{"_id":"5a7356924f1c1b83268b7d48","slug":"171517508242-agra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जीएसटी में राहत की आस रह गई अधूरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जीएसटी में राहत की आस रह गई अधूरी
Updated Thu, 01 Feb 2018 11:34 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एटा। सरकार का आम बजट व्यापारियों को कुछ खास नहीं दे सका। जीएसटी में सरल प्रावधानोें की उम्मीद लगाए व्यापारियों को सरकार ने कोई राहत नहीं दी। जीएसटी में वस्तुओं पर न तो टैक्स में कमी करने की घोषणा की गई और न ही व्यापारियों की सहूलियत के लिए कोई योजना का एलान किया गया।
सरकार के आम बजट से व्यापारियों को खासी उम्मीदें थीं। मगर व्यापारियों की कोई भी आस पूरी नहीं हो सकी। जीएसटी में वस्तुओं पर टैक्स कम होने और नई योजना मिलने का सपना संजोए बैठे व्यापारियों को बजट ने झटका दिया। इससे व्यापारियों की चिंता बढ़ गई। व्यापारी बजट की घोषणा होने के बाद परेशान नजर आए। साथ ही महंगाई में इजाफा होने से व्यापारी सोच में पड़ गए। व्यापारियों ने बजट को बिना राहत वाला बताया।
कहते हैं व्यापारी
बजट में व्यापारियों को कोई खास राहत नहीं दी गई है। जीएसटी में राहत नहीं मिलने की उम्मीद टूट गई।
पीयूष गुप्ता
सरकार को वस्तुओं पर जीएसटी कम करके ही व्यापारियों को राहत देनी चाहिए थी। मगर बजट इस पर खरा नहीं उतरा।
अनुपम गुप्ता
बजट में सरकार ने व्यापारियों के विकास और सहूलियतों पर बिल्कुल ध्यान नहीं दिया। इससे मायूस हैं।
ब्रजेश कुमार
सरकार को बजट में व्यापारियों के लिए कुछ खास करना चाहिए था। व्यापारी सुरक्षा को ही कोई योजना मिल जाती।
राजेश बाबू
विज्ञापन
सरकार के आम बजट से व्यापारियों को खासी उम्मीदें थीं। मगर व्यापारियों की कोई भी आस पूरी नहीं हो सकी। जीएसटी में वस्तुओं पर टैक्स कम होने और नई योजना मिलने का सपना संजोए बैठे व्यापारियों को बजट ने झटका दिया। इससे व्यापारियों की चिंता बढ़ गई। व्यापारी बजट की घोषणा होने के बाद परेशान नजर आए। साथ ही महंगाई में इजाफा होने से व्यापारी सोच में पड़ गए। व्यापारियों ने बजट को बिना राहत वाला बताया।
विज्ञापन
कहते हैं व्यापारी
बजट में व्यापारियों को कोई खास राहत नहीं दी गई है। जीएसटी में राहत नहीं मिलने की उम्मीद टूट गई।
पीयूष गुप्ता
सरकार को वस्तुओं पर जीएसटी कम करके ही व्यापारियों को राहत देनी चाहिए थी। मगर बजट इस पर खरा नहीं उतरा।
अनुपम गुप्ता
बजट में सरकार ने व्यापारियों के विकास और सहूलियतों पर बिल्कुल ध्यान नहीं दिया। इससे मायूस हैं।
ब्रजेश कुमार
सरकार को बजट में व्यापारियों के लिए कुछ खास करना चाहिए था। व्यापारी सुरक्षा को ही कोई योजना मिल जाती।
राजेश बाबू