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रोक के बावजूद क्षमता विस्तार में खुद फंसी टीटीजेड
Updated Sun, 22 Jul 2018 11:24 PM IST
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फिरोजाबाद। सुहागनगरी की कांच इकाइयों पर मेहरबानी करने टीटीजेड अथॉरिटी खुंद फंस गई। हाल में पांच इकाइयों के गैस का कोटा बढ़ाने के मामले में सुप्रीम कोर्ट याचिका दाखिल की गई है। याचिका में टीटीजेड में रोक के बावजूद गैस कोटा बढ़ाने की शिकायत की गई है।
फिरोजबाद ताज संरक्षित क्षेत्र में आता है। टीटीजेड क्षेत्र में किसी तरह की प्रदूषणकारी इकाई का संचालन नहीं हो सकता। टीटीजेड में बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए जनवरी-2015 से नई इकाइयों की स्थापना एवं क्षमता विस्तार पर बैन लगा है। टीटीजेड के आदेश से करोड़ों का निवेश करने वाली तीन दर्जन से अधिक इकाइयां अधर में लटकीं हैं।
इसके बावजूद टीटीजेड ने हाल में पांच इकाइयों को गैस का कोटा दिया। वहीं फिरोजाबाद की 22 अन्य इकाइयों के मामले में टीटीजेड अथॉरिटी पिछले दिनों एक सुनवाई पूरी कर चुकी है। इनमें से कुछ इकाइयों को गैस देने के लिए कागजी आधार स्थानीय स्तर पर तैयार किया जा चुका था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के सख्त रुख के बाद प्रक्रिया को रोक दी गई। सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के बाद पूरे टीटीजेड क्षेत्र में हड़कंप मचा हुआ है।
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सुप्रीम कोर्ट की तल्ख टिप्पणी से उन कांच उद्यमियों को बड़ा झटका दिया है, जो गैस मिलने की उम्मीद लगाए बैठे थे। जनवरी-2015 में टीटीजेड अथॉरिटी ने नए उद्योग लगाने पर रोक के साथ क्षमता विस्तार पर बैन लगा दिया है। टीटीजेड अथॉरिटी ने कुछ इकाइयों का गैस का कोटा बढ़ाने के बाद उद्यमियों को पूरी उम्मीद थी कि जल्द ही नए उद्योगों को गैस मिलेगी। उद्यमियों ने दिल्ली से लखनऊ तक गैस के लिए पैरवी की जा रही है, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के रुख से उद्यमियों की उम्मीद टूटती नजर आ रही है।
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फिरोजबाद ताज संरक्षित क्षेत्र में आता है। टीटीजेड क्षेत्र में किसी तरह की प्रदूषणकारी इकाई का संचालन नहीं हो सकता। टीटीजेड में बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए जनवरी-2015 से नई इकाइयों की स्थापना एवं क्षमता विस्तार पर बैन लगा है। टीटीजेड के आदेश से करोड़ों का निवेश करने वाली तीन दर्जन से अधिक इकाइयां अधर में लटकीं हैं।
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इसके बावजूद टीटीजेड ने हाल में पांच इकाइयों को गैस का कोटा दिया। वहीं फिरोजाबाद की 22 अन्य इकाइयों के मामले में टीटीजेड अथॉरिटी पिछले दिनों एक सुनवाई पूरी कर चुकी है। इनमें से कुछ इकाइयों को गैस देने के लिए कागजी आधार स्थानीय स्तर पर तैयार किया जा चुका था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के सख्त रुख के बाद प्रक्रिया को रोक दी गई। सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के बाद पूरे टीटीजेड क्षेत्र में हड़कंप मचा हुआ है।
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सुप्रीम कोर्ट की तल्ख टिप्पणी से उन कांच उद्यमियों को बड़ा झटका दिया है, जो गैस मिलने की उम्मीद लगाए बैठे थे। जनवरी-2015 में टीटीजेड अथॉरिटी ने नए उद्योग लगाने पर रोक के साथ क्षमता विस्तार पर बैन लगा दिया है। टीटीजेड अथॉरिटी ने कुछ इकाइयों का गैस का कोटा बढ़ाने के बाद उद्यमियों को पूरी उम्मीद थी कि जल्द ही नए उद्योगों को गैस मिलेगी। उद्यमियों ने दिल्ली से लखनऊ तक गैस के लिए पैरवी की जा रही है, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के रुख से उद्यमियों की उम्मीद टूटती नजर आ रही है।