा नहीं निकला। गुरुवार को हमने भी इस सेवा के बारे में जाना तो हैरान रह गए। कैसी-कैसी बातें कर रहे थे लोग आप भी जान लीजिए...।
मेरा बेटा दूध नहीं पी रहा क्या करूं
हैलो में बोल रहा हूं। आपकी मदद चाहिए। जवाब मिला बताइए मैं आपकी क्या मदद कर सकता हूं। फोन करने वाले ने कहा कि मेरा बेटा दूध नहीं पी रहा है। आप बताइए मुझे क्या करना चाहिए। बार-बार रो रहा है। शांत ही नहीं हो रहा। सोचा आपसे बात करा दूं।
विज्ञापन
मेरा टाकटाइम खत्म हो गया है डलवा दीजिए
एक फोन आया कि मेरा टाकटाइम खत्म हो गया है। किसी से बात नहीं हो पा रही है लिहाजा पैसे डलवा दीजिए। जब 101 नंबर पर फोन रिसीव करने वाले ने कहा कि यहां कूपन नहीं डलते तो फोन करने वाले ने कहा कि फिर बंद कर दो दुकान। ऐसी दुकान का क्या फायदा।
अंकल मेरे पापा को आफिस से बुलवा दीजिए
कई बार बच्चे भी फोन को मिला लेते हैं। फोन पर कहने लगेंगे कि अंकल मेरे पापा अभी तक आफिस से नहीं आए हैं कृपया उन्हें बुलवा दीजिए। अंकल चाकलेट भिजवा दीजिए। पिज्जा मंगवा दीजिए।
दारू नहीं मिल रही, क्या होम डिलीवरी हो सकती है
शराब के नशे में भी इस नंबर पर फोन किया जाता है। कहने लगेंगे कि दारू नहीं मिल रही है। कहां मिलेगी। क्या होम डिलीवरी की भी व्यवस्था है। कितने में मिलेगी। कौन-कौन से ब्रांड उनके पास हैं। जब इसका जवाब नहीं दिया जाता है तो गाली तक दे दी जाती है।
हमारी 101 सेवा का ज्यादातर लोग दुरुपयोग करते हैं। ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी के साथ अभद्रता और गाली-गलौज करते हैं। पुलिस कंट्रोल को इस बारे में तत्काल बताया जाता है। ऐसे मामलों में हमें अपेक्षित सहयोग नहीं मिलता है। कई बार कुछ नंबरों को ट्रेस करने के लिए कहा भी गया मगर किसी ने ध्यान ही नहीं दिया।
- संजय शर्मा, सीएफओ
विज्ञापन
इस हेल्पलाइन के लोग कई दफा कुछ नंबरों को ट्रेस कराने के लिए पुलिस से मदद मांग चुके हैं मगर कोई फायदा नहीं निकला। गुरुवार को हमने भी इस सेवा के बारे में जाना तो हैरान रह गए। कैसी-कैसी बातें कर रहे थे लोग आप भी जान लीजिए...।
विज्ञापन
मेरा बेटा दूध नहीं पी रहा क्या करूं
हैलो में बोल रहा हूं। आपकी मदद चाहिए। जवाब मिला बताइए मैं आपकी क्या मदद कर सकता हूं। फोन करने वाले ने कहा कि मेरा बेटा दूध नहीं पी रहा है। आप बताइए मुझे क्या करना चाहिए। बार-बार रो रहा है। शांत ही नहीं हो रहा। सोचा आपसे बात करा दूं।
विज्ञापन
मेरा टाकटाइम खत्म हो गया है डलवा दीजिए
एक फोन आया कि मेरा टाकटाइम खत्म हो गया है। किसी से बात नहीं हो पा रही है लिहाजा पैसे डलवा दीजिए। जब 101 नंबर पर फोन रिसीव करने वाले ने कहा कि यहां कूपन नहीं डलते तो फोन करने वाले ने कहा कि फिर बंद कर दो दुकान। ऐसी दुकान का क्या फायदा।
अंकल मेरे पापा को आफिस से बुलवा दीजिए
कई बार बच्चे भी फोन को मिला लेते हैं। फोन पर कहने लगेंगे कि अंकल मेरे पापा अभी तक आफिस से नहीं आए हैं कृपया उन्हें बुलवा दीजिए। अंकल चाकलेट भिजवा दीजिए। पिज्जा मंगवा दीजिए।
दारू नहीं मिल रही, क्या होम डिलीवरी हो सकती है
शराब के नशे में भी इस नंबर पर फोन किया जाता है। कहने लगेंगे कि दारू नहीं मिल रही है। कहां मिलेगी। क्या होम डिलीवरी की भी व्यवस्था है। कितने में मिलेगी। कौन-कौन से ब्रांड उनके पास हैं। जब इसका जवाब नहीं दिया जाता है तो गाली तक दे दी जाती है।
हमारी 101 सेवा का ज्यादातर लोग दुरुपयोग करते हैं। ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी के साथ अभद्रता और गाली-गलौज करते हैं। पुलिस कंट्रोल को इस बारे में तत्काल बताया जाता है। ऐसे मामलों में हमें अपेक्षित सहयोग नहीं मिलता है। कई बार कुछ नंबरों को ट्रेस करने के लिए कहा भी गया मगर किसी ने ध्यान ही नहीं दिया।
- संजय शर्मा, सीएफओ