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दूसरे विवि से डिग्री लेने वाले शिक्षकों की जांच कर रही एसआईटी
Updated Mon, 06 Nov 2017 11:50 PM IST
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फिरोजाबाद। फर्जीवाडे़ के दम पर बेसिक शिक्षा विभाग में नौकरी हासिल करने वाले शिक्षकों की भरमार है। एसआईटी की जांच में सिर्फ डा. भीमराव अंबेडकर यूनिवर्सिटी आगरा से वर्ष 2004-05 में बीएड फर्जीवाड़े में 151 शिक्षकों के नाम सामने आए हैं। अब यूनिवर्सिटी से डिग्री हासिल करने वाले शिक्षकों की जांच बडे़ पैमाने पर चल रही है। शिक्षा विभाग में खलबली मची हुई है।
शासन ने संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय बनारस से डिग्री हासिल करने वाले शिक्षकों की सूची विभाग से तलब की थी। जांच के बाद जिले में एक दर्जन सामने निकल कर आए थे। उनके नाम शासन को भेज दिए हैं। इस यूनिवर्सिटी पर भी एसआईटी जांच कर रही है।
इसके अलावा केसरवानी विश्विद्यालय मध्य प्रदेश में अध्ययनरत शिक्षकों की सूची भी एसआईटी ने बेसिक शिक्षा विभाग से मांगी है। इस यूनिवर्सिटी से डिग्री हासिल करने वाले शिक्षकों पर जांच चली रही है। बीएसए सचिदानंद यादव का कहना है कि हमसे शासन रिपोर्ट मांगता है, हम उपलब्ध करा देते हैं। 151 शिक्षकों को नोटिस भेजे जाएंगे। स्पष्टीकरण नहीं मिलने पर शासन के आदेशानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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15 हजार शिक्षक भर्ती प्रक्रिया वर्ष 2016 में हुई थी। टूंडला ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय गढ़ी धर्मी में तैनात शिक्षिका रश्म की नियुक्ति के बाद अभिलेखों में संदेह मिलने पर जांच कराई गई थी। पहली जांच में अभिलेख फर्जी पाए गए थे।
शिक्षिका ने आपत्ति उठाते हुए अभिलेख की दोबारा जांच कराने की मांग की। दोबारा जांच में अभिलेख सत्य पाए गए। विभाग असमंजस में पड़ गया था। दोनाें सत्यापन को विभाग ने शासन को दोबारा जांच में भेजा। बीएसए सच्चिदानंद यादव ने बताया कि तीसरी बार में शिक्षिका के अभिलेख फर्जी मिले। विगत दिनों शिक्षिका ने इस्तीफा दे दिया।
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शासन ने संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय बनारस से डिग्री हासिल करने वाले शिक्षकों की सूची विभाग से तलब की थी। जांच के बाद जिले में एक दर्जन सामने निकल कर आए थे। उनके नाम शासन को भेज दिए हैं। इस यूनिवर्सिटी पर भी एसआईटी जांच कर रही है।
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इसके अलावा केसरवानी विश्विद्यालय मध्य प्रदेश में अध्ययनरत शिक्षकों की सूची भी एसआईटी ने बेसिक शिक्षा विभाग से मांगी है। इस यूनिवर्सिटी से डिग्री हासिल करने वाले शिक्षकों पर जांच चली रही है। बीएसए सचिदानंद यादव का कहना है कि हमसे शासन रिपोर्ट मांगता है, हम उपलब्ध करा देते हैं। 151 शिक्षकों को नोटिस भेजे जाएंगे। स्पष्टीकरण नहीं मिलने पर शासन के आदेशानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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15 हजार शिक्षक भर्ती प्रक्रिया वर्ष 2016 में हुई थी। टूंडला ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय गढ़ी धर्मी में तैनात शिक्षिका रश्म की नियुक्ति के बाद अभिलेखों में संदेह मिलने पर जांच कराई गई थी। पहली जांच में अभिलेख फर्जी पाए गए थे।
शिक्षिका ने आपत्ति उठाते हुए अभिलेख की दोबारा जांच कराने की मांग की। दोबारा जांच में अभिलेख सत्य पाए गए। विभाग असमंजस में पड़ गया था। दोनाें सत्यापन को विभाग ने शासन को दोबारा जांच में भेजा। बीएसए सच्चिदानंद यादव ने बताया कि तीसरी बार में शिक्षिका के अभिलेख फर्जी मिले। विगत दिनों शिक्षिका ने इस्तीफा दे दिया।