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आलू की कीमतों ने मचाई खलबली
Updated Sun, 18 Jun 2017 12:10 AM IST
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मथुरा। कोल्ड स्टोरेज संचालकों ने इस बार समय से पहले ही आलू किसानों को किराए की पर्ची थमा दी है। इसे देखकर किसान परेशान हैं। दरअसल, आलू की गिरती कीमतों ने किसानों के साथ कोल्ड संचालकों में भी खलबली मचा दी है। किसान आलू उत्पादन की बढ़ती लागत के दौर में गिरती कीमतों को लेकर परेशान है। ऐसे में कोल्ड स्टोरेज संचालकों द्वारा समय से पहले किराए की पर्ची दिए जाने से किसानों की कमर टूट रही है।
इसके पीछे तर्क दिया जा रहा है कि आलू की कीमतों में गिरावट का दौर जारी रहा तो पिछले साल की भांति किसान आलू निकालने कोल्ड स्टोरेज नहीं पहुंचेगा। कोल्ड स्टोर संचालकों को इन विपरीत परिस्थितियों में आलू फेंकना पड़ेगा। ऐसे में कोल्ड स्टोर का किराया भी नहीं मिलेगा, जो कोल्ड स्टोर संचालकों के लिए बडे़ घाटे का सौदा होगा।
गौरतलब रहे जनपद में राया, बलदेव, फरह व मथुरा ब्लाक क्षेत्र में करीब 25 हजार से अधिक किसान 18 हजार हेक्टेयर में आलू की फसल उगाते हैं। आलू खुदाई के समय भाव कम होने पर ज्यादातर किसानों ने आलू को जिले के 42 कोल्ड स्टोरेज में रखवा देते हैं।
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वर्तमान में हालात यह है कि आलू का भाव फसल पर मिल रहे 300 रुपये बोरा के भाव से भी कम है। वर्तमान में 250 से 280 प्रति बोरा आलू का भाव है। इसमें 130 रुपये प्रति बोरा कोल्ड का किराया भी किसान को देना है। इस स्थिति में ज्यादातर किसानों ने आलू की कोल्ड से बिक्री भी नहीं की है। अक्टूबर, नवंबर माह में पंजाब, हसन की फसल आने के बाद स्थानीय आलू फेंकने के हालात हो जाती है। इसी को देख कोल्ड संचालक किसानों से आलू का किराया मांग रहे हैं।
कारब, नगला तेजा, सिहोरा के किसान रमन, पूरन सिंह, मोहन सिंह, घनश्याम ने बताया कि कोल्ड संचालक किराए की पर्ची बनाकर दे रहे हैं। किराया जमा करने के लिए दबाव बना रहे हैं।
जिला उद्यान अधिकारी मुकेश का कहना है कि अभी किसी किसान ने इसकी शिकायत नहीं है। कोल्ड संचालक अक्टूबर से पहले किराया नहीं मांग सकते हैं।
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इसके पीछे तर्क दिया जा रहा है कि आलू की कीमतों में गिरावट का दौर जारी रहा तो पिछले साल की भांति किसान आलू निकालने कोल्ड स्टोरेज नहीं पहुंचेगा। कोल्ड स्टोर संचालकों को इन विपरीत परिस्थितियों में आलू फेंकना पड़ेगा। ऐसे में कोल्ड स्टोर का किराया भी नहीं मिलेगा, जो कोल्ड स्टोर संचालकों के लिए बडे़ घाटे का सौदा होगा।
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गौरतलब रहे जनपद में राया, बलदेव, फरह व मथुरा ब्लाक क्षेत्र में करीब 25 हजार से अधिक किसान 18 हजार हेक्टेयर में आलू की फसल उगाते हैं। आलू खुदाई के समय भाव कम होने पर ज्यादातर किसानों ने आलू को जिले के 42 कोल्ड स्टोरेज में रखवा देते हैं।
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वर्तमान में हालात यह है कि आलू का भाव फसल पर मिल रहे 300 रुपये बोरा के भाव से भी कम है। वर्तमान में 250 से 280 प्रति बोरा आलू का भाव है। इसमें 130 रुपये प्रति बोरा कोल्ड का किराया भी किसान को देना है। इस स्थिति में ज्यादातर किसानों ने आलू की कोल्ड से बिक्री भी नहीं की है। अक्टूबर, नवंबर माह में पंजाब, हसन की फसल आने के बाद स्थानीय आलू फेंकने के हालात हो जाती है। इसी को देख कोल्ड संचालक किसानों से आलू का किराया मांग रहे हैं।
कारब, नगला तेजा, सिहोरा के किसान रमन, पूरन सिंह, मोहन सिंह, घनश्याम ने बताया कि कोल्ड संचालक किराए की पर्ची बनाकर दे रहे हैं। किराया जमा करने के लिए दबाव बना रहे हैं।
जिला उद्यान अधिकारी मुकेश का कहना है कि अभी किसी किसान ने इसकी शिकायत नहीं है। कोल्ड संचालक अक्टूबर से पहले किराया नहीं मांग सकते हैं।