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महिला की मौत पर अस्पताल में तोड़फोड़, शव रख कर किया हंगामा
Updated Wed, 21 Nov 2018 11:59 PM IST
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डेमो
- फोटो : डेमो
मथुरा। नेशनल हाईवे पर एक प्राइवेट हॉस्पिटल में बच्चे को जन्म देने के बाद हुई महिला की मौत से गुस्साए लोगों ने तोड़फोड़ की। परिजनों ने महिला के शव को रखकर हंगामा किया। गुस्साए लोगों ने अस्पताल में लगे दरवाजे, काउंटर और कंप्यूटर को तोड़ दिया। बाद में मौके पर पहुंची पुलिस के हस्तक्षेप के बाद दोनों पक्षों में राजीनामा हो गया।
मंगलवार शाम करीब 3:30 बजे अरहेरा, बाटी निवासी सुंदर सिंह ने अपनी पत्नी रतन देवी को प्रसव के लिए एक प्राइवेट हॉस्पिटल में भर्ती कराया था। महिला ने रात करीब 9:30 बजे एक लड़के को जन्म दिया। बच्चे की हालत गंभीर होने पर सुंदर सिंह ने उसे डा. अशोक अग्रवाल के यहां भर्ती कराया।
बुधवार सुबह 4 बजे महिला के सीने में दर्द हुआ तो उसकी सास रम्दा देवी ने कंपाउंडर को इसकी जानकारी दी। करीब 6:45 बजे दर्द बढ़ा तो कंपाउंडर ने सुंदर सिंह को फोन कर महिला को किसी अन्य अस्पताल में ले जाने की सलाह दी। परिजनों द्वारा अन्य अस्पताल ले जाते समय महिला ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया।
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परिजन मृतका को लेकर वापस हॉस्पिटल आ गए और बाहर शव रखकर प्रदर्शन किया। गुस्साई भीड़ ने अस्पताल कर्मियों से हाथापाई करते हुए तोड़फोड़ की। सूचना पर पहुंची पुलिस ने समझा बुझाकर मामले को शांत किया। परिवारवालों का आरोप है कि डाक्टर को बार-बार सूचना दी जा रही थी लेकिन देखने नहीं आए। इलाज में हुई लापरवाही से मौत हुई है।
फिलहाल मामले में किसी भी पक्ष से कोई तहरीर प्राप्त नहीं हुई है। तहरीर मिलने पर जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी।
विकास तोमर, कोतवाली प्रभारी
तोड़फोड़ में काफी नुकसान हुआ है। जल्द ही इस संबंध में उचित कार्रवाई के लिए तहरीर भी दी जाएगी।
डा. शोभित गुप्ता, अस्पताल संचालक
इस प्रकार की तोड़फोड़ की एसोसिएशन निंदा करती है। इमरजेंसी की हालत में मरीज को कोई लेता नहीं है, अगर लेता है तो इस प्रकार का नतीजा देखने को मिलता है। गुरुवार को इस संबंध में बैठक की जाएगी।
डा. मोहित गुप्ता, आईएमए सचिव
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मंगलवार शाम करीब 3:30 बजे अरहेरा, बाटी निवासी सुंदर सिंह ने अपनी पत्नी रतन देवी को प्रसव के लिए एक प्राइवेट हॉस्पिटल में भर्ती कराया था। महिला ने रात करीब 9:30 बजे एक लड़के को जन्म दिया। बच्चे की हालत गंभीर होने पर सुंदर सिंह ने उसे डा. अशोक अग्रवाल के यहां भर्ती कराया।
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बुधवार सुबह 4 बजे महिला के सीने में दर्द हुआ तो उसकी सास रम्दा देवी ने कंपाउंडर को इसकी जानकारी दी। करीब 6:45 बजे दर्द बढ़ा तो कंपाउंडर ने सुंदर सिंह को फोन कर महिला को किसी अन्य अस्पताल में ले जाने की सलाह दी। परिजनों द्वारा अन्य अस्पताल ले जाते समय महिला ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया।
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परिजन मृतका को लेकर वापस हॉस्पिटल आ गए और बाहर शव रखकर प्रदर्शन किया। गुस्साई भीड़ ने अस्पताल कर्मियों से हाथापाई करते हुए तोड़फोड़ की। सूचना पर पहुंची पुलिस ने समझा बुझाकर मामले को शांत किया। परिवारवालों का आरोप है कि डाक्टर को बार-बार सूचना दी जा रही थी लेकिन देखने नहीं आए। इलाज में हुई लापरवाही से मौत हुई है।
फिलहाल मामले में किसी भी पक्ष से कोई तहरीर प्राप्त नहीं हुई है। तहरीर मिलने पर जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी।
विकास तोमर, कोतवाली प्रभारी
तोड़फोड़ में काफी नुकसान हुआ है। जल्द ही इस संबंध में उचित कार्रवाई के लिए तहरीर भी दी जाएगी।
डा. शोभित गुप्ता, अस्पताल संचालक
इस प्रकार की तोड़फोड़ की एसोसिएशन निंदा करती है। इमरजेंसी की हालत में मरीज को कोई लेता नहीं है, अगर लेता है तो इस प्रकार का नतीजा देखने को मिलता है। गुरुवार को इस संबंध में बैठक की जाएगी।
डा. मोहित गुप्ता, आईएमए सचिव