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डेंगू और स्वाइन फ्लू के लिए टास्क फोर्स
Updated Tue, 25 Jul 2017 01:08 PM IST
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DENGUE
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आगरा। डेंगू और स्वाइन फ्लू से बचने के लिए स्वास्थ्य विभाग की पूरी तैयारी है। एसएन मेडिकल कालेज में स्वाइन फ्लू वार्ड बना हुआ है। डेंगू के मरीजों को भर्ती करने के लिए जिला अस्पताल और एसएन में वार्ड बनाया गया है। जांच और बचाव के लिए टास्क फोर्स भी बनाई गई है।
संदिग्ध मरीजों की जांच एसएन मेडिकल कालेज में निशुल्क होगी। सीएमओ डा. शेर सिंह का कहना है कि डेंगू-स्वाइन फ्लू से निपटने की पूरी तैयारी है। वार्ड भी बने हुए हैं, विशेषज्ञ चिकित्सक तैनात हैं। दवा और जांच की पूरी सुविधा है। लोगों को भी जागरूक किया जा रहा है।
डेंगू: मादा एडीज एजिप्टाई मच्छर से फैलता है। तेज सिर दर्द, बुखार रहता है। जी मिचलाने के अलावा उल्टियां भी होती हैं। नाक-मुंह और मसूड़ों से खून आने लगे तो स्थिति गंभीर है। इससे बचने के लिए आसपास पानी एकत्रित न होने दें, घरों में एंटी लारवा का छिड़काव कराएं। रात में फुल बाजू के कपड़े पहनकर सोएं। मच्छरदानी का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।
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स्वाइन फ्लू: स्वाइन फ्लू इंफ्लुएंजा ए वायरस से फैलने वाली बीमारी है। संक्रमित मरीज के संपर्क में आने से फैलती है। बुखार-खांसी के साथ छींक आती है। नाक से पानी बहता है। गले में दर्द और सांस लेने में तकलीफ रहती है। बदन दर्द, जोड़ में सूजन आ जाती है। आंखों में संक्रमण, उल्टी-दस्त की शिकायत भी रहती। इससे बचने के लिए छींकते वक्त मुंह पर रुमाल लगाएं। भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचें, मरीज के संपर्क में आने से बचें।
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संदिग्ध मरीजों की जांच एसएन मेडिकल कालेज में निशुल्क होगी। सीएमओ डा. शेर सिंह का कहना है कि डेंगू-स्वाइन फ्लू से निपटने की पूरी तैयारी है। वार्ड भी बने हुए हैं, विशेषज्ञ चिकित्सक तैनात हैं। दवा और जांच की पूरी सुविधा है। लोगों को भी जागरूक किया जा रहा है।
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डेंगू: मादा एडीज एजिप्टाई मच्छर से फैलता है। तेज सिर दर्द, बुखार रहता है। जी मिचलाने के अलावा उल्टियां भी होती हैं। नाक-मुंह और मसूड़ों से खून आने लगे तो स्थिति गंभीर है। इससे बचने के लिए आसपास पानी एकत्रित न होने दें, घरों में एंटी लारवा का छिड़काव कराएं। रात में फुल बाजू के कपड़े पहनकर सोएं। मच्छरदानी का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।
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स्वाइन फ्लू: स्वाइन फ्लू इंफ्लुएंजा ए वायरस से फैलने वाली बीमारी है। संक्रमित मरीज के संपर्क में आने से फैलती है। बुखार-खांसी के साथ छींक आती है। नाक से पानी बहता है। गले में दर्द और सांस लेने में तकलीफ रहती है। बदन दर्द, जोड़ में सूजन आ जाती है। आंखों में संक्रमण, उल्टी-दस्त की शिकायत भी रहती। इससे बचने के लिए छींकते वक्त मुंह पर रुमाल लगाएं। भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचें, मरीज के संपर्क में आने से बचें।