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मृतक आश्रित को 3.2 लाख रुपये दे बीमा कंपनी
Updated Tue, 20 Jun 2017 11:22 PM IST
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- फोटो : file photo
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मैनपुरी। बीमा करने के बाद भी महिला की मौत के बाद बीमा कंपनी ने उसकी आश्रित पुत्री को क्लेम नहीं दिया। पीड़िता की याचिका पर उपभोक्ता फोरम ने बीमा कंपनी को मृतक की पुत्री को एक माह में धनराशि 320000 का भुगतान करने को कहा है। धनराशि पर नौ प्रतिशत ब्याज तथा क्षतिपूर्ति के लिए 12 हजार रुपये देने होंगे।
मोहल्ला पुरोहिताना निवासी कुसुमलता ने जून 2012 में डाफिन टच नेटवर्क लिमिटेड सोनीपत हरियाणा से बीमा कराया था। कंपनी की शर्तों में बीमा होने के बाद दुर्घटना में मौत होने पर पांच लाख 50 हजार, अस्पताल का खर्चा 50 हजार, 50 प्रतिशत अंगभंग होने पर एक लाख, सौ प्रतिशत अंगभंग होने पर दो लाख का भुगतान करने का आश्वासन दिया।
कुसुमलता सितंबर 2012 में बरसाना गई वहां भगदड़ में उनकी मौत हो गई। पुत्री सीता निवासी पुरोहिताना ने क्लेम पाने के लिए आवेदन किया। कंपनी ने भुगतान नहीं किया। उन्होंने अधिवक्ता संजीव कुमार प्रजापति के जरिए उपभोक्ता फोरम में दावा दायर किया।
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फोरम के सदस्य राजेश यादव और विमला देवी यादव ने बीमा कंपनी को आदेश दिया कि वह मृतक की पुत्री सीता को तीन लाख 20 हजार मय नौ प्रतिशत ब्याज दावा दायर करने की तिथि से अंतिम भुगतान की तिथि तक एक माह में अदा करें। मानसिक कष्ट के लिए सात हजार और वाद व्यय के पांच हजार भी दिए जाएं।
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मोहल्ला पुरोहिताना निवासी कुसुमलता ने जून 2012 में डाफिन टच नेटवर्क लिमिटेड सोनीपत हरियाणा से बीमा कराया था। कंपनी की शर्तों में बीमा होने के बाद दुर्घटना में मौत होने पर पांच लाख 50 हजार, अस्पताल का खर्चा 50 हजार, 50 प्रतिशत अंगभंग होने पर एक लाख, सौ प्रतिशत अंगभंग होने पर दो लाख का भुगतान करने का आश्वासन दिया।
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कुसुमलता सितंबर 2012 में बरसाना गई वहां भगदड़ में उनकी मौत हो गई। पुत्री सीता निवासी पुरोहिताना ने क्लेम पाने के लिए आवेदन किया। कंपनी ने भुगतान नहीं किया। उन्होंने अधिवक्ता संजीव कुमार प्रजापति के जरिए उपभोक्ता फोरम में दावा दायर किया।
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फोरम के सदस्य राजेश यादव और विमला देवी यादव ने बीमा कंपनी को आदेश दिया कि वह मृतक की पुत्री सीता को तीन लाख 20 हजार मय नौ प्रतिशत ब्याज दावा दायर करने की तिथि से अंतिम भुगतान की तिथि तक एक माह में अदा करें। मानसिक कष्ट के लिए सात हजार और वाद व्यय के पांच हजार भी दिए जाएं।