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जाली करेंसी रैकेट का खुलासा, दो गिरफ्तार
Updated Fri, 20 Jul 2018 11:05 PM IST
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जाली करेंसी रैकेट का खुलासा, दो गिरफ्तार
- फोटो : अमर उजाला
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कासंगज/सहावर। सहावर थाना पुलिस ने जाली करेंसी के रैकेट चलाने वाले गिरोह का राजफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के आरोपी सदस्यों को गिरफ्तार कर साढ़े 11 लाख रुपये की जाली करेंसी बरामद की है। गिरफ्तार आरोपियों में एक पूर्व फौजी है। उस पर कोर्ट मार्शल की कार्रवाई की जा चुकी है।
सहावर थाना पुलिस ने सूचना पर अकील निवासी मोहल्ला जहांगीराबाद हनुमान गढ़ी रोड थाना हरदुआगंज जनपद अलीगढ़ एवं पूर्व फौजी नेपाल सिंह निवासी ग्राम गनपतपुर थाना पहासु जनपद बुलंदशहर को अमांपुर रोड शहर से गिरफ्तार कर लिया। एसपी शिवहरि मीणा ने खुलासा करते हुए बताया कि सहावर के कोतवाली निरीक्षक रविंद्र बहादुर सिंह ने थाना पुलिस टीम के साथ कार्रवाई को अंजाम दिया। बताया गया कि आरोपी अलीगढ़ में रहते हैं और 50 से 500 रुपये के जाली नोट की व्यवस्था बनाते हैं। जाली नोट की गड्डी में ऊपर और नीचे असली नोट लगाकर एक लाख के बदले छह लाख रुपये देते हैं। बताया गया कि पिछले सालों से आरोपी जाली करेंसी के कामों से जुड़े हैं। पुलिस ने दोनों आरोपियों से सख्ती से पूछताछ की है।
फर्जी आईडी कार्ड बरामद
कासगंज। एसपी ने बताया कि दोनों आरोपियों के पास से उत्तर प्रदेश पुलिस का फर्जी आईडी कार्ड बरामद हुआ है। इस पर कांस्टेबल वीरेंद्र सिंह लिखा है। शाह आलम नाम की वोटर आईडी कार्ड, पिंकी कुमारी और सरोज कुमारी नाम की आधार कार्ड की छायाप्रति भी पुलिस ने बरामद की है।
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पूर्व फौजी का हो चुका है कोर्ट मार्शल
कासगंज। जाली करेंसी के आरोप में गिरफ्तार नैपाल सिंह पूर्व फौजी है। दो साल पहले उसकी मुलाकात अलीगढ़ के अकील से हुई। इंसपेक्टर रवींद्र बहादुर सिंह ने बताया कि सेना विरोधी गतिविधियों के चलते नैपाल सिंह का पहले ही कोर्टमार्शल हो चुका है। नौकरी से निकाले जाने के बाद वह जाली करेंसी कर रहा है।
नोट पर लिखा हैं चिल्ड्रेन बैंक
कासगंज। बरामद जाली करेंसी असली करेंसी जैसी है। बस असली करेंसी और बरामद करेंसी में केवल इतना अंतर हैं जहां असली में रिजर्व बैंक और इंडिया लिखा होता है वहां चिल्ड्रेन बैंक आफ इंडिया लिखा है।
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सहावर थाना पुलिस ने सूचना पर अकील निवासी मोहल्ला जहांगीराबाद हनुमान गढ़ी रोड थाना हरदुआगंज जनपद अलीगढ़ एवं पूर्व फौजी नेपाल सिंह निवासी ग्राम गनपतपुर थाना पहासु जनपद बुलंदशहर को अमांपुर रोड शहर से गिरफ्तार कर लिया। एसपी शिवहरि मीणा ने खुलासा करते हुए बताया कि सहावर के कोतवाली निरीक्षक रविंद्र बहादुर सिंह ने थाना पुलिस टीम के साथ कार्रवाई को अंजाम दिया। बताया गया कि आरोपी अलीगढ़ में रहते हैं और 50 से 500 रुपये के जाली नोट की व्यवस्था बनाते हैं। जाली नोट की गड्डी में ऊपर और नीचे असली नोट लगाकर एक लाख के बदले छह लाख रुपये देते हैं। बताया गया कि पिछले सालों से आरोपी जाली करेंसी के कामों से जुड़े हैं। पुलिस ने दोनों आरोपियों से सख्ती से पूछताछ की है।
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फर्जी आईडी कार्ड बरामद
कासगंज। एसपी ने बताया कि दोनों आरोपियों के पास से उत्तर प्रदेश पुलिस का फर्जी आईडी कार्ड बरामद हुआ है। इस पर कांस्टेबल वीरेंद्र सिंह लिखा है। शाह आलम नाम की वोटर आईडी कार्ड, पिंकी कुमारी और सरोज कुमारी नाम की आधार कार्ड की छायाप्रति भी पुलिस ने बरामद की है।
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पूर्व फौजी का हो चुका है कोर्ट मार्शल
कासगंज। जाली करेंसी के आरोप में गिरफ्तार नैपाल सिंह पूर्व फौजी है। दो साल पहले उसकी मुलाकात अलीगढ़ के अकील से हुई। इंसपेक्टर रवींद्र बहादुर सिंह ने बताया कि सेना विरोधी गतिविधियों के चलते नैपाल सिंह का पहले ही कोर्टमार्शल हो चुका है। नौकरी से निकाले जाने के बाद वह जाली करेंसी कर रहा है।
नोट पर लिखा हैं चिल्ड्रेन बैंक
कासगंज। बरामद जाली करेंसी असली करेंसी जैसी है। बस असली करेंसी और बरामद करेंसी में केवल इतना अंतर हैं जहां असली में रिजर्व बैंक और इंडिया लिखा होता है वहां चिल्ड्रेन बैंक आफ इंडिया लिखा है।